एटा में भाजपा की जय-जय, जमकर चला मोदी मैजिक

Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 24 May 2019 12:12 AM IST
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एटा। पूरे देश में चले मोदी मैजिक का असर एटा में भी खूब दिखाई दिया। एटा की चारों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा की ही जय जय हुई। एटा हो या जलेसर, अलीगंज हो या मारहरा, हर ओर मतदाताओं ने मोदी और राष्ट्रवाद के नाम पर जमकर मतदान किया। यहां की एटा और मारहरा से भाजपा के राजवीर, अलीगंज से मुकेश राजपूत और जलेसर से एसपी सिंह बघेल को मतदाताओं का भरपूर आशीर्वाद मिला।
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जनपद में तीन चरणों में मतदान हुआ था। यहां आगरा, एटा और फर्रुखाबाद लोकसभा सीट के लिए चार विधानसभा क्षेत्र में मतदान होना था। आगरा लोकसभा क्षेत्र की जलेसर विधानसभा क्षेत्र में 18 अप्रैल को, एटा लोकसभा क्षेत्र के लिए एटा सदर और मारहरा विधानसभा क्षेत्र के लिए 23 अप्रैल को मतदान हुआ। जबकि फर्रुखाबाद क्षेत्र के लिए अलीगंज में 29 अप्रैल को मतदान हुआ। इसके बाद से इन सीटों पर कड़ी टक्कर होना बताया जा रहा था। जबकि गुरुवार को जब मतगणना शुरु हुई तो जलेसर छोड़कर अन्य सीटों पर प्रथम चरण से ही भाजपा की जय जयकार होती दिखाई दी। जलेसर में पहले चरण से ही कड़ी टक्कर दिखाई दी, लेकिन अंत तक आते आते भाजपा प्रत्याशी एस पी सिंह बघेल 6024 वोटों से जीत गए। यहां से एसपी सिंह बघेल को 94854 जबकि गठबंधन के बसपा प्रत्याशी मनोज सोनी को 88830 वोट मिले। वहीं अलीगंज, मारहरा और एटा में स्थिति पहले चरण से ही साफ थी। फर्रुखाबाद लोकसभा की अलीगंज विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी मुकेश राजपूत 48835 वोटों से विजयी हुए। इस सीट पर मुकेश राजपूत को 115002 जबकि मनोज अग्रवाल को 71167 वोट मिले। वहीं एटा लोकसभा क्षेत्र की मारहरा सीट पर भाजपा प्रत्याशी राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया को 105376, जबकि देवेंद्र यादव को 84804 वोट मिले। इस विधानसभा क्षेत्र पर भाजपा प्रत्याशी 20572 वोटों से जीते। वहीं एटा सदर सीट से भाजपा के प्रत्याशी ने 14201 वोटों से जीत हासिल की। यहां भाजपा प्रत्याशी राजवीर सिंह को 101514 जबकि सपा प्रत्याशी देवेंद्र को 87313 वोट मिले।


कैसे पचेगी अलीगंज में गठबंधन की हार
अलीगंज में गठबंधन की हार बड़े सवाल खड़े कर रही है। यहां बसपा का हारना बड़ी बात मानी जा रही है। यहां लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा सपा की जीत तय मानी जाती है। 2017 का विधानसभा चुनाव छोड़ दें तो हर बार यहां सपा की जीत हुई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां से सपा प्रत्याशी रामेश्वर यादव को डेढ़ लाख से अधिक मत मिले थे। जबकि इस बार गठबंधन के प्रत्याशी 88830 वोट ही मिल सके। ऐसे में किसी को भी अलीगंज में गठबंधन की हार पच नहीं रही है।

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