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जीएसटी के खिलाफ सड़कों पर उतरे कपड़ा व्यापारी
Updated Thu, 15 Jun 2017 11:53 PM IST
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प्रदर्शन करते व्यापारी
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कासगंज (एटा)। कपड़ा कारोबारियों ने जीएसटी को लेकर तीखा विरोध प्रदर्शन किया। कपड़ा बाजार बंद रखा और धरना देकर जीएसटी वापस लेने की मांग की। कारोबारियों ने वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन भी वाणिज्य कर अधिकारियों को सौंपा।
कपड़ा कारोबारियों ने गुरुवार को अपनी सभी दुकानें बंद रखीं। दुकानें बंद रखने के बाद कारोबारी बाराद्वारी पर एकत्रित हुए। जहां जमकर प्रदर्शन किया गया। कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष नरेश मित्तल ने कहा कि जीएसटी लगने से कपड़ा व्यापारी काफी परेशान है।
जीएसटी से मुक्ति पाने के लिए पूरे देश के कपड़ा व्यापारी एकजुट हैं। 1957-58 से अब तक कपड़े पर कोई प्रत्यक्ष कर नहीं लगा था। उन्होंने कहा कि सरकार ने महाराष्ट्र एवं गुजरात के कारोबारियों को आश्वासन दिया था कि कपड़े पर जीएसटी नहीं लगेगी, लेकिन सरकार ने कपड़े पर जीएसटी लगा दी। कपड़े को जीएसटी से मुक्त किया जाए।
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महामंत्री सुबोध अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी लगने से व्यापारी को परेशानी होगी। व्यापारी कपड़े का स्टॉक नहीं कर सकता, या नाप में कम हो जाएगा या बिना साइज का बच जाएगा। डिजाइन फेल होने के बाद कपड़े की चौथाई कीमत रह जाती है।
उन्होंने कहा कि कपड़ा कारोबारी जीएसटी का हिसाब नहीं रख पाएंगे। उन्होंने व्यापारियों से एकजुटता के साथ जीएसटी का विरोध करने का आह्वान किया। धरना देने के उपरांत काली पट्टियां बांधे व्यापारी वाणिज्य कर कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान दिलीप अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, धर्मेंद्र राठी, कैलाश चंद्र, गौरव, राजेश माहेश्वरी, बाबूराम, रामबाबू माहेश्वरी,सीताराम अग्रवाल, नीरज, विकास आदि मौजूद रहे।
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कपड़ा कारोबारियों ने गुरुवार को अपनी सभी दुकानें बंद रखीं। दुकानें बंद रखने के बाद कारोबारी बाराद्वारी पर एकत्रित हुए। जहां जमकर प्रदर्शन किया गया। कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष नरेश मित्तल ने कहा कि जीएसटी लगने से कपड़ा व्यापारी काफी परेशान है।
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जीएसटी से मुक्ति पाने के लिए पूरे देश के कपड़ा व्यापारी एकजुट हैं। 1957-58 से अब तक कपड़े पर कोई प्रत्यक्ष कर नहीं लगा था। उन्होंने कहा कि सरकार ने महाराष्ट्र एवं गुजरात के कारोबारियों को आश्वासन दिया था कि कपड़े पर जीएसटी नहीं लगेगी, लेकिन सरकार ने कपड़े पर जीएसटी लगा दी। कपड़े को जीएसटी से मुक्त किया जाए।
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महामंत्री सुबोध अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी लगने से व्यापारी को परेशानी होगी। व्यापारी कपड़े का स्टॉक नहीं कर सकता, या नाप में कम हो जाएगा या बिना साइज का बच जाएगा। डिजाइन फेल होने के बाद कपड़े की चौथाई कीमत रह जाती है।
उन्होंने कहा कि कपड़ा कारोबारी जीएसटी का हिसाब नहीं रख पाएंगे। उन्होंने व्यापारियों से एकजुटता के साथ जीएसटी का विरोध करने का आह्वान किया। धरना देने के उपरांत काली पट्टियां बांधे व्यापारी वाणिज्य कर कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान दिलीप अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, धर्मेंद्र राठी, कैलाश चंद्र, गौरव, राजेश माहेश्वरी, बाबूराम, रामबाबू माहेश्वरी,सीताराम अग्रवाल, नीरज, विकास आदि मौजूद रहे।