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बोर्ड परीक्षा: मानक पूरा नहीं, फिर भी बना दिया परीक्षा केंद्र
Updated Sat, 25 Nov 2017 11:14 PM IST
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मैनपुरी। यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 के केंद्र निर्धारण में मानक की जमकर अनदेखी की गई है। मानक विहीन होने के बाद भी कई स्कूलों को संभावित परीक्षा केंद्र की सूची में शामिल किया गया है। यह खुलासा उपजिलाधिकारियों की रिपोर्ट से हो रहा है।
यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 के संभावित परीक्षा केंद्रों की घोषणा होने के बाद से ही लगातार परीक्षा केंद्रों में मानकों की अनदेखी का खुलासा हो रहा है। पहली बार माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा ऑन लाइन केंद्रों का निर्धारण किया गया।
डीआईओएस कार्यालय को भेजी गई संभावित परीक्षा केंद्रों की सूची जैसे ही सार्वजनिक की गई,उसके बाद से ही विभाग में हड़कंप मचा है। सूची से स्वयं शिक्षाधिकारी भी संतुष्ट नहीं है। खुद उनके द्वारा जिन कालेजों में कमियां देखी गईं हैं, उन्हें भी परीक्षा केंद्र बनाया गया।
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बड़ी संख्या में प्रत्यावेदन प्राप्त होने के बाद डीएम प्रदीप कुमार के निर्देश पर सभी उपजिलाधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तीन दर्जन से अधिक कालेज ऐसे मिले, जो परीक्षा केंद्रों के मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। उपजिलाधिकारियों की जांच जारी है। शीघ्र ही परीक्षा समिति की बैठक में केंद्रों की अंतिम सूची पर मुहर लगेगी।
कैप्टन उम्मेद सिंह इंटर कालेज कल्होर में परिषद की वेबसाइट पर किए गए आवेदन में कालेज के प्रधानाचार्य ने मात्र 350 परीक्षार्थियों की मांग की थी। पर, परिषद ने इस कालेज में हाईस्कूल के 561 तथा इंटरमीडिएट के 602 कुल 1163 छात्र आवंटित किए गए हैं। प्रधानाचार्य ने छात्र संख्या कम करने के लिए प्रत्यावेदन भी किया था, लेकिन उनका प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं किया गया।
डीआईओएस जीएस राजपूत ने बताया कि जिला समिति प्रत्यावेदन के बाद हुई जांच का इंतजार कर रही है। कुछ उपजिलाधिकारियों की रिपोर्ट आ चुकी है। कुछ स्थानों से अभी प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही सभी कालेजों की रिपोर्ट मिल जाएगी, उसके बाद बोर्ड को जनपदीय समिति अपना प्रस्ताव भेजेगी। जिस पर बोर्ड को अंतिम निर्णय लेना है।
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यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 के संभावित परीक्षा केंद्रों की घोषणा होने के बाद से ही लगातार परीक्षा केंद्रों में मानकों की अनदेखी का खुलासा हो रहा है। पहली बार माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा ऑन लाइन केंद्रों का निर्धारण किया गया।
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डीआईओएस कार्यालय को भेजी गई संभावित परीक्षा केंद्रों की सूची जैसे ही सार्वजनिक की गई,उसके बाद से ही विभाग में हड़कंप मचा है। सूची से स्वयं शिक्षाधिकारी भी संतुष्ट नहीं है। खुद उनके द्वारा जिन कालेजों में कमियां देखी गईं हैं, उन्हें भी परीक्षा केंद्र बनाया गया।
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बड़ी संख्या में प्रत्यावेदन प्राप्त होने के बाद डीएम प्रदीप कुमार के निर्देश पर सभी उपजिलाधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तीन दर्जन से अधिक कालेज ऐसे मिले, जो परीक्षा केंद्रों के मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। उपजिलाधिकारियों की जांच जारी है। शीघ्र ही परीक्षा समिति की बैठक में केंद्रों की अंतिम सूची पर मुहर लगेगी।
कैप्टन उम्मेद सिंह इंटर कालेज कल्होर में परिषद की वेबसाइट पर किए गए आवेदन में कालेज के प्रधानाचार्य ने मात्र 350 परीक्षार्थियों की मांग की थी। पर, परिषद ने इस कालेज में हाईस्कूल के 561 तथा इंटरमीडिएट के 602 कुल 1163 छात्र आवंटित किए गए हैं। प्रधानाचार्य ने छात्र संख्या कम करने के लिए प्रत्यावेदन भी किया था, लेकिन उनका प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं किया गया।
डीआईओएस जीएस राजपूत ने बताया कि जिला समिति प्रत्यावेदन के बाद हुई जांच का इंतजार कर रही है। कुछ उपजिलाधिकारियों की रिपोर्ट आ चुकी है। कुछ स्थानों से अभी प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही सभी कालेजों की रिपोर्ट मिल जाएगी, उसके बाद बोर्ड को जनपदीय समिति अपना प्रस्ताव भेजेगी। जिस पर बोर्ड को अंतिम निर्णय लेना है।