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शव देखकर मची चीत्कार, रोया नेकापुर, अस्यौली और बेलाहार

Wed, 26 Sep 2018 10:17 PM IST
Updated Wed, 26 Sep 2018 10:17 PM IST
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शव देखकर मची चीत्कार, रोया नेकापुर, अस्यौली और बेलाहार
मैनपुरी/दन्नाहार। गांव नेकापुर और अस्यौली में दूसरे दिन भी मातम छाया रहा। गांव में सैकड़ों की संख्या में पड़ोसी गांवों से लोग पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचे। नेकापुर में तीन शवों को गांव में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, मुस्कान के शव को पैतृक गांव बेलाहार भेजा गया। अस्यौली में नम आंखों के बीच भाई-बहन के शवों को दफनाया गया।
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क्षेत्र के गांव नेकापुर में सुबह से ही मेले जैसे हालात रहे। एक दिन पहले जहां गांव में ढोल बज रहे थे, वहां बुधवार को मायूसी छाई हुई थी। गांव से गीतों की जगह पर रोने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। सैकड़ों की संख्या में लोग पड़ोसी गांव और रिश्तेदारियों से नेकापुर के लोगों को ढांढस बंधाने पहुंचे। दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही गांव में एक साथ तीन शव लाए गए वैसे ही गांव में की चीख पुकार तेज हो गईं।
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राजबहादुर के दरवाजे पर पुत्र उपेंद्र का शव रखा गया। वहीं अजयपाल का शव उसके दरवाजे भेजा गया। धनपाल का शव धनपाल के दरवाजे भेजा गया। तीनों ही जगह लोगों की भीड़ मौजूद थी। पड़ोसी गांव नगला छेड़ी, नगला मढ़ा, नगला कोंडर, रठेरा, दन्नाहार, चिकनी, नगला हिम्मत आदि से बड़ी संख्या में लोग नेकापुर पहुंचे। दोपहर करीब एक बजे सबसे पहले धनपाल के शव का अंतिम संस्कार किया गया। उसके बाद अजयपाल तथा उसके बाद उपेंद्र के शव का उनके खेतों पर अंतिम संस्कार किया गया। शाम करीब पौने पांच बजे इटावा से मुस्कान का शव गांव पहुंचा। करीब एक घंटा बाद मुस्कान के शव को पैतृक गांव कुरावली थाना क्षेत्र के बेलाहार भेजा गया। जहां देर शाम शव को दफनाया गया।
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अस्यौली में भाई-बहन के शव पहुंचते ही मची चीत्कार
मैनपुरी। नगर के निटवर्ती गांव अस्यौली निवासी दीपचंद्र के पुत्र मयंक और पुत्री पलक के शव 10 बजे गांव पहुंचे। यहां शव पहुंचते ही चीत्कार शुरू हो गई। बड़ी संख्या में लोग बच्चों के शव देखने के लिए पहुंचे। बाबा महावीर सिंह, पिता दीपचंद और मां साधना का रो-रोकर बुरा हाल था। दोनों शवों को दोपहर करीब डेढ़ बजे गांव के श्मशान घाट पर दफनाया गया। हादसों के समय दीपचंद का दूसरा पुत्र अर्पित और पुत्री पल्लवी भी ट्राली में मौजूद थी जो घायल हुए हैं। हालांकि अब उनकी हालत में सुधार है।
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