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हरिपदी कुंड में विसर्जित कीं शहीद भागीरथ की अस्थियां
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हरिपदी कुंड में विसर्जित कीं शहीद भागीरथ की अस्थियां
- फोटो : अमर उजाला
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सोरों(कासगंज)। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए धौलपुर में राजाखेड़ा के गांव जैतपुर के भागीरथ की अस्थियां मोक्ष के लिए तीर्थनगरी पहुंची। यहां तीर्थ पुरोहितों ने विधि विधानपूर्वक अस्थियां हरिपदी कुंड में विसर्जित कराईं। हरिपदी के घाट भारत माता की जयकार से गूंज उठे। शहीद की शहादत को नमन करने के लिए तीर्थ पुरोहितों की भीड़ उमड़ पड़ी। नम आंखों के बीच लोगों ने शहीद को याद किया।
धौलपुर के गांव जैतपुर के जवान भागीरथ सिंह पुत्र परशुराम पुलवामा के आतंकी हमले में 14 फरवरी को शहीद हो गए थे। भागीरथ के परिजन सोरों तीर्थ को विशेष महत्व देते हैं। ऐसे में भागीरथ की मौत के बाद उनकी अस्थियां मोक्षदायिनी पतित पावनी मां अचला गंगा के हरिपदी घाट पर लाई गईं। यहां पुरोहित पहले ही अस्थि विसर्जन की तैयारी कर चुके थे। अस्थियां लेकर शहीद का छोटा भाई बलवीर सुबह 10 बजे सोरों पहुंचा। पुरोहित नीरज तिवारी ने विधि विधानपूर्वक मंत्रोच्चार के साथ शहीद की अस्थियां हरिपदी के कुंड में विसर्जित करा दीं। इस बीच शहीद की शहादत को नमन करने के लिए कस्बे के बाशिंदों की भीड़ उमड़ पड़ी।
विसर्जन में शामिल नहीं हो सका मासूम बेटा
सोरों। भागीरथ की शादी 5 पहले रंजना के साथ हुई थी। रंजना के दो मासूम बच्चे हैं। बड़ा बेटा 3 साल का विनय और छोटी बेटी डेढ़ साल की शिवांगी है। परंपराओं के चलते अबोध बेटे विनय ने पिता की चिता को मुखाग्नि तो दे दी थी, लेकिन वह अस्थि विसर्जन करने सोरों हरिपदी घाट नहीं आ सका। शहीद के परिजनों ने पुरोहितों को बताया कि बेटा काफी छोटा है। पुरोहित नीरज तिवारी ने बताया कि शहीद का चचेरा भाई जोगेंद्र भी साथ में था। जरूरी नहीं था कि मुखाग्नि देने वाला बेटा ही आता। भाईयों से पिंडदान करा दिए।
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पुलिस अफसर बन देश सेवा करेगा छोटा भाई
सोरों। शहीद भागीरथ का छोटा भाई बलवीर सिंह शहीद भाई को नमन करते हुए गंगाघाट पर रो पड़ा। उसने पुरोहितों के समक्ष संकल्प लिया कि वह भाई की याद में देश सेवा करेगा। पुलिस अफसर बनने की तैयारी कर रहा है।
वंदे मातरम के जयकारों से टूटा ओम शांति सन्नाटा
सोरों। गंगा भक्ति समिति के तत्वाधान में पुरोहित शहीद को नमन करने के लिए गंगाघाट पहुंच गए। यहां श्रद्धांजलि सभा की गई। पुरोहितों ने दो मिनट का मौन धारण किया और इस बीच पूरे घाट पर शोक भरा सन्नाटा था। जैसे ही ओम शांति शब्द का उच्चारण हुआ उसके बाद वंदे मातरम की गूंज से सन्नाटा टूट गया। पुरोहित भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। सतीश भारद्वाज, कृष्ण कांत महेरे, नीरज तिवारी, रोहित, राधाकृष्ण भारद्वाज, अभिषेक त्रिगुनायक, प्रशांत कोटेदार, सौरभ दीक्षित, अंकित पचौरी, मोहित चौबे, सचिन निर्भय, पुष्कर मिश्रा, सोहन पंडा, कौशल तिवारी, सोनू बैंदेल, पंकज शास्त्री, दुर्गेश तिवारी, गोपाल तिवारी, विशाल आदि मौजूद रहे।
