{"_id":"69e6cd9475253ca3aa4459c5d0eaa6f2","slug":"132-fake-mark-sheets-filed-in-the-case-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"132 फर्जी मार्कशीट मामले में मुकदमा दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
132 फर्जी मार्कशीट मामले में मुकदमा दर्ज
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 09 Feb 2015 01:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय हिंदी संस्थान में भौतिक सत्यापन में पकड़ी गई उड़ीसा की 132 फर्जी मार्कशीटों के मामले में उड़ीसा में कटक क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच के बाद मामले में आवेदकों व अन्य को आरोपी बना सकती है।
मालूम हो कि पिछले 10 साल से सत्यापन में पकड़ी जा रहीं फर्जी मार्कशीट के मामले का खुलासा दिसंबर में अमर उजाला ने किया था। इसके बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने फर्जीवाड़ा करने वाले आवेदकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।
संस्थान के निदेशक प्रो. मोहन के निर्देश पर रजिस्ट्रार चंद्रकांत त्रिपाठी और परीक्षा विभाग के अधिकारी रतन बाबू पिछले महीने उड़ीसा गए थे और आईजी जोन से मिलकर इस संबंध में मुकदमा दर्ज करने को कहा था।
विज्ञापन
वर्जन----
मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच में जितने लोगों के नाम सामने आएंगे, उन सभी को आरोपी बनाया जाएगा। केंद्रीय हिंदी संस्थान के मुख्यालय को एफआईआर की प्रति स्पीड पोस्ट कर दी गई है।
- रमेश चंद्र सेठी, जांच अधिकारी, उड़ीसा क्राइम ब्रांच
इनबाक्स....
2003 सेे चल रहा है रैकेट
डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की तरह ही केंद्रीय हिंदी संस्थान की भी मार्कशीट और डिग्री तैयार करने का रैकेट संचालित है। साल 2003 से 2012 तक के ऐसे 132 मार्कशीट और डिग्री भौतिक सत्यापन में फर्जी पाई गई थीं। नौकरी मिलने के बाद संबंधित विभागों ने डिग्रियों को संस्थान को भौतिक सत्यापन के लिए भेजा था। फर्जी पाई गईं मार्कशीट हूबहू असली जैसी थीं। पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल के नकली हस्ताक्षर से भी कई डिग्रियां जारी की गईं।
बाक्स...
हैदराबाद पुलिस भी दर्ज कर चुकी मामला
पिछले साल नवंबर में हैदराबाद में अदीलाबाद के डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर ने तीन शिक्षकों पर मामला दर्ज किया था। इन पर आरोप था कि इन्होंने केंद्रीय हिंदी संस्थान की फर्जी डिग्री और मार्कशीट के आधार पर प्रमोशन पाया है। पुलिस ने संस्थान के निदेशक को चिट्ठी लिखकर ऐसे मामलाें की जानकारी मांगी थी। संस्थान के देशभर में दिल्ली, हैदराबाद, गुवाहाटी, शिलांग, मैसूर समेत छह केंद्र हैं। आगरा मुख्यालय है। प्रश्न पत्र, मार्कशीट और डिग्री प्रिंट करने का जिम्मा मुख्यालय पर ही है।
विज्ञापन
मालूम हो कि पिछले 10 साल से सत्यापन में पकड़ी जा रहीं फर्जी मार्कशीट के मामले का खुलासा दिसंबर में अमर उजाला ने किया था। इसके बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने फर्जीवाड़ा करने वाले आवेदकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
संस्थान के निदेशक प्रो. मोहन के निर्देश पर रजिस्ट्रार चंद्रकांत त्रिपाठी और परीक्षा विभाग के अधिकारी रतन बाबू पिछले महीने उड़ीसा गए थे और आईजी जोन से मिलकर इस संबंध में मुकदमा दर्ज करने को कहा था।
विज्ञापन
वर्जन----
मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच में जितने लोगों के नाम सामने आएंगे, उन सभी को आरोपी बनाया जाएगा। केंद्रीय हिंदी संस्थान के मुख्यालय को एफआईआर की प्रति स्पीड पोस्ट कर दी गई है।
- रमेश चंद्र सेठी, जांच अधिकारी, उड़ीसा क्राइम ब्रांच
इनबाक्स....
2003 सेे चल रहा है रैकेट
डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की तरह ही केंद्रीय हिंदी संस्थान की भी मार्कशीट और डिग्री तैयार करने का रैकेट संचालित है। साल 2003 से 2012 तक के ऐसे 132 मार्कशीट और डिग्री भौतिक सत्यापन में फर्जी पाई गई थीं। नौकरी मिलने के बाद संबंधित विभागों ने डिग्रियों को संस्थान को भौतिक सत्यापन के लिए भेजा था। फर्जी पाई गईं मार्कशीट हूबहू असली जैसी थीं। पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल के नकली हस्ताक्षर से भी कई डिग्रियां जारी की गईं।
बाक्स...
हैदराबाद पुलिस भी दर्ज कर चुकी मामला
पिछले साल नवंबर में हैदराबाद में अदीलाबाद के डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर ने तीन शिक्षकों पर मामला दर्ज किया था। इन पर आरोप था कि इन्होंने केंद्रीय हिंदी संस्थान की फर्जी डिग्री और मार्कशीट के आधार पर प्रमोशन पाया है। पुलिस ने संस्थान के निदेशक को चिट्ठी लिखकर ऐसे मामलाें की जानकारी मांगी थी। संस्थान के देशभर में दिल्ली, हैदराबाद, गुवाहाटी, शिलांग, मैसूर समेत छह केंद्र हैं। आगरा मुख्यालय है। प्रश्न पत्र, मार्कशीट और डिग्री प्रिंट करने का जिम्मा मुख्यालय पर ही है।