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15 वर्ष बाद सुबह फूलबंगले में बिराजे श्रीबांकेबिहारी
Updated Thu, 09 Aug 2018 11:07 PM IST
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वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर बांकेबिहारी 15 वर्ष बाद गुरुवार सुबह जगमोहन में आकर शृंगार आरती के समय से राजभोग आरती के समय तक फूलबंगले में विराजे। उसके बाद पूर्ववत सायंकाल भी यही क्रम जारी रहा। हालांकि इस बार तीन दिन ही राजभोग सेवा में फूलबंगला में बांकेबिहारी के दर्शन हो सकेंगे।
गुरुवार सुबह फूलबंगले में विराजे अपने आराध्य के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। मंदिर के जगमोहन से लेकर चौंक को फूलों और रंग बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। दिल्ली से आईं महिमा अरोड़ा, दिलीप अरोड़ा ने कहा कि उन्हें मंदिर आकर ही पता चला कि सुबह भी फूलबंगला सजेगा।
वह ठाकुरजी के दर्शन पाकर अभिभूत हैं। मंदिर के सेवायत बालकृष्ण गोस्वामी ने बताया कि देवेंद्र गोस्वामी और शैलेंद्र गोस्वामी की सेवा में 14 जुलाई 2003 को मंदिर में सुबह एक ही दिन फूलबंगला सजाया गया था।
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फूलों की बिक्री में आएगा उछाल
वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सुबह भी फूलबंगला सजाए जाने के बाद वृंदावन में फूलों की बिक्री में उछाल आया है। इसके बाद वृंदावन में फूलबंगला से जुड़े कारोबार को पंख जरूर लग जाएंगे। बंाकेबिहारी महाराज के फूलबंगला की लागत का कारोबार प्रतिदिन लाखों रुपयों में आंका जाता है। जिसमें देशी-विदेशी फूलों के साथ ही बड़ी तादाद में कलाकार और मजदूर सेवाकार्य करते हैं। अब हाईकोर्ट द्वारा दोनों समय फूलबंगला बनाने की मंजूरी देने के बाद स्पष्ट है कि लागत से लेकर कारोबार, फूलों की खपत, कलाकार और मजदूरों की संख्या तक में सीधे तौर पर दोगुना इजाफा होगा। मंदिर के सेवायत रजत गोस्वामी ने बताया कि अब तक फूलबंगला बनवाने के लिए लंबी-लंबी तारीख मिलती थीं। उसमें भी मनमाफिक तारीख मिलना काफी मुश्किलों भरा होता था। ऐसे में श्रद्धालुओं को कतार से मुक्ति मिलने के साथ ही सेवा का मनमाफिक विकल्प भी मिल जाएगा।
15 दिन हो झूलन महोत्सव
वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में जारी फूलबंगला एवं झूलन महोत्सव पर मंदिर के सेवायत गोस्वामी प्रहलाद वल्लभ ने सुझाव दिया कि झूलन महोत्सव को एक दिन के स्थान पर पंद्रह दिन तक कर दिया जाए तो भक्त, रसिक समुदाय को बांकेबिहारी महाराज के झूला झूलते हुए दर्शन करने का लाभ और अधिक समय तक मिल सकेगा।
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गुरुवार सुबह फूलबंगले में विराजे अपने आराध्य के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। मंदिर के जगमोहन से लेकर चौंक को फूलों और रंग बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। दिल्ली से आईं महिमा अरोड़ा, दिलीप अरोड़ा ने कहा कि उन्हें मंदिर आकर ही पता चला कि सुबह भी फूलबंगला सजेगा।
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वह ठाकुरजी के दर्शन पाकर अभिभूत हैं। मंदिर के सेवायत बालकृष्ण गोस्वामी ने बताया कि देवेंद्र गोस्वामी और शैलेंद्र गोस्वामी की सेवा में 14 जुलाई 2003 को मंदिर में सुबह एक ही दिन फूलबंगला सजाया गया था।
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फूलों की बिक्री में आएगा उछाल
वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सुबह भी फूलबंगला सजाए जाने के बाद वृंदावन में फूलों की बिक्री में उछाल आया है। इसके बाद वृंदावन में फूलबंगला से जुड़े कारोबार को पंख जरूर लग जाएंगे। बंाकेबिहारी महाराज के फूलबंगला की लागत का कारोबार प्रतिदिन लाखों रुपयों में आंका जाता है। जिसमें देशी-विदेशी फूलों के साथ ही बड़ी तादाद में कलाकार और मजदूर सेवाकार्य करते हैं। अब हाईकोर्ट द्वारा दोनों समय फूलबंगला बनाने की मंजूरी देने के बाद स्पष्ट है कि लागत से लेकर कारोबार, फूलों की खपत, कलाकार और मजदूरों की संख्या तक में सीधे तौर पर दोगुना इजाफा होगा। मंदिर के सेवायत रजत गोस्वामी ने बताया कि अब तक फूलबंगला बनवाने के लिए लंबी-लंबी तारीख मिलती थीं। उसमें भी मनमाफिक तारीख मिलना काफी मुश्किलों भरा होता था। ऐसे में श्रद्धालुओं को कतार से मुक्ति मिलने के साथ ही सेवा का मनमाफिक विकल्प भी मिल जाएगा।
15 दिन हो झूलन महोत्सव
वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में जारी फूलबंगला एवं झूलन महोत्सव पर मंदिर के सेवायत गोस्वामी प्रहलाद वल्लभ ने सुझाव दिया कि झूलन महोत्सव को एक दिन के स्थान पर पंद्रह दिन तक कर दिया जाए तो भक्त, रसिक समुदाय को बांकेबिहारी महाराज के झूला झूलते हुए दर्शन करने का लाभ और अधिक समय तक मिल सकेगा।