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रोडवेज बसों का टोटा डग्गेमारों की मौज
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:59 PM IST
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मथुरा। शनिवार को गोवर्धन के लिए रोडवेज की बसों का टोटा पड़ गया। नए बस अड्डे से गोवर्धन के लिए कोई बस नहीं मिल रही थी। यात्रियों ने डग्गामार वाहनों से गोवर्धन तक का सफर किया। प्राइवेट बसों में गोवर्धन की सवारियों से 50 रुपये वसूले गए। रोडवेज बस में सामान्य किराया 22 रुपये ही है।
हरियाली अमावस्या के चलते शनिवार को गोवर्धन की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए भीड़ उमड़ी। शाम सात से रात नौ बजे तक अंतरराज्जीय नए बस अड्डे पर रोडवेज एवं जेनर्म की बसें ही नहीं थी। इसके चलते प्राइवेट बस संचालकों ने जमकर गोवर्धन की सवारियां ढोईं। यही नहीं इन बस के परिचालकों ने परिक्रमार्थियों से मनमाना किराया भी वसूला। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो 50 रुपये तक प्राइवेट बस संचालकों ने किराया वसूला।
परिक्रमार्थी काफी देर तक रोडवेज बसों के लिए इधर-उधर भटकते रहे। कुछ लोग तो यह कह रहे थे कि रोडवेज के अफसरों की मिलीभगत का लाभ प्राइवेट बस संचालकों को मिल रहा है। उसका ये ताजा उदाहरण है। मतलब की रोडवेज ने पहले से हरियाली अमावस्या के लिए बसों का पर्याप्त इंतजाम नहीं किया। मथुरा डिपो के एआरएम अक्षय कुमार का कहना है कि बसों का पर्याप्त इंतजाम था।
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हरियाली अमावस्या के चलते शनिवार को गोवर्धन की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए भीड़ उमड़ी। शाम सात से रात नौ बजे तक अंतरराज्जीय नए बस अड्डे पर रोडवेज एवं जेनर्म की बसें ही नहीं थी। इसके चलते प्राइवेट बस संचालकों ने जमकर गोवर्धन की सवारियां ढोईं। यही नहीं इन बस के परिचालकों ने परिक्रमार्थियों से मनमाना किराया भी वसूला। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो 50 रुपये तक प्राइवेट बस संचालकों ने किराया वसूला।
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परिक्रमार्थी काफी देर तक रोडवेज बसों के लिए इधर-उधर भटकते रहे। कुछ लोग तो यह कह रहे थे कि रोडवेज के अफसरों की मिलीभगत का लाभ प्राइवेट बस संचालकों को मिल रहा है। उसका ये ताजा उदाहरण है। मतलब की रोडवेज ने पहले से हरियाली अमावस्या के लिए बसों का पर्याप्त इंतजाम नहीं किया। मथुरा डिपो के एआरएम अक्षय कुमार का कहना है कि बसों का पर्याप्त इंतजाम था।
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