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गीजर से बाथरूम में बनी गैस, बालिका की मौत, दूसरी बेहोश

Sat, 17 Nov 2018 11:36 PM IST
Updated Sat, 17 Nov 2018 11:36 PM IST
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गीजर से बाथरूम में बनी गैस, बालिका की मौत,  दूसरी बेहोश
बाथरूम में गीजर

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फिरोजाबाद। एलपीजी गैस से चलने वाले गीजरों का असुरक्षित तरीके से प्रयोग जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। सर्दी शुरू होते ही गर्म पानी के लिए घरों में एलपीजी सिलिंडर से घरों में गीजर चलने लगे हैं। इससे निकलने वाली गैस से दम घुटने से एक बालिका की मौत हो गई और एक बेहोश हो गई।

सुहागनगर निवासी लवी (12) पुत्री अखिल यादव शादी समारोह में शामिल होने के लिए मक्खनपुर के गांव जाफराबाद गई थी। समारोह में इटावा जिले के थाना चित्राहाट क्षेत्र के गांव रामकुआं निवासी शिवानी (13) पुत्री श्यामवीर सिंह यादव शामिल होने के लिए आई थी।
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शुक्रवार दोपहर दोनों बालिकाएं एक साथ बाथरूम में नहाने के लिए चली गईं। जब बाथरूम से डेढ़ घंटे तक बालिकाएं नहीं निकलीं तो लोगों ने आवाज देना शुरू की। अंदर से किसी प्रकार की आवाज न आने पर लोगों ने गेट खोला। इसमें दोनों बालिकाएं बेहोश मिली। परिजन बालिकाओं को लेकर अस्पताल की ओर लेकर दौड़े।
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शिवानी की रास्ते में मौत हो गई। दूसरी बालिका लवी को परिजन सेवार्थ संस्थान ट्रामा सेंटर लेकर आए। यहां न्यूरोसर्जन डॉ. निमित गुप्ता की देखरेख में लवी का इलाज शुरू किया गया। शनिवार को बालिका को होश आया। इसके बाद बालिका को घर भेज दिया।

जिस बाथरूम में बालिकाएं बेहोश हुई थी, उसमें गैस गीजर लगा हुआ था। न्यूरोसर्जन डॉ. निमित गुप्ता के मुताबिक, जो बालिका बेहोशी की हालत में आई थी, वो गैस गीजर से निकलने वाली कार्बन मोनोक्साइड गैस के कारण हुई थी। शिवानी की मौत होने से परिवार में चीख-पुकार मची है।


न्यूरोसर्जन डॉ. निमित गुप्ता ने कहा कि गैस गीजर बाथरूम में लगे हैं, उनमें कार्बन मोनोक्साइड गैस बन जाती है। चारों तरफ से बंद बाथरूम में इसका असर बढ़ जाता है। नहाते समय व्यक्ति बाथरूम में ही बेहोशी की हालत में गिर जाता है। लोगों को पता न चलने पर वह व्यक्ति खतरनाक गैस के बीच घिरा रहता है। सर्दी के हरेक सीजन में 30 से 40 मरीज ऐसे आते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर व्यक्ति की मौत हो जाती है। यह गैस सबसे ज्यादा असर बच्चों पर डालती है।
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