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कर्जमाफी योजना की विसंगतियों को दूर करे सरकार
Updated Mon, 14 Aug 2017 08:35 PM IST
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- फोटो : demo
वृंदावन (मथुरा)। भारतीय किसान यूनियन भानू की सोमवार को गुरुकुल विश्वविद्यालय के मैदान में हुई सभा में किसानों की समस्याओं पर केंद्र और प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया। किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर वादा खिलाफी के भी आरोप लगाए।
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि कारगर कृषि नीति न होने के चलते किसानों की हालत देश में आज सबसे खराब है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से कर्जमाफी की विसंगितयों को दूर कर सभी किसानों के बैंक फसली ऋण माफ किए जाने की मांग की। राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र प्रसाद शास्त्री ने कहा कि किसानों को भी सिंचाई के लिए विद्युत कनेक्शन दिया जाए। उधर, सभा में कृषि उत्पादन के समर्थन मूल्य में 50 प्रतिशत अन्य खर्चे जोड़कर मूल्य तय करने, रंगराजन समिति की विसंगतियों को दूर करने, गन्ना किसानों का बकाया 2000 करोड़ ब्याज सहित दिलाने और 60 वर्ष पूर्ण कर चुके किसानों को 5000 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने संबंधी मांग पत्र पर चर्चा की गई। सभा में हरीश ठेनुआ, रतन सिंह, ठा. रीतराम, रमेश सिकरवार, रविकांत गौतम, भगवान दास चौधरी, सुरेंद्र प्रधान, रामप्रकाश फौजदार, सुनील सिंह, ओम प्रकाश पचौरी, तेज सिंह, ब्रजेंश चौधरी आदि रहे।
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भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि कारगर कृषि नीति न होने के चलते किसानों की हालत देश में आज सबसे खराब है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से कर्जमाफी की विसंगितयों को दूर कर सभी किसानों के बैंक फसली ऋण माफ किए जाने की मांग की। राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र प्रसाद शास्त्री ने कहा कि किसानों को भी सिंचाई के लिए विद्युत कनेक्शन दिया जाए। उधर, सभा में कृषि उत्पादन के समर्थन मूल्य में 50 प्रतिशत अन्य खर्चे जोड़कर मूल्य तय करने, रंगराजन समिति की विसंगतियों को दूर करने, गन्ना किसानों का बकाया 2000 करोड़ ब्याज सहित दिलाने और 60 वर्ष पूर्ण कर चुके किसानों को 5000 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने संबंधी मांग पत्र पर चर्चा की गई। सभा में हरीश ठेनुआ, रतन सिंह, ठा. रीतराम, रमेश सिकरवार, रविकांत गौतम, भगवान दास चौधरी, सुरेंद्र प्रधान, रामप्रकाश फौजदार, सुनील सिंह, ओम प्रकाश पचौरी, तेज सिंह, ब्रजेंश चौधरी आदि रहे।
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