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रेलवे ने अंडर पास तोड़ने का काम रोका, लगा जाम
Updated Sun, 26 Nov 2017 11:05 PM IST
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रेलवे ने अंडर पास तोड़ने का काम रोका, लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
कासगंज-मथुरा-बरेली रोड पर बांकनेर पुरानी चुंगी के पास के अंडर पास रेलवे पुल के ध्वस्तीकरण का कार्य रेलवे ने बीच में ही छोड़ दिया। इस पुल के ऊपर से गुजरने वाली रेल पटरी और निर्माण को ही हटाया गया है जिससे यातायात संचालन में परेशानी आ रही है।
गौरतलब है कि वर्षों पूर्व कासगंज-बरेली रेलमार्ग के लिए कासगंज-मथुरा-बरेली रोड पर रेलवे अंडर पास का निर्माण किया गया। इस पुल की चौड़ाई काफी कम रखी गई। जिससे पुल के नीचे से केवल एक ओर के ही वाहन गुजर पाते हैं। कासगंज,-बरेली-मथुरा रोड के करीब 25 हजार से अधिक वाहनों का दबाव रहता है। इस अंडरपास के ऊपर रेल मार्ग जर्जर होने के कारण उसके पत्थर, ईंटें और बाउंड्री टूटने लगी थी। इस पर चलते ट्वीटर की शिकायतों के आधार रेल मंत्रालय ने शिकायतों को संज्ञान लेकर अंडरपास को ध्वस्त करने के निर्देश दिए। इन निर्देशों के मुताबिक रेलवे ने केवल पुल के ऊपर का निर्माण और पटरियां ही उखाड़ी, जबकि अंडर पास की दोनों ओर की दीवारें छोड़ दी। गौरतलब है कि फोरलेन सड़क योजना के अंतर्गत रेलवे प्रशासन को नए फोरलेन मानक के अनुरूप अंडरपास के निर्माण को धन हस्तांतरित किया जा चुका है, लेकिन रेलवे प्रशासन की इस मामले में ढिलाई चल रही है। पुल की दीवारें हटाकर अस्थायी तौर पर मार्ग का सुगम यातायात के लिए चौड़ीकरण किया जा सकता है, लेकिन रेल प्रशासन ने आंख मूंद ली है। लोगों में रेलवे के इस रवैया के प्रति आक्रोश है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सतीश गुप्ता एवं नगर अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल ने रेलवे प्रशासन एवं जिला प्रशासन से अंडरपास की दीवारें तुड़वाकर चौड़ीकरण की मांग उठाई है।
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कासगंज-मथुरा-बरेली रोड पर बांकनेर पुरानी चुंगी के पास के अंडर पास रेलवे पुल के ध्वस्तीकरण का कार्य रेलवे ने बीच में ही छोड़ दिया। इस पुल के ऊपर से गुजरने वाली रेल पटरी और निर्माण को ही हटाया गया है जिससे यातायात संचालन में परेशानी आ रही है।
गौरतलब है कि वर्षों पूर्व कासगंज-बरेली रेलमार्ग के लिए कासगंज-मथुरा-बरेली रोड पर रेलवे अंडर पास का निर्माण किया गया। इस पुल की चौड़ाई काफी कम रखी गई। जिससे पुल के नीचे से केवल एक ओर के ही वाहन गुजर पाते हैं। कासगंज,-बरेली-मथुरा रोड के करीब 25 हजार से अधिक वाहनों का दबाव रहता है। इस अंडरपास के ऊपर रेल मार्ग जर्जर होने के कारण उसके पत्थर, ईंटें और बाउंड्री टूटने लगी थी। इस पर चलते ट्वीटर की शिकायतों के आधार रेल मंत्रालय ने शिकायतों को संज्ञान लेकर अंडरपास को ध्वस्त करने के निर्देश दिए। इन निर्देशों के मुताबिक रेलवे ने केवल पुल के ऊपर का निर्माण और पटरियां ही उखाड़ी, जबकि अंडर पास की दोनों ओर की दीवारें छोड़ दी। गौरतलब है कि फोरलेन सड़क योजना के अंतर्गत रेलवे प्रशासन को नए फोरलेन मानक के अनुरूप अंडरपास के निर्माण को धन हस्तांतरित किया जा चुका है, लेकिन रेलवे प्रशासन की इस मामले में ढिलाई चल रही है। पुल की दीवारें हटाकर अस्थायी तौर पर मार्ग का सुगम यातायात के लिए चौड़ीकरण किया जा सकता है, लेकिन रेल प्रशासन ने आंख मूंद ली है। लोगों में रेलवे के इस रवैया के प्रति आक्रोश है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सतीश गुप्ता एवं नगर अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल ने रेलवे प्रशासन एवं जिला प्रशासन से अंडरपास की दीवारें तुड़वाकर चौड़ीकरण की मांग उठाई है।
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