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धौलपुर के गांव जैतपुर के जवान भागीरथ सिंह पुत्र परशुराम पुलवामा के आतंकी हमले में 14 फरवरी को शहीद हो गए थे। भागीरथ के परिजन सोरों तीर्थ को विशेष महत्व देते हैं। ऐसे में भागीरथ की मौत के बाद उनकी अस्थियां मोक्षदायिनी पतित पावनी मां अचला गंगा के हरिपदी घाट पर लाई गईं। यहां पुरोहित पहले ही अस्थि विसर्जन की तैयारी कर चुके थे। अस्थियां लेकर शहीद का छोटा भाई बलवीर सुबह 10 बजे सोरों पहुंचा। पुरोहित नीरज तिवारी ने विधि विधानपूर्वक मंत्रोच्चार के साथ शहीद की अस्थियां हरिपदी के कुंड में विसर्जित करा दीं। इस बीच शहीद की शहादत को नमन करने के लिए कस्बे के बाशिंदों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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विसर्जन में शामिल नहीं हो सका मासूम बेटा
सोरों। भागीरथ की शादी 5 पहले रंजना के साथ हुई थी। रंजना के दो मासूम बच्चे हैं। बड़ा बेटा 3 साल का विनय और छोटी बेटी डेढ़ साल की शिवांगी है। परंपराओं के चलते अबोध बेटे विनय ने पिता की चिता को मुखाग्नि तो दे दी थी, लेकिन वह अस्थि विसर्जन करने सोरों हरिपदी घाट नहीं आ सका। शहीद के परिजनों ने पुरोहितों को बताया कि बेटा काफी छोटा है। पुरोहित नीरज तिवारी ने बताया कि शहीद का चचेरा भाई जोगेंद्र भी साथ में था। जरूरी नहीं था कि मुखाग्नि देने वाला बेटा ही आता। भाईयों से पिंडदान करा दिए।
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पुलिस अफसर बन देश सेवा करेगा छोटा भाई
सोरों। शहीद भागीरथ का छोटा भाई बलवीर सिंह शहीद भाई को नमन करते हुए गंगाघाट पर रो पड़ा। उसने पुरोहितों के समक्ष संकल्प लिया कि वह भाई की याद में देश सेवा करेगा। पुलिस अफसर बनने की तैयारी कर रहा है।
वंदे मातरम के जयकारों से टूटा ओम शांति सन्नाटा
सोरों। गंगा भक्ति समिति के तत्वाधान में पुरोहित शहीद को नमन करने के लिए गंगाघाट पहुंच गए। यहां श्रद्धांजलि सभा की गई। पुरोहितों ने दो मिनट का मौन धारण किया और इस बीच पूरे घाट पर शोक भरा सन्नाटा था। जैसे ही ओम शांति शब्द का उच्चारण हुआ उसके बाद वंदे मातरम की गूंज से सन्नाटा टूट गया। पुरोहित भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। सतीश भारद्वाज, कृष्ण कांत महेरे, नीरज तिवारी, रोहित, राधाकृष्ण भारद्वाज, अभिषेक त्रिगुनायक, प्रशांत कोटेदार, सौरभ दीक्षित, अंकित पचौरी, मोहित चौबे, सचिन निर्भय, पुष्कर मिश्रा, सोहन पंडा, कौशल तिवारी, सोनू बैंदेल, पंकज शास्त्री, दुर्गेश तिवारी, गोपाल तिवारी, विशाल आदि मौजूद रहे।