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तत्कालीन एसओ और विवेचक के खिलाफ तेज हुई सीबीसीआईडी जांच
Updated Mon, 15 Oct 2018 10:20 PM IST
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तत्कालीन एसओ और विवेचक के खिलाफ तेज हुई सीबीसीआईडी जांच
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। जिले में 2016 में डकैती के एक मुकदमे की जांच तेज हो गई है। मामले में सीबीसीआईडी हर स्तर पर गहनता से जांच में जुटी है। बताया जाता है कि मामले में तत्कालीन एसओ और विवेचक पर कार्रवाई होने के आसार हैं।
जिले में 22 मई 2016 को जैथरा थाना क्षेत्र में डकैती की वारदात का मुकदमा विलंब से दर्ज करने की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को दर्ज कराई गई थी। इसके बाद तत्कालीन सीओ धर्म सिंह ने तत्कालीन एसओ कैलाशचंद्र दुबे को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। 18 दिन बाद मामला दर्ज होने के बाद मामले की जांच अलीगंज थाने में तैनात मदन मुरारी द्विवेदी को सौंपी गई। मामले की जांच के बाद तत्कालीन एएसपी क्राइम अनूप कुमार ने रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी। जांच रिपोर्ट के बाद पाया गया कि विवेचना में पांच आरोपियों के नाम निकाल दिए गए और मामले में डकैती से हटाकर मारपीट में तरमीम कर दिया गया। पीड़ित बिजेंद्र सिंह ने शासन से मामले की शिकायत करते हुए सक्षम एजेंसी से जांच कराने की मांग की। इसके बाद प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच अपराध शाखा अपराध अनुसंधान विभाग को सौंप दी है। अब अपराध अनुसंधान विभाग तेजी से मामले की जांच में जुटा है। सूत्र बताते हैं कि जांच में सीबीसीआईडी को ऐसे तथ्य मिले हैं, जिसके आधार पर एसओ और विवेचक की गर्दन फंसती नजर आ रही है। साथ ही सीबीसीआईडी ने मामले की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन से कार्रवाई के आदेश होने के बाद दागी अफसरों पर जल्द ही गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।
मैंने शासन को पूरे प्रकरण से अवगत कराया था। इसके बाद सीबीसीआईडी ने मामले की जांच की है। जल्द ही कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। मुझे न्याय मिलने की पूरी उम्मीद नजर आ रही है।
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बिजेंद्र सिंह, पीड़ित
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जिले में 22 मई 2016 को जैथरा थाना क्षेत्र में डकैती की वारदात का मुकदमा विलंब से दर्ज करने की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को दर्ज कराई गई थी। इसके बाद तत्कालीन सीओ धर्म सिंह ने तत्कालीन एसओ कैलाशचंद्र दुबे को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। 18 दिन बाद मामला दर्ज होने के बाद मामले की जांच अलीगंज थाने में तैनात मदन मुरारी द्विवेदी को सौंपी गई। मामले की जांच के बाद तत्कालीन एएसपी क्राइम अनूप कुमार ने रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी। जांच रिपोर्ट के बाद पाया गया कि विवेचना में पांच आरोपियों के नाम निकाल दिए गए और मामले में डकैती से हटाकर मारपीट में तरमीम कर दिया गया। पीड़ित बिजेंद्र सिंह ने शासन से मामले की शिकायत करते हुए सक्षम एजेंसी से जांच कराने की मांग की। इसके बाद प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच अपराध शाखा अपराध अनुसंधान विभाग को सौंप दी है। अब अपराध अनुसंधान विभाग तेजी से मामले की जांच में जुटा है। सूत्र बताते हैं कि जांच में सीबीसीआईडी को ऐसे तथ्य मिले हैं, जिसके आधार पर एसओ और विवेचक की गर्दन फंसती नजर आ रही है। साथ ही सीबीसीआईडी ने मामले की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन से कार्रवाई के आदेश होने के बाद दागी अफसरों पर जल्द ही गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।
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मैंने शासन को पूरे प्रकरण से अवगत कराया था। इसके बाद सीबीसीआईडी ने मामले की जांच की है। जल्द ही कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। मुझे न्याय मिलने की पूरी उम्मीद नजर आ रही है।
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बिजेंद्र सिंह, पीड़ित