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बापू! हम सब शर्मिंदा हैं...
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:09 AM IST
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मैनपुरी। आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती है। देश के वर्तमान प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान के निर्देश दिए हैं।
हर तरफ स्वच्छता के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, लेकिन जिसके नाम पर ये सब हो रहा है, उनकी प्रतिमाओं की जिले में दुर्दशा है। जहां प्रतिमाओं पर पक्षियों की बीट पड़ी हुई है।
वहीं इन महापुरुषों के पार्कों में भी गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। गांधी जयंती पर चारों तरफ भले ही जागरूकता के लिए प्रशासनिक अधिकारी दबाव बना रहे हैं, लेकिन प्रशासन खुद अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार नहीं है।
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नगर पालिका परिसर के शहीद पार्क में लगी गांधी प्रतिमा का चश्मा ही तोड़ दिया गया है। वहीं, गांधी जयंती से एक दिन पूर्व तक इस प्रतिमा की सफाई तक नहीं की गई। प्रतिमा पर पक्षियों की बीट साफ दिखाई दे रही थी।
इसके अतिरिक्त गांधी जी के पार्क के पास ही गंदगी के भी ढेर लगे हुए हैं। वहीं मोहल्ला दरीबा स्थित गांधी पार्क में भी गंदगी फैली हुई है। खुद गांधी जी की प्रतिमा पर धूल छाई हुई थी।
जब शहरी क्षेत्र में स्थापित गांधी प्रतिमाओं का यह हाल है तो देहात क्षेत्र में क्या स्थिति होगी इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जय जवान-जय किसान का नारा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा तक शहर में नहीं है। न ही उनके नाम से किसी पार्क और चौराहे का नाम रखा गया है। कृषि प्रदान जिले के लोग शास्त्री जी को भूलते ही जा रहे हैं।
वैसे वर्ष भर गांधी और शास्त्री को याद नहीं किया जाए। आज प्रशासन के अधिकारी और कुछ सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेंगे।
सफाई नायकों को महापुरुषों की प्रतिमाओं के साथ ही पार्कों की सफाई के निर्देश दिए गए हैं। तत्काल साफ सफाई कराई जाएगी। निर्देशों के बाद भी साफ सफाई क्यों नहीं हुई इसकी जानकारी की जाएगी।
मनोज कुमार रस्तोगी, ईओ
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हर तरफ स्वच्छता के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, लेकिन जिसके नाम पर ये सब हो रहा है, उनकी प्रतिमाओं की जिले में दुर्दशा है। जहां प्रतिमाओं पर पक्षियों की बीट पड़ी हुई है।
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वहीं इन महापुरुषों के पार्कों में भी गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। गांधी जयंती पर चारों तरफ भले ही जागरूकता के लिए प्रशासनिक अधिकारी दबाव बना रहे हैं, लेकिन प्रशासन खुद अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार नहीं है।
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नगर पालिका परिसर के शहीद पार्क में लगी गांधी प्रतिमा का चश्मा ही तोड़ दिया गया है। वहीं, गांधी जयंती से एक दिन पूर्व तक इस प्रतिमा की सफाई तक नहीं की गई। प्रतिमा पर पक्षियों की बीट साफ दिखाई दे रही थी।
इसके अतिरिक्त गांधी जी के पार्क के पास ही गंदगी के भी ढेर लगे हुए हैं। वहीं मोहल्ला दरीबा स्थित गांधी पार्क में भी गंदगी फैली हुई है। खुद गांधी जी की प्रतिमा पर धूल छाई हुई थी।
जब शहरी क्षेत्र में स्थापित गांधी प्रतिमाओं का यह हाल है तो देहात क्षेत्र में क्या स्थिति होगी इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जय जवान-जय किसान का नारा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा तक शहर में नहीं है। न ही उनके नाम से किसी पार्क और चौराहे का नाम रखा गया है। कृषि प्रदान जिले के लोग शास्त्री जी को भूलते ही जा रहे हैं।
वैसे वर्ष भर गांधी और शास्त्री को याद नहीं किया जाए। आज प्रशासन के अधिकारी और कुछ सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेंगे।
सफाई नायकों को महापुरुषों की प्रतिमाओं के साथ ही पार्कों की सफाई के निर्देश दिए गए हैं। तत्काल साफ सफाई कराई जाएगी। निर्देशों के बाद भी साफ सफाई क्यों नहीं हुई इसकी जानकारी की जाएगी।
मनोज कुमार रस्तोगी, ईओ