{"_id":"5b391a0b4f1c1b6c4d8b9a6f","slug":"161530468875-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसात में फिर टापू बनेंगे शहर के गली-मोहल्ले परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसात में फिर टापू बनेंगे शहर के गली-मोहल्ले परेशान
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:51 PM IST
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नालाों की नहीं हुइऱ्ई सपऊफाइऱ्ई
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में बरसात की मौसम शुरू हो चुका है लेकिन नगर निगम प्रशासन ने शहर में जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों में कोई स्थाई इंतजाम तक नहीं कराया गया। ऐसी स्थिति में बरसात शुरू होते ही शहर के कई मोहल्ले टापू बने नजर आएंगे।
नगर निगम प्रशासन ने विकास के नाम पर भले ही करोड़ों रुपया खर्च कर दिया है, परंतु आजतक शहर में ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका। नगर निगम का दर्जा मिले चार साल होने जा रहे हैं। इन चार सालों में विकास के नाम पर अफसरों ने मनमाने रूप से बजट खर्च किया, परंतु शहर में सालों से गंभीर हो चुकी जलभराव की समस्या आजतक स्थाई निदान करने की दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ। यही कारण है कि शहर में जरा सी बरसात होते ही तमाम गली-मोहल्ले टापू बन जाते हैं। शहर से सटी 13 ग्रामसभाओं व नई आबादी के क्षेत्रों में बरसात के दिनों में हालात बद से बदत्तर हो जाते हैं।
कई मोहल्ले तो ऐसे हैं, जहां लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो जाते हैं। शहर की नई आबादी, 13 ग्रामसभाओं से जुड़े 60 प्रतिशत क्षेत्रों में आजतक जलनिकासी का कोई इंतजाम नहीं हो सका। वर्षों बाद भी क्षेत्र में कच्ची गलियां पड़ी हैं। जहां नाली है न खरंजा। ऐसे हाल में कई क्षेत्रों में हर समय जलभराव की समस्या से जनता को जूझना पड़ता है। बरसात का मौसम शुरू होते ही शहर की जनता को फिर से गली-मोहल्लों में जलभराव की चिंता सता रही है।
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पेमेश्वर गेट पुल, चंद्रवार गेट पुल, नई बस्ती, करबला, रामलीला चौराहा, बोधाश्रम, मथुरा नगर, गांधीपार्क, तिलक नगर, महादेव नगर, कैलाश नगर, मोहल्ला कुरैशियान, कोहिनूर रोड, नूरनगर, बीपीएल ग्राउंड, न्यू रामगढ़, लालपुर हजीरा, दुर्गेश नगर, नीबू वाला बाग, जाटवपुरी, आकाशवाणी रोड, रसूलपुर डाकबंगला, किशन नगर, उर्दूनगर, शांतिनगर, कश्मीरी गेट, दीदामई, नगला कोठी।
जिला अस्पताल के सामने एनएचएआई ने जब नाला बनवाया है, तब से आजतक नाले की तलीझाड़ सफाई नहीं कराई गर्ई। पूरा नाला चौक पड़ा है। दस मिनट की बरसात में पूरे सर्विस रोड पर जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है।
- विजेंद्र यादव, दवा विक्रेता
नगर निगम मार्केट में सालों की जलभराव की समस्या बनी हुई है। दुकानदार कई बार महापौर व नगर निगम के अधिकारी लिखित में शिकायत कर चुके हैं, परंतु आजतक समस्या का स्थाई निदान नहीं किया।
- राजेश शर्मा, मोटर पार्ट्स विक्रेता
क्षेत्र में कई गलियां आज भी कच्ची पड़ी हैं। जरा सी बरसात होते ही पूरा क्षेत्र दलदल में तब्दील हो जाता है। बरसात में लोग नारकीय हालात में जीने को मजबूर होते हैं।
- आमिर, मोमिन नगर
आठ साल से क्षेत्र की जनता गंदगी व जलभराव की समस्या से जूझ रही है। बरसात के दिनों में घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। आज तक समस्या दूर नहीं हो सकी।
अब्दुल रसीद, किशन नगर
वार्ड नंबर 61 के मोहल्ला रामगढ़ रोड व कोहिनूर रोड पर सालों से जलभराव की समस्या है। इसका प्रमुख कारण नालों की तलीझाड़ सफाई न होना है। जलभराव की समस्या दूर करने को प्रस्ताव भी दिया है, परंतु बोर्ड मीटिंग न होने के कारण प्रस्ताव पास नहीं हो सका।
- मो. रिहान, पार्षद पति
वार्ड नंबर 57 के मोहल्ला कश्मीरी गेट, नूर नगर क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या है। चुनाव हुए आठ महीने गुजर गए हैं, पंरतु पूरे वार्ड में अबतक कोई समस्या दूर नहीं हो सकी। बरसात के दिनों में हालात गंभीर हो जाते हैं।
- शारिक सलीम, पार्षद
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नगर निगम प्रशासन ने विकास के नाम पर भले ही करोड़ों रुपया खर्च कर दिया है, परंतु आजतक शहर में ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका। नगर निगम का दर्जा मिले चार साल होने जा रहे हैं। इन चार सालों में विकास के नाम पर अफसरों ने मनमाने रूप से बजट खर्च किया, परंतु शहर में सालों से गंभीर हो चुकी जलभराव की समस्या आजतक स्थाई निदान करने की दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ। यही कारण है कि शहर में जरा सी बरसात होते ही तमाम गली-मोहल्ले टापू बन जाते हैं। शहर से सटी 13 ग्रामसभाओं व नई आबादी के क्षेत्रों में बरसात के दिनों में हालात बद से बदत्तर हो जाते हैं।
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कई मोहल्ले तो ऐसे हैं, जहां लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो जाते हैं। शहर की नई आबादी, 13 ग्रामसभाओं से जुड़े 60 प्रतिशत क्षेत्रों में आजतक जलनिकासी का कोई इंतजाम नहीं हो सका। वर्षों बाद भी क्षेत्र में कच्ची गलियां पड़ी हैं। जहां नाली है न खरंजा। ऐसे हाल में कई क्षेत्रों में हर समय जलभराव की समस्या से जनता को जूझना पड़ता है। बरसात का मौसम शुरू होते ही शहर की जनता को फिर से गली-मोहल्लों में जलभराव की चिंता सता रही है।
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पेमेश्वर गेट पुल, चंद्रवार गेट पुल, नई बस्ती, करबला, रामलीला चौराहा, बोधाश्रम, मथुरा नगर, गांधीपार्क, तिलक नगर, महादेव नगर, कैलाश नगर, मोहल्ला कुरैशियान, कोहिनूर रोड, नूरनगर, बीपीएल ग्राउंड, न्यू रामगढ़, लालपुर हजीरा, दुर्गेश नगर, नीबू वाला बाग, जाटवपुरी, आकाशवाणी रोड, रसूलपुर डाकबंगला, किशन नगर, उर्दूनगर, शांतिनगर, कश्मीरी गेट, दीदामई, नगला कोठी।
जिला अस्पताल के सामने एनएचएआई ने जब नाला बनवाया है, तब से आजतक नाले की तलीझाड़ सफाई नहीं कराई गर्ई। पूरा नाला चौक पड़ा है। दस मिनट की बरसात में पूरे सर्विस रोड पर जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है।
- विजेंद्र यादव, दवा विक्रेता
नगर निगम मार्केट में सालों की जलभराव की समस्या बनी हुई है। दुकानदार कई बार महापौर व नगर निगम के अधिकारी लिखित में शिकायत कर चुके हैं, परंतु आजतक समस्या का स्थाई निदान नहीं किया।
- राजेश शर्मा, मोटर पार्ट्स विक्रेता
क्षेत्र में कई गलियां आज भी कच्ची पड़ी हैं। जरा सी बरसात होते ही पूरा क्षेत्र दलदल में तब्दील हो जाता है। बरसात में लोग नारकीय हालात में जीने को मजबूर होते हैं।
- आमिर, मोमिन नगर
आठ साल से क्षेत्र की जनता गंदगी व जलभराव की समस्या से जूझ रही है। बरसात के दिनों में घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। आज तक समस्या दूर नहीं हो सकी।
अब्दुल रसीद, किशन नगर
वार्ड नंबर 61 के मोहल्ला रामगढ़ रोड व कोहिनूर रोड पर सालों से जलभराव की समस्या है। इसका प्रमुख कारण नालों की तलीझाड़ सफाई न होना है। जलभराव की समस्या दूर करने को प्रस्ताव भी दिया है, परंतु बोर्ड मीटिंग न होने के कारण प्रस्ताव पास नहीं हो सका।
- मो. रिहान, पार्षद पति
वार्ड नंबर 57 के मोहल्ला कश्मीरी गेट, नूर नगर क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या है। चुनाव हुए आठ महीने गुजर गए हैं, पंरतु पूरे वार्ड में अबतक कोई समस्या दूर नहीं हो सकी। बरसात के दिनों में हालात गंभीर हो जाते हैं।
- शारिक सलीम, पार्षद