{"_id":"597f6e954f1c1b2b028b45cd","slug":"150152369313-mainpuri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:34 PM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू की दस्तक से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप है। हालांकि जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई भी रोगी नहीं मिला है। इसके बाद भी विभाग तैयारियों में जुट गया है। जिला अस्पताल में जहां स्वाइन फ्लू की दवा का स्टॉक कर लिया गया है। वहीं आशंका वाले रोगियों के लिए दस बेड का अतिरिक्त वार्ड बनाया गया है।
स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के रोगियों की आशंका को देखते हुए दस बेड का एक वार्ड बना दिया गया है। सीएमएस डॉ. एके उपाध्याय ने बताया कि कॉमन फ्लू और स्वाइन फ्लू के रोगियों की पहचान करना मुश्किल है। जिले में अभी तक कोई भी रोगी स्वाइन फ्लू का नहीं मिला है।
यदि कोई रोगी अस्पताल में आता है तो उसकी सामान्य जांचें कराई जाएंगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आशंका के चलते उसकी बीटीएम किट से जांच की जाएगी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉक्टर जेजे राम ने बताया कि स्वाइन इनफ्लुएंजा का वायरस इनफ्लुएंजा टाइप ए एच-1एन-1 सुअरों में पाया जाता है। इससे मनुष्यों का संपर्क होने पर उनमें फैल जाता है तथा संक्रमित मनुष्य से मनुष्य में भी फैल जाता है।
विज्ञापन
रैपिड रिस्पांस टीम का हुआ गठन
मच्छर जनित बीमारियों से रोकथाम, डेंगू, स्वाइन फ्लू आदि के बचने के लिए विभाग अब हरकत में आया है। रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर मच्छर मार अभियान चलाए जाने की तैयारी की जा रही है। टीमों का गठन भी कर लिया गया है। जलभराव मिलने पर विभाग द्वारा लोगों को नोटिस थमाए जाएंगे।
जिला मुख्यालय के लिए दो टीमें तैयार की गई हैं। इसके अलावा सामुदायिक-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक-एक टीम को कमान सौंपी गई है। जिला मलेरिया अधिकारी एसएन सिंह का कहना है कि प्रत्येक टीम को घर-घर पहुंचकर सर्वे करना होगा। सर्वे में जलभराव वाले क्षेत्रों का चिन्हाकन कराया जाएगा। दिक्कतें न हों, इसके लिए पालिका-नगर पंचायतों की भी मदद ली जाएगी। डीडीटी के छिड़काव के साथ जल निकासी के प्रबंध भी कराने होंगे।
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के रोगियों की आशंका को देखते हुए दस बेड का एक वार्ड बना दिया गया है। सीएमएस डॉ. एके उपाध्याय ने बताया कि कॉमन फ्लू और स्वाइन फ्लू के रोगियों की पहचान करना मुश्किल है। जिले में अभी तक कोई भी रोगी स्वाइन फ्लू का नहीं मिला है।
विज्ञापन
यदि कोई रोगी अस्पताल में आता है तो उसकी सामान्य जांचें कराई जाएंगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आशंका के चलते उसकी बीटीएम किट से जांच की जाएगी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉक्टर जेजे राम ने बताया कि स्वाइन इनफ्लुएंजा का वायरस इनफ्लुएंजा टाइप ए एच-1एन-1 सुअरों में पाया जाता है। इससे मनुष्यों का संपर्क होने पर उनमें फैल जाता है तथा संक्रमित मनुष्य से मनुष्य में भी फैल जाता है।
विज्ञापन
रैपिड रिस्पांस टीम का हुआ गठन
मच्छर जनित बीमारियों से रोकथाम, डेंगू, स्वाइन फ्लू आदि के बचने के लिए विभाग अब हरकत में आया है। रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर मच्छर मार अभियान चलाए जाने की तैयारी की जा रही है। टीमों का गठन भी कर लिया गया है। जलभराव मिलने पर विभाग द्वारा लोगों को नोटिस थमाए जाएंगे।
जिला मुख्यालय के लिए दो टीमें तैयार की गई हैं। इसके अलावा सामुदायिक-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक-एक टीम को कमान सौंपी गई है। जिला मलेरिया अधिकारी एसएन सिंह का कहना है कि प्रत्येक टीम को घर-घर पहुंचकर सर्वे करना होगा। सर्वे में जलभराव वाले क्षेत्रों का चिन्हाकन कराया जाएगा। दिक्कतें न हों, इसके लिए पालिका-नगर पंचायतों की भी मदद ली जाएगी। डीडीटी के छिड़काव के साथ जल निकासी के प्रबंध भी कराने होंगे।