{"_id":"5b4251ed4f1c1b84468b5516","slug":"153107300415-firozabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिव्यांगों के बनेंगे यूडीआईडी कार्ड, आनलाइन होगी पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिव्यांगों के बनेंगे यूडीआईडी कार्ड, आनलाइन होगी पहचान
Updated Sun, 08 Jul 2018 11:41 PM IST
विज्ञापन
demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। दिव्यांगजनों को विशिष्ट पहचान देने की कवायद शुरू हो गई है। जल्द ही दिव्यांगजनों को यूनिक डिसेब्लिटी आईडी (यूडीआईडी) नंबर मिल जाएगा। जनसेवा केंद्रों के माध्यम से यह कार्य तेजी से चल रहा है। यूनिक आईडी होने से दिव्यांगजन सरकार से मिल रही सुविधाओं व रियायतों का लाभ प्रदेश से बाहर भी उठा सकेंगे। जिले में करीब 15000 दिव्यांगजनों की यूनिक आईडी बनाई जाएगी।
वर्तमान में दिव्यांगजनों को प्रदेश से बाहर जाने पर मुफ्त यात्र व अन्य रियायत का लाभ नहीं मिल पाता या परेशानी का सामना करना पड़ता है। नौकरी के लिए आवेदन में कई बार समस्या होती है। यूनिक आईडी से दिव्यांगजनों को देशभर में विशिष्ट पहचान मिल जाएगी। यूनिक आईडी बनने के बाद दिव्यांग प्रमाण पत्र में किसी तरह का बदलाव संभव नहीं होगा।
पांच पकड़े जा चुके हैं फर्जी मामले
यूनिक आईडी कार्ड बनवाने के लिए फर्जी मामले पकड़े जा चुके हैं। दिव्यांग न होते हुए भी लोगों ने फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बनवा लिया था। इसका कई दिनों से लाभ लिया जा रहा था। वहीं, कम विकलांगता को ज्यादा विकलांग प्रतिशत में दिखाकर फर्जीवाड़ा किया था। हालांकि विभाग ने उन लोगों केे खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। मगर यह जानने का प्रयास नहीं किया कि फर्जीवाड़ा करने का खेल सीएमओ दफ्तर में खेला जा रहा है या फिर बाहर।
विज्ञापन
यूनिक आईडी कार्ड में थोड़ा समय लगेगा। यूनिक आईडी से दिव्यांगजनों को काफी सुविधा रहेगी। इसका प्रदेश से बाहर भी लाभ उठा सकेंगे। फर्जीवाड़े के केस भी निकलकर आए हैं।
डा. एसके दीक्षित, सीएमओ
विज्ञापन
वर्तमान में दिव्यांगजनों को प्रदेश से बाहर जाने पर मुफ्त यात्र व अन्य रियायत का लाभ नहीं मिल पाता या परेशानी का सामना करना पड़ता है। नौकरी के लिए आवेदन में कई बार समस्या होती है। यूनिक आईडी से दिव्यांगजनों को देशभर में विशिष्ट पहचान मिल जाएगी। यूनिक आईडी बनने के बाद दिव्यांग प्रमाण पत्र में किसी तरह का बदलाव संभव नहीं होगा।
विज्ञापन
पांच पकड़े जा चुके हैं फर्जी मामले
यूनिक आईडी कार्ड बनवाने के लिए फर्जी मामले पकड़े जा चुके हैं। दिव्यांग न होते हुए भी लोगों ने फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बनवा लिया था। इसका कई दिनों से लाभ लिया जा रहा था। वहीं, कम विकलांगता को ज्यादा विकलांग प्रतिशत में दिखाकर फर्जीवाड़ा किया था। हालांकि विभाग ने उन लोगों केे खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। मगर यह जानने का प्रयास नहीं किया कि फर्जीवाड़ा करने का खेल सीएमओ दफ्तर में खेला जा रहा है या फिर बाहर।
विज्ञापन
यूनिक आईडी कार्ड में थोड़ा समय लगेगा। यूनिक आईडी से दिव्यांगजनों को काफी सुविधा रहेगी। इसका प्रदेश से बाहर भी लाभ उठा सकेंगे। फर्जीवाड़े के केस भी निकलकर आए हैं।
डा. एसके दीक्षित, सीएमओ