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बकरी पालन कर बढ़ाई जा सकती है आमदनी
Updated Sun, 19 Nov 2017 11:26 PM IST
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टूंडला। ग्राम प्रगति संस्थान एवं राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में गांव नगला कुंभ में गोट फार्मिंग डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 50 महिलाओं ने भाग लिया।
संस्था निदेशक रामवीर सिंह ने कहा कि देश में निरंतर जनसंख्या वृद्धि होने के कारण बहुमंजिला भवनों, सड़कों और रेलमार्गों के निर्माण में कृषि योग्य भूमि का अधिकरण हो रहा है। कृषि योग्य भूमि कम होती जा रही है। छोटा किसान अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है। ऐसी स्थिति में बकरी पालन, मुर्गी पालन, बतख पालन, पशु-पक्षी पालन आदि करके अपनी आमदनी बढ़ाई जा सकती है। बकरी पालन कम जगह और कम पूंजी में किया जा सकता है। इसमें पांच हजार से 50 हजार रुपए माह की आमदनी की जा सकती है।
जिला विकास प्रबंधक डा. पुनीत कुमार ने कहा कि बकरी पालन एक लाभकारी व्यवसाय है। बकरी गरीबों का चलता फिरता एटीएम है। जब चाहें तब बकरी बिक्री कर नकद रुपया प्राप्त किया जा सकता है। गीता सिंह, रामकली, मंजू देवी, मिथलेश, निर्मला देवी, राधा देवी, मछला देवी, शकुंतला, आरती, गुड्डी, राजकुमारी उपस्थित रहीं।
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संस्था निदेशक रामवीर सिंह ने कहा कि देश में निरंतर जनसंख्या वृद्धि होने के कारण बहुमंजिला भवनों, सड़कों और रेलमार्गों के निर्माण में कृषि योग्य भूमि का अधिकरण हो रहा है। कृषि योग्य भूमि कम होती जा रही है। छोटा किसान अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है। ऐसी स्थिति में बकरी पालन, मुर्गी पालन, बतख पालन, पशु-पक्षी पालन आदि करके अपनी आमदनी बढ़ाई जा सकती है। बकरी पालन कम जगह और कम पूंजी में किया जा सकता है। इसमें पांच हजार से 50 हजार रुपए माह की आमदनी की जा सकती है।
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जिला विकास प्रबंधक डा. पुनीत कुमार ने कहा कि बकरी पालन एक लाभकारी व्यवसाय है। बकरी गरीबों का चलता फिरता एटीएम है। जब चाहें तब बकरी बिक्री कर नकद रुपया प्राप्त किया जा सकता है। गीता सिंह, रामकली, मंजू देवी, मिथलेश, निर्मला देवी, राधा देवी, मछला देवी, शकुंतला, आरती, गुड्डी, राजकुमारी उपस्थित रहीं।
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