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बीमारी ने किया कमजोर, तंग आकर सीआरपीएफ के एएसआई ने खुद को गोली मारी

Wed, 06 Dec 2017 11:24 PM IST
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:24 PM IST
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बीमारी ने किया कमजोर, तंग आकर सीआरपीएफ के एएसआई ने खुद को गोली मारी
सीआरपीएफ जवान की मौत पर ‌ब‌िलखते घरवाले - फोटो : amar ujala
किशनी(मैनपुरी)। बीमारी से शारीरिक रूप से कमजोर कर दिया। इस कारण कमांडिंग अफसर ने स्वास्थ्य अवकाश दे दिया। इस दौरान साथी नक्सली क्षेत्र में गश्त पर जाते और वह यूनिट पर रहते। कमजोरी और बीमारी से तंग आकर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में तैनात सीआरपीएफ के एएसआई जवाहर लाल जाटव ने पांच दिसंबर को खुद को गोली मार ली। बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर विकासखंड क्षेत्र के गांव सतियाहार पहुंचा जहां सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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उनके पार्थिव शरीर के साथ आए असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर अवधेश अहमद ने बताया कि एएसआई जवाहर लाल 229वीं बटालियन की ई-कंपनी में तैनात थे। उनकी तैनाती बीजापुर जनपद के मोरकिनार में थी।
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उन्हें छत्तीसगढ़ में मलेरिया हो गया था। वह बेहद कमजोर हो गए थे। भाई किशोरी लाल और भांजा अनिल उन्हें एक माह की छुट्टी पर घर ले आए थे। इलाज के दौरान आराम न मिलने पर वह एक माह बिना छुट्टी के ही घर पर रुक गए थे।
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लेकिन जब यूनिट ने उन्हें नोटिस दिया तब वह सात नवंबर को यूनिट में वापस चले गए थे। सीओ कर्नल टी विश्वनाथ ने भी उन्हें एक माह का अवकाश दे दिया था। इसी कारण जब यूनिट के बाकी सदस्य जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ कांबिंग करने जाते थे तो जवाहरलाल यूनिट में ही रहते थे।

उनके नाम पर कोई रायफल भी जारी नहीं की गई थी। साथी जवान अवधेश अहमद के अनुसार जवाहरलाल बीमारी के कारण बेचैन रहने लगे थे। शायद इसी कारण उन्होंने पांच दिसंबर की शाम करीब छह बजे साथी की इंसास राइफल लेकर खुद को गोली मार ली। बाद में बीजापुर से रायपुर तक उनके पार्थिव शरीर को हेलीकॅप्टर द्वारा लाया गया तथा रायपुर से वायुसेना के जहाज एएन32 द्वारा दिल्ली लाया गया।

दिल्ली से सीआरपीएफ की 194वीं बटालियन के जवान उनके पार्थिव शरीर को अपने वाहन द्वारा उनके गांव तक लाए। उनका पार्थिव शरीर जब सतियाहार गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। करीब तीन घंटे बाद पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। जवानों ने गार्ड आफ आनर दिया। उसके पुत्र शिवम ने मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा गांव वहां मौजूद रहा।

जब सीआरपीएफ जवान पार्थिव शरीर लेकर श्मशान की ओर ले जाने लगे तो गांव की एक महिला ने परिवारीजनों को भड़काने की कोशिश की। उनका कहना था कि यदि दाह संस्कार को रोक दिया जाए तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी यहां आने को मजबूर हो जाएंगे। इस बीच एक महिला ताबूत को पकड़ कर लटक गई।


सीआरपीएफ जवान ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने जवान पर थप्पड़ चला दिया, लेकिन जवान ने अपना धैर्य नहीं खोया और चुपचाप स्थिति को संभाल लिया। इसके बाद मृतक जवान के परिवारीजनों ने स्थिति को संभाल लिया।
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