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UP: मोबाइल गुम होने पर लगी मोटी चपत...बैंक में की शिकायत, फिर भी खाते से निकल गए 13.52 लाख रुपये
Sat, 13 Dec 2025 09:29 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 13 Dec 2025 09:29 PM IST
सार
बैंक में शिकायत करने के बाद भी खाते से यूपीआई और आईएमपीएस के माध्यम से लगातार धनराशि निकलती रही। बैंक जाने पर पीड़ित को जानकारी हुई कि उसके खाते से कुल 13.52 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं।
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साइबर अपराधी।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र निवासी भूपेंद्र सिंह का मोबाइल राजस्थान से लौटते समय गुम हो गया। आगरा पहुंचे तो खाते से कुछ रकम निकलने की जानकारी हुई। बैंक जाकर शिकायत की। इसके बाद भी कई बार में उनके खाते से 13.52 लाख रुपये निकल गए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त 2025 को वह परिवार के साथ गोगामड़ी (राजस्थान) गए थे। 27 अगस्त को वापसी के दौरान उनका मोबाइल फोन गुम हो गया। उसमें दो सिम थे। एक नंबर उनके केनरा बैंक खाते और आधार से लिंक था। घर लौटने पर दूसरा मोबाइल लेने पर 28 और 29 अगस्त को उनके खाते से यूपीआई के जरिये 9,998 रुपये निकलने का पता चला।
इसके बाद उन्होंने बैंक की रहनकला शाखा में सूचना देकर खाता होल्ड कराने का अनुरोध किया। इसके बावजूद खाते से यूपीआई और आईएमपीएस के माध्यम से लगातार धनराशि निकलती रही। 1 सितंबर 2025 को बैंक जाने पर पीड़ित को जानकारी हुई कि उसके खाते से कुल 13,52,899 रुपये निकाले जा चुके हैं।
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बैंक अधिकारियों से बात की तो उन्होंने सिर्फ डेबिट कार्ड ब्लाॅक किए जाने की जानकारी दी। पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। एडीसीपी सिटी आदित्य कुमार ने बताया कि जांच के बाद साइबर क्राइम थाना आगरा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
साइबर क्राइम पोर्टल पर करें तत्काल शिकायत
एडीसीपी सिटी ने बताया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर साइबर क्राइम पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और थाने की साइबर हेल्प डेस्क को जानकारी दें। सरकार ने बैंकों की जिम्मेदारी तय कर रखी है।
शिकायत मिलते ही तत्काल पुलिस संबंधित बैंक को सूचना देकर खाता होल्ड कराती है और ठगी की रकम जिस खाते में गई होती है, उसे फ्रीज कराया जाता है। सही समय पर की गई शिकायत से ठगी की रकम वापस मिलने की उम्मीद रहती है।
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पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त 2025 को वह परिवार के साथ गोगामड़ी (राजस्थान) गए थे। 27 अगस्त को वापसी के दौरान उनका मोबाइल फोन गुम हो गया। उसमें दो सिम थे। एक नंबर उनके केनरा बैंक खाते और आधार से लिंक था। घर लौटने पर दूसरा मोबाइल लेने पर 28 और 29 अगस्त को उनके खाते से यूपीआई के जरिये 9,998 रुपये निकलने का पता चला।
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इसके बाद उन्होंने बैंक की रहनकला शाखा में सूचना देकर खाता होल्ड कराने का अनुरोध किया। इसके बावजूद खाते से यूपीआई और आईएमपीएस के माध्यम से लगातार धनराशि निकलती रही। 1 सितंबर 2025 को बैंक जाने पर पीड़ित को जानकारी हुई कि उसके खाते से कुल 13,52,899 रुपये निकाले जा चुके हैं।
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बैंक अधिकारियों से बात की तो उन्होंने सिर्फ डेबिट कार्ड ब्लाॅक किए जाने की जानकारी दी। पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। एडीसीपी सिटी आदित्य कुमार ने बताया कि जांच के बाद साइबर क्राइम थाना आगरा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
साइबर क्राइम पोर्टल पर करें तत्काल शिकायत
एडीसीपी सिटी ने बताया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर साइबर क्राइम पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और थाने की साइबर हेल्प डेस्क को जानकारी दें। सरकार ने बैंकों की जिम्मेदारी तय कर रखी है।
शिकायत मिलते ही तत्काल पुलिस संबंधित बैंक को सूचना देकर खाता होल्ड कराती है और ठगी की रकम जिस खाते में गई होती है, उसे फ्रीज कराया जाता है। सही समय पर की गई शिकायत से ठगी की रकम वापस मिलने की उम्मीद रहती है।