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Agra News: लगातार कोहरे के कहर से हो रहीं दुर्घटनाएं
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कासगंज। कोहरे का मौसम सड़क यातायात के लिए अभिशाप बना हुआ है। कोहरे के कारण 20 दिनों में 13 लोगों की जान अब तक जा चुकी है। 20 दिन पहले शुरू हुए कोहरे के पहले दिन ही रेलिंग तोड़ती हुई कार काली नदी में गिर गई थी। जिसमें तीन सवारों की मौत हो गई। इसी तरह की दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है।
काली नदी में कार रेलिंग तोड़कर गिरने की घटना 18 दिसंबर को हुई। जब कैनाल रूट बाईपास पर झाल के पुल पर घने कोहरे में कार चालक को न रेलिंग नहीं दिखा। कार अनियंत्रित होकर पचास फीट नीचे नदी में गिर गई। दो सवारों की मौके मौत हो गई, जबकि एक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके अलावा 19 दिसंबर को कोहरे के कारण सहावर में फरौली के निकट ने ट्रक ने टेंपो को टक्कर मार दी, जिसमें एक युवक व एक युवती की मौत हो गई । 1 जनवरी को पटियाली में टेंपो पलटने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि पांच बच्चों सहित 7 लोग घायल हुए। इसी दिन गंजडुंडवारा में बोलेरो ने राहगीर को रौंद दिया। जिसमें उसकी मौत हो गई। 2 जनवरी को मामो में रोडवेज ने ऑटो को टक्कर मार दी। जिससे ऑटो सवार महिला की मौत हो गई। कोहरे के कहर के चलते एक दिन पूर्व शनिवार को कार अतरौली मार्ग पर पेड़ से टकरा गई। जिससे चार सवारों की मौत हो गई और दो गंभीर घायल हो गए। वहीं कोहरे के कारण पटियाली में रविवार को बाइक सवारों को ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे एक की मौत हो गई और दो घायल हो गए। लगातार कोहरे के कारण दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है।
कासगंज। कोहरे के कारण शनिवार की रात्रि को कार पेड़ से टकरा गई। सड़क किनारे लगे पेड़ों पर रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए हैं। जिसके कारण पेड़ों से हादसा होने का डर बना हुआ है। यातायात विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है। वहीं दुर्घटनाओं के लिए कैनाल रूट बाईपास, फोरलेन, सोरोंजी-सहावर मार्ग, पटियाली-बदायूं मार्ग काफी संवेदनशील हैं, लेकिन इन मार्गों पर संकेतक नहीं लगे हैं। जिससे कोहरे में वाहन चालकों को सड़क सही से दिखाई नहीं देती।
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संवेदनशील स्थानों पर रेट्रो रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं। ट्रैक्टर ट्रॉली, बैलगाड़ियों पर भी विभाग ने अभियान चलाकर रिफ्लेक्टर लगवाए हैं। रिफ्लेक्टर लगाने का क्रम जारी है। राजेश राजपूत, एआरटीओ।
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काली नदी में कार रेलिंग तोड़कर गिरने की घटना 18 दिसंबर को हुई। जब कैनाल रूट बाईपास पर झाल के पुल पर घने कोहरे में कार चालक को न रेलिंग नहीं दिखा। कार अनियंत्रित होकर पचास फीट नीचे नदी में गिर गई। दो सवारों की मौके मौत हो गई, जबकि एक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके अलावा 19 दिसंबर को कोहरे के कारण सहावर में फरौली के निकट ने ट्रक ने टेंपो को टक्कर मार दी, जिसमें एक युवक व एक युवती की मौत हो गई । 1 जनवरी को पटियाली में टेंपो पलटने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि पांच बच्चों सहित 7 लोग घायल हुए। इसी दिन गंजडुंडवारा में बोलेरो ने राहगीर को रौंद दिया। जिसमें उसकी मौत हो गई। 2 जनवरी को मामो में रोडवेज ने ऑटो को टक्कर मार दी। जिससे ऑटो सवार महिला की मौत हो गई। कोहरे के कहर के चलते एक दिन पूर्व शनिवार को कार अतरौली मार्ग पर पेड़ से टकरा गई। जिससे चार सवारों की मौत हो गई और दो गंभीर घायल हो गए। वहीं कोहरे के कारण पटियाली में रविवार को बाइक सवारों को ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे एक की मौत हो गई और दो घायल हो गए। लगातार कोहरे के कारण दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है।
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कासगंज। कोहरे के कारण शनिवार की रात्रि को कार पेड़ से टकरा गई। सड़क किनारे लगे पेड़ों पर रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए हैं। जिसके कारण पेड़ों से हादसा होने का डर बना हुआ है। यातायात विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है। वहीं दुर्घटनाओं के लिए कैनाल रूट बाईपास, फोरलेन, सोरोंजी-सहावर मार्ग, पटियाली-बदायूं मार्ग काफी संवेदनशील हैं, लेकिन इन मार्गों पर संकेतक नहीं लगे हैं। जिससे कोहरे में वाहन चालकों को सड़क सही से दिखाई नहीं देती।
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संवेदनशील स्थानों पर रेट्रो रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं। ट्रैक्टर ट्रॉली, बैलगाड़ियों पर भी विभाग ने अभियान चलाकर रिफ्लेक्टर लगवाए हैं। रिफ्लेक्टर लगाने का क्रम जारी है। राजेश राजपूत, एआरटीओ।