{"_id":"5c211f89bdec2256e0514dc1","slug":"161545674633-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के मामले में दो भाइयों को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या के मामले में दो भाइयों को उम्रकैद
विज्ञापन
court
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र के शाहजहांपुर में छह साल पहले पूर्व प्रधान की दिन दहाड़े हत्या करने के आरोपी दो सगे भाइयों को न्यायालय ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सुजा सुनाई है। अपर जिला जज सप्तम तैयब अहमद की कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई हुई। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को जेल भेजा गया है।
थाना घिरोर के शाहजहांपुर निवासी पूर्व प्रधान ब्रजेंद्र सिंह उर्फ पप्पू यादव 25 अक्तूबर 2012 की शाम 4.30 बजे अपने पुत्र नीरज और गांव के पिंटू के साथ मजदूर लेेने जा रहे थे। गांव में रामब्रेश की दुकान के सामने पहले से मौजूद गांव के रामप्रकाश, विश्वप्रकाश, लपगवां के कमलेंद्र मिश्रा, अनिल उर्फ अप्पी ने ब्रजेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी।
नीरज ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच में अनिल को निर्दोष पाकर उसका नाम निकाल दिया। रामप्रकाश, विश्वप्रकाश, कमलेंद्र के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज सप्तम तैयब अहमद की कोर्ट में हुई। गवाही के आधार पर रामप्रकाश और विश्वप्रकाश को हत्या करने का दोषी पाया गया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव, राजीश यादव ने पूर्व प्रधान की हत्या करने के आरोपियों को कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने दोनों भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
पूर्व प्रधान के हत्यारोपी विश्वप्रकाश की किसी अदालत से जमानत नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। सोमवार को उसको निर्णय सुनने के लिए जेल से लाया गया। सजा सुनाए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान हत्यारोपी लपगवां निवासी कमलेंद्र मिश्रा की जमानत हो गई। उनको भी पूरा मुकदमा लड़ना पड़ा। सुनवाई के दौरान उनके खिलाफ गवाही नहीं होने पर उनको हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया।
लपगवां निवासी धर्मेंद्र मिश्रा की घिरोर में दिन दहाड़े हत्या की गई थी। हत्या की रिपोर्ट पूर्व प्रधान ब्रजेंद्र सिंह यादव के खिलाफ लिखाई गई थी। ब्रजेंद्र के खिलाफ भी कई मामले दर्ज थे। ब्रजेंद्र की हत्या की रिपोर्ट धमेंद्र के भाई कमलेंद्र के खिलाफ दर्ज कराई गई थी।
विज्ञापन
थाना घिरोर के शाहजहांपुर निवासी पूर्व प्रधान ब्रजेंद्र सिंह उर्फ पप्पू यादव 25 अक्तूबर 2012 की शाम 4.30 बजे अपने पुत्र नीरज और गांव के पिंटू के साथ मजदूर लेेने जा रहे थे। गांव में रामब्रेश की दुकान के सामने पहले से मौजूद गांव के रामप्रकाश, विश्वप्रकाश, लपगवां के कमलेंद्र मिश्रा, अनिल उर्फ अप्पी ने ब्रजेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी।
विज्ञापन
नीरज ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच में अनिल को निर्दोष पाकर उसका नाम निकाल दिया। रामप्रकाश, विश्वप्रकाश, कमलेंद्र के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज सप्तम तैयब अहमद की कोर्ट में हुई। गवाही के आधार पर रामप्रकाश और विश्वप्रकाश को हत्या करने का दोषी पाया गया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव, राजीश यादव ने पूर्व प्रधान की हत्या करने के आरोपियों को कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने दोनों भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
पूर्व प्रधान के हत्यारोपी विश्वप्रकाश की किसी अदालत से जमानत नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। सोमवार को उसको निर्णय सुनने के लिए जेल से लाया गया। सजा सुनाए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान हत्यारोपी लपगवां निवासी कमलेंद्र मिश्रा की जमानत हो गई। उनको भी पूरा मुकदमा लड़ना पड़ा। सुनवाई के दौरान उनके खिलाफ गवाही नहीं होने पर उनको हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया।
लपगवां निवासी धर्मेंद्र मिश्रा की घिरोर में दिन दहाड़े हत्या की गई थी। हत्या की रिपोर्ट पूर्व प्रधान ब्रजेंद्र सिंह यादव के खिलाफ लिखाई गई थी। ब्रजेंद्र के खिलाफ भी कई मामले दर्ज थे। ब्रजेंद्र की हत्या की रिपोर्ट धमेंद्र के भाई कमलेंद्र के खिलाफ दर्ज कराई गई थी।