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सर्द मौसम में गरमाएगी निगम की सियासत
Updated Mon, 01 Jan 2018 10:57 PM IST
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आगरा। सर्द मौसम में नगर निगम की सियासत गरमाएगी। छह जनवरी को होने वाली सदन की पहली बैठक में कार्यकारिणी की गठन किया जाएगा। इसको लेकर मोहरे सेट करने का काम शुरू हो गया है।
भाजपा पार्षद दल कार्यकारिणी में आठ सदस्यों का दावा कर रहा है। हालांकि वर्तमान संख्या बल के आधार पर भाजपा के छह सदस्य सीधे-सीधे कार्यकारिणी में चले जाएंगे। 12 सदस्यीय कार्यकारिणी में छह सदस्य और एक मेयर के आधार पर भाजपा का बहुमत हो जाएगा।
वर्तमान संख्या बल के आधार पर सदन में भाजपा का बहुमत है। भाजपा के 53 निर्वाचित पार्षद और पांच पदेन सदस्यों के आधार पर भाजपा का कार्यकारिणी में भी बहुमत हो जाएगा। दरअसल कार्यकारिणी के सदस्यों की संख्या 12 होगी। यदि मतदान होता है तो भाजपा के 53 पार्षद और पांच पदेन सदस्यों के आधार पर भाजपा की कुल संख्या 58 हो जाएगी।
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एक सदस्य चुनाव के करीब 9 मतों की आवश्यकता होगी। इस आधार पर भाजपा के छह सदस्य आसानी से पहुंच जाएंगे। बसपा के निर्वाचित पार्षद 27 हैं और एक एमएलसी सुनील चित्तौड़ को जोड़कर कुल संख्या 28 हो जाएगी।
इस आधार पर बसपा के 3 सदस्य कार्यकारिणी में पहुंच सकते हैं। इस तरह नौ सदस्यों का चुनाव हो जाएगा। तीन सदस्यों के लिए मतदान के तहत 13 निर्दलीय सदस्य यदि एक हो जाते हैं तो उनका एक सदस्य कार्यकारिणी में पहुंचेगा।
सपा 5 निर्वाचित पार्षद एक एमएलसी रामसकल गुर्जर के साथ भी एक भी सदस्य नहीं चुन पाएगी। कांग्रेस 2 पार्षदों के एक भी सदस्य नहीं चुन सकती है। यदि सपा और कांग्रेस दोनों एक हो जाएंगे तब भी एक सदस्य चुनने की हैसियत नहीं है।
ऐसी स्थिति में यदि सपा, कांग्रेस और निर्दलीय मिलकर चुनाव लड़ेंगे तब जाकर उनकी संख्या 22 होगी और इस आधार पर वे दो सदस्य ही कार्यकारिणी में पहुंचा सकते हैं। हालांकि भाजपा का दावा है कि कई निर्दलीय सदस्य उनके साथ होंगे और इस आधार पर वे कार्यकारिणी में कम से कम 8 सदस्य लेकर जाएंगे। निर्दलीय पार्षद रवि माथुर का कहना है कि बुधवार को बैठकर रणनीति बनाई जाएगी।
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भाजपा पार्षद दल कार्यकारिणी में आठ सदस्यों का दावा कर रहा है। हालांकि वर्तमान संख्या बल के आधार पर भाजपा के छह सदस्य सीधे-सीधे कार्यकारिणी में चले जाएंगे। 12 सदस्यीय कार्यकारिणी में छह सदस्य और एक मेयर के आधार पर भाजपा का बहुमत हो जाएगा।
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वर्तमान संख्या बल के आधार पर सदन में भाजपा का बहुमत है। भाजपा के 53 निर्वाचित पार्षद और पांच पदेन सदस्यों के आधार पर भाजपा का कार्यकारिणी में भी बहुमत हो जाएगा। दरअसल कार्यकारिणी के सदस्यों की संख्या 12 होगी। यदि मतदान होता है तो भाजपा के 53 पार्षद और पांच पदेन सदस्यों के आधार पर भाजपा की कुल संख्या 58 हो जाएगी।
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एक सदस्य चुनाव के करीब 9 मतों की आवश्यकता होगी। इस आधार पर भाजपा के छह सदस्य आसानी से पहुंच जाएंगे। बसपा के निर्वाचित पार्षद 27 हैं और एक एमएलसी सुनील चित्तौड़ को जोड़कर कुल संख्या 28 हो जाएगी।
इस आधार पर बसपा के 3 सदस्य कार्यकारिणी में पहुंच सकते हैं। इस तरह नौ सदस्यों का चुनाव हो जाएगा। तीन सदस्यों के लिए मतदान के तहत 13 निर्दलीय सदस्य यदि एक हो जाते हैं तो उनका एक सदस्य कार्यकारिणी में पहुंचेगा।
सपा 5 निर्वाचित पार्षद एक एमएलसी रामसकल गुर्जर के साथ भी एक भी सदस्य नहीं चुन पाएगी। कांग्रेस 2 पार्षदों के एक भी सदस्य नहीं चुन सकती है। यदि सपा और कांग्रेस दोनों एक हो जाएंगे तब भी एक सदस्य चुनने की हैसियत नहीं है।
ऐसी स्थिति में यदि सपा, कांग्रेस और निर्दलीय मिलकर चुनाव लड़ेंगे तब जाकर उनकी संख्या 22 होगी और इस आधार पर वे दो सदस्य ही कार्यकारिणी में पहुंचा सकते हैं। हालांकि भाजपा का दावा है कि कई निर्दलीय सदस्य उनके साथ होंगे और इस आधार पर वे कार्यकारिणी में कम से कम 8 सदस्य लेकर जाएंगे। निर्दलीय पार्षद रवि माथुर का कहना है कि बुधवार को बैठकर रणनीति बनाई जाएगी।