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फाग बरसाने होली खेलन आए हैं नटवर नंद किशोर
Updated Mon, 19 Feb 2018 08:18 PM IST
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होली
- फोटो : डेमो
मथुरा। ठाकुर हमरे रमणबिहारी हम हैं रमणबिहारी के। इस भजन के साथ रमणरेती में जमकर फूलों की होली खेली गई। संतों ने भक्तों को खूब रंग लगाया। रंगों में तरबतर हो गया था हर कोई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की ऐसी धूम मची कि हर कोई भगवान के भजनों पर झूमता नजर आया।
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रमणरेती आश्रम में सुबह से ही भगवान के भजन गूंजने लगे। बड़ी दूर-दूर से भक्त होली खेलने के लिए पहुंचे। किसी के हाथ में गुलाल था कोई पिचकारी लिए था। मंच पर ब्रज की होली को दर्शाने के लिए करीब दो घंटे तक मंचन हुआ। भगवान कृष्ण और राधा का स्वरूप लेकर मंच पर पहुंचे कलाकारों ने ऐसी प्रस्तुति दी कि हर कोई झूमने लगा। किस तरह से कान्हा अपने साथियों के साथ होली खेलने बरसाने जाते हैं। वहां राधारानी और उनकी सखियां उनके साथ होली खेलती हैं।
लठामार होली का भी मंच पर आयोजन हुआ। सबसे पहले फूलों की होली खेली गई।
कार्ष्णि गुरु शरणानंद जब होली खेलने के लिए लोगों के बीच पहुंचे तो जयकारे गूंजने लगे। पहले फूलों की होली खेली गई फिर गुलाल उड़ाया गया। पिचकारी से भी लोगों पर रंग बखेरा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की मुबारकबाद दी गई। यहां खूब गुलाल उड़ा। कार्ष्णि गुरु शरणानंद के साथ भी लोगों ने होली खेली। रमणरेती आश्रम में होली के साथ ही रंगोत्सव का आगाज हो गया है।
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कार्ष्णि गुरु शरणानंद जब होली खेलने के लिए लोगों के बीच पहुंचे तो जयकारे गूंजने लगे। पहले फूलों की होली खेली गई फिर गुलाल उड़ाया गया। पिचकारी से भी लोगों पर रंग बखेरा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की मुबारकबाद दी गई। यहां खूब गुलाल उड़ा। कार्ष्णि गुरु शरणानंद के साथ भी लोगों ने होली खेली। रमणरेती आश्रम में होली के साथ ही रंगोत्सव का आगाज हो गया है।
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