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सुबह 4:22 से शाम 5:25 बजे तक भाइयों को बांधी जा सकेंगी राखियां
Updated Wed, 22 Aug 2018 08:48 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन पर इस बार पूरे दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखियां बांध सकेंगी। इस बार भद्रा नक्षत्र सूर्योदय से पहले ही खत्म हो जाएगा, भोर होते ही भाइयों को राखियां बांधने का क्रम शुरू हो जाएगा।
बहनें करीब 12 घंटे तक भाइयों को राखी बांध सकेंगी। रक्षाबंधन का पर्व 26 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार रविवार होने के कारण वे भाई भी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं जिन्हें छुट्टी न होने के कारण रक्षाबंधन वाले दिन भी दफ्तर जाना पड़ता था। चार साल में यह पहला मौका होगा जब रक्षाबंधन वाले दिन भद्रा नहीं होगा। पर्व इस बार ग्रहण से भी मुक्त होगा।
ज्योतिषाचार्य कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इस दिन बहनें अपने भाइयों की दीर्घायु की कामना कर उनके टीका कर रक्षासूत्र बांधती हैं। इस वर्ष सुबह 4:22 बजे से भद्रा समