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हाथ में लै चांदी की पिचकारी, होली खेल रहे बांकेबिहारी...
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वृंदावन (मथुरा)। तीर्थ नगरी में पांच दिवसीय होली महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को मंदिरों व सड़कों पर होली की धूम रही। कीर्तन मंडलियों के गीतों की धुन पर आराध्य ने नगर भ्रमण किया तो वहीं भक्तों ने बांकेबिहारी, राधावल्लभ व राधा सनेह बिहारी में फूलों व रंगों की होली का आनंद लिया। सुबह बिहारी जी मंदिर में शृंगार आरती के साथ ही रंग शुरू हुआ।
सेवायतों ने मंदिर के पीछे बनी हौजों में टेसू के रंगों को तैयार कर लिया था। पिचकारियों की धार से श्रद्धालु तर-बतर नजर आए। मंदिर में उड़ता अबीर-गुलाल के बीच ठाकुर जी की मनोहारी झांकी भी नयनाभिराम थी। अपने आराध्य की एक झलक पाने को भक्त भी लालायित दिखे। वहीं राधावल्लभ मंदिर के सेवायतों ने चांदी की पिचकारी से भक्तों पर टेसू के रंग की वर्षा की।
तभी मंदिर प्रांगण राधावल्लभ लाल के जयकारे से गूंज उठा। राधा सनेह बिहारी में शाम को भक्तों ने फूलों की होली खेली। भक्तों ने कीर्तन मंडली द्वारा प्रस्तुत भजनों की धुन पर नगर परिक्रमा की। मृदुलकांत शास्त्री के नेतृत्व में राजस्थान, बंगाल, महाराष्ट्र आदि राज्यों से आए भक्तों ने ठाकुर जी का डोला निकाला।
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सेवायतों ने मंदिर के पीछे बनी हौजों में टेसू के रंगों को तैयार कर लिया था। पिचकारियों की धार से श्रद्धालु तर-बतर नजर आए। मंदिर में उड़ता अबीर-गुलाल के बीच ठाकुर जी की मनोहारी झांकी भी नयनाभिराम थी। अपने आराध्य की एक झलक पाने को भक्त भी लालायित दिखे। वहीं राधावल्लभ मंदिर के सेवायतों ने चांदी की पिचकारी से भक्तों पर टेसू के रंग की वर्षा की।
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तभी मंदिर प्रांगण राधावल्लभ लाल के जयकारे से गूंज उठा। राधा सनेह बिहारी में शाम को भक्तों ने फूलों की होली खेली। भक्तों ने कीर्तन मंडली द्वारा प्रस्तुत भजनों की धुन पर नगर परिक्रमा की। मृदुलकांत शास्त्री के नेतृत्व में राजस्थान, बंगाल, महाराष्ट्र आदि राज्यों से आए भक्तों ने ठाकुर जी का डोला निकाला।
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