{"_id":"5a201c054f1c1b86698bec33","slug":"141512053765-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुलेआम मीट की बिक्री का वीडियो वायरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुलेआम मीट की बिक्री का वीडियो वायरल
Updated Thu, 30 Nov 2017 08:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। धर्म नगरी में प्रतिबंध के बाद भी अंडा और मांस की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। मथुरा दरवाजा पुलिस चौकी के पीछे मीट बिक रहा है। गुरुवार को मीट ब्रिकी का एक वीडियो वायरल हो गया। इससे संत समाज में भारी रोष है। संतों ने मीट बिक्री पर अंकुश न लगाए जाने पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित होने के बाद भी पुलिस की मिली भगत से वृंदावन में मथुरा दरवाजा, सीएफसी, किशोरपुरा, गौरा नगर कालोनी, पानीघाट आदि इलाकों में मीट और अंडे की बिक्री हो रही है। गुरुवार को मथुरा दरवाजा क्षेत्र में मीट बिक्री का एक वीडियो वायरल हो गया। महामंडलेश्वर बालयोगेश्वरानंद महाराज, महामंडलेश्वर भाष्करानंद महाराज, बाबा हरिबोल, देवस्वरूपानंद महाराज, कार्ष्णि नागेश गौड़, स्वामी चितप्रकाशानंद, सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजनाराण द्विवेदी, पंडित रमेश पुजारी ने रोष जताते हुए नगर में अंडा मांस की बिक्री पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की है। संतों का कहना है कि अगर बिक्री नहीं रुकी तो संत समाज आंदोलन को बाध्य होगा।
विज्ञापन
प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित होने के बाद भी पुलिस की मिली भगत से वृंदावन में मथुरा दरवाजा, सीएफसी, किशोरपुरा, गौरा नगर कालोनी, पानीघाट आदि इलाकों में मीट और अंडे की बिक्री हो रही है। गुरुवार को मथुरा दरवाजा क्षेत्र में मीट बिक्री का एक वीडियो वायरल हो गया। महामंडलेश्वर बालयोगेश्वरानंद महाराज, महामंडलेश्वर भाष्करानंद महाराज, बाबा हरिबोल, देवस्वरूपानंद महाराज, कार्ष्णि नागेश गौड़, स्वामी चितप्रकाशानंद, सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजनाराण द्विवेदी, पंडित रमेश पुजारी ने रोष जताते हुए नगर में अंडा मांस की बिक्री पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की है। संतों का कहना है कि अगर बिक्री नहीं रुकी तो संत समाज आंदोलन को बाध्य होगा।
विज्ञापन