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मलेरिया के मरीज बढ़ने पर टूटी विभाग की नींद
Updated Tue, 19 Sep 2017 11:39 PM IST
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अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। जनपद में लगातार बढ़ रही मलेरिया के मरीजों की संख्या के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रीय हो गया है। सीएमओ ने सभी विकास खंडों में स्थित सीएचसी व पीएचसी के प्रभारियों को कड़े निर्देश जारी कर डीडीटी छिड़काव के निर्देश दिए हैं।
जनपद में बढ़ रहे मलेरिया के मरीजों को देखते हुए जिला मलेरिया अधिकारी व प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सजग करते हुए सीएमओ ने कहा है कि फोकल स्प्रे के लिए जनपद में डीडीटी उपलब्ध है। उसे जहां भी जरूरत है वहां छिड़काव कराया जाए। अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मलेरिया की स्लाइड तैयार कराई जाए। पुष्टि होने पर मौके पर पहुंचकर भी उपचार दिया जाए।
जला मलेरिया अधिकारी एसएन सिंह ने बताया कि जनपद को 4500 केजी डीडीटी प्राप्त हुई थी। जिसमें से तीन हजार केजी डीडीटी पीएचसी पर भेज दी गई है। पीएचसी से जिन क्षेत्रों में मरीज मिल रहे हैं वहां डीडीटी छिड़काव के लिए भेजी जा रही है। जिले में 2500 केजी डीडीटी का छिड़काव कराया जा चुका है।
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जनपद में मलेरिया की दवा की कोई कमी नहीं है। सभी केंद्रों पर क्लोरोक्वीन व प्राइमाक्वीन की दवाइयां उपलब्ध करा दी गई हैं। सरकारी अस्पताल में दवाइयों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सभी पीएचसी, सीएचसी, एएनएम व आशाओं को भी दवा उपलब्ध करा दी गई है।
मंगलवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल की ओपीडी में 1100 से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इनमें से 511 मरीज बुखार से पीड़ित थे। मंगलवार को जिला अस्पताल में 57 मरीजों को गंभीर हालत के चलते भर्ती कराया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी एनएन सिंह ने बताया कि जनपद को मलेरिया के मामले में सरकार द्वारा डी श्रेणी में रखा गया। डी श्रेणी के जनपद के लिए मात्र फोकल स्प्रे के निर्देश दिए गए हैं। जिनका पालन किया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में स्प्रे हो चुका है। कुछ में चल रहा है कुछ में शीघ्र ही कराया जाएगा।
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जनपद में बढ़ रहे मलेरिया के मरीजों को देखते हुए जिला मलेरिया अधिकारी व प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सजग करते हुए सीएमओ ने कहा है कि फोकल स्प्रे के लिए जनपद में डीडीटी उपलब्ध है। उसे जहां भी जरूरत है वहां छिड़काव कराया जाए। अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मलेरिया की स्लाइड तैयार कराई जाए। पुष्टि होने पर मौके पर पहुंचकर भी उपचार दिया जाए।
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जला मलेरिया अधिकारी एसएन सिंह ने बताया कि जनपद को 4500 केजी डीडीटी प्राप्त हुई थी। जिसमें से तीन हजार केजी डीडीटी पीएचसी पर भेज दी गई है। पीएचसी से जिन क्षेत्रों में मरीज मिल रहे हैं वहां डीडीटी छिड़काव के लिए भेजी जा रही है। जिले में 2500 केजी डीडीटी का छिड़काव कराया जा चुका है।
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जनपद में मलेरिया की दवा की कोई कमी नहीं है। सभी केंद्रों पर क्लोरोक्वीन व प्राइमाक्वीन की दवाइयां उपलब्ध करा दी गई हैं। सरकारी अस्पताल में दवाइयों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सभी पीएचसी, सीएचसी, एएनएम व आशाओं को भी दवा उपलब्ध करा दी गई है।
मंगलवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। अस्पताल की ओपीडी में 1100 से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इनमें से 511 मरीज बुखार से पीड़ित थे। मंगलवार को जिला अस्पताल में 57 मरीजों को गंभीर हालत के चलते भर्ती कराया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी एनएन सिंह ने बताया कि जनपद को मलेरिया के मामले में सरकार द्वारा डी श्रेणी में रखा गया। डी श्रेणी के जनपद के लिए मात्र फोकल स्प्रे के निर्देश दिए गए हैं। जिनका पालन किया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में स्प्रे हो चुका है। कुछ में चल रहा है कुछ में शीघ्र ही कराया जाएगा।