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फार्मासिस्टों का कार्य बहिष्कार, मरीज रहे परेशान
Updated Thu, 06 Dec 2018 08:59 PM IST
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Demo
- फोटो : Demo
मैनपुरी। मांगों के लिए डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का आंदोलन दूसरे चरण में पहुंच गया। इसके पहले दिन जिला अस्पताल में फार्मासिस्टों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार रखा। इस दौरान मरीज परेशान रहे।
फार्मासिस्टों ने 14 सूत्री मांगों को लेकर तीन दिसंबर से आंदोलन शुरू किया था। आंदोलन के प्रथम चरण में तीन से पांच दिसंबर तक फार्मासिस्टों ने काली पट्टी बांध सांकेतिक विरोध किया। वहीं, गुरुवार से दूसरे चरण में दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया गया। जिला अस्पताल में एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. नेत्रपाल सिंह और प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. शिवमंगल सिंह के नेतृत्व में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए प्रदर्शन किया।
इस दौरान डॉ. नेत्रपाल सिंह ने कहा कि फार्मासिस्टों की जायज मांगों को लेकर कई बार शासन स्तर पर प्रदेशीय कमेटी ने वार्ता की, लेकिन कोई बात नहीं बन सकी। अब प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर इस आंदोलन का निर्णय लेना पड़ा है। प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. शिवमंगल सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र उन लोगों की नहीं मानी तो दूसरे चरण में पहुंच चुका यह आंदोलन अगले चरण में पहुंच जाएगा। इसके लिए शासन और विभाग की जिम्मेदार होगा। गुरुवार को जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से 10 बजे तक तथा ग्रामीण अंचल में 10 बजे से 12 बजे तक कार्य बहिष्कार किया गया।
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जिला अस्पताल में प्रदर्शन करने वालों में एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. ऋषि प्रकाश, डॉ. जितेंद्र सिंह, डॉ. केके दुबे, डॉ. एचएन सिंह, डॉ. विनोद चौहान, डॉ. ममता कश्यप, डॉ. दीप्ति देवी, डॉ. शिवदत्त कुमार, डॉ. वीपी मसीह, डॉ. मुकेश राठौर, डॉ. सुनील यादव, डॉ. आदेश कुमार, डॉ. मुकेश गुप्ता, डॉ. अजय यादव आदि फार्मासिस्ट शामिल थे।
आज भी रहेगा दो घंटे का कार्य बहिष्कार
डिप्लोमा फार्मासिस्टों का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहेगा। शुक्रवार को शहरी क्षेत्र में आठ से 10 व ग्रामीण अंचल में 10 से 12 बजे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
सीएमओ ने दिए अतिरिक्त व्यवस्था के निर्देश
मांगों को लेकर दो घंटे के कार्य बहिष्कार पर पहुंचे फार्मासिस्टों के आंदोलन को देखते हुए सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने सभी चिकित्साधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं कि आंदोलन के दौरान आने वाले मरीजों को उपचार की व्यवस्था की जाए। इसके लिए संविदा कर्मचारियों का सहयोग लिया जाए।
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फार्मासिस्टों ने 14 सूत्री मांगों को लेकर तीन दिसंबर से आंदोलन शुरू किया था। आंदोलन के प्रथम चरण में तीन से पांच दिसंबर तक फार्मासिस्टों ने काली पट्टी बांध सांकेतिक विरोध किया। वहीं, गुरुवार से दूसरे चरण में दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया गया। जिला अस्पताल में एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. नेत्रपाल सिंह और प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. शिवमंगल सिंह के नेतृत्व में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए प्रदर्शन किया।
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इस दौरान डॉ. नेत्रपाल सिंह ने कहा कि फार्मासिस्टों की जायज मांगों को लेकर कई बार शासन स्तर पर प्रदेशीय कमेटी ने वार्ता की, लेकिन कोई बात नहीं बन सकी। अब प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर इस आंदोलन का निर्णय लेना पड़ा है। प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. शिवमंगल सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र उन लोगों की नहीं मानी तो दूसरे चरण में पहुंच चुका यह आंदोलन अगले चरण में पहुंच जाएगा। इसके लिए शासन और विभाग की जिम्मेदार होगा। गुरुवार को जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से 10 बजे तक तथा ग्रामीण अंचल में 10 बजे से 12 बजे तक कार्य बहिष्कार किया गया।
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जिला अस्पताल में प्रदर्शन करने वालों में एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. ऋषि प्रकाश, डॉ. जितेंद्र सिंह, डॉ. केके दुबे, डॉ. एचएन सिंह, डॉ. विनोद चौहान, डॉ. ममता कश्यप, डॉ. दीप्ति देवी, डॉ. शिवदत्त कुमार, डॉ. वीपी मसीह, डॉ. मुकेश राठौर, डॉ. सुनील यादव, डॉ. आदेश कुमार, डॉ. मुकेश गुप्ता, डॉ. अजय यादव आदि फार्मासिस्ट शामिल थे।
आज भी रहेगा दो घंटे का कार्य बहिष्कार
डिप्लोमा फार्मासिस्टों का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहेगा। शुक्रवार को शहरी क्षेत्र में आठ से 10 व ग्रामीण अंचल में 10 से 12 बजे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
सीएमओ ने दिए अतिरिक्त व्यवस्था के निर्देश
मांगों को लेकर दो घंटे के कार्य बहिष्कार पर पहुंचे फार्मासिस्टों के आंदोलन को देखते हुए सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने सभी चिकित्साधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं कि आंदोलन के दौरान आने वाले मरीजों को उपचार की व्यवस्था की जाए। इसके लिए संविदा कर्मचारियों का सहयोग लिया जाए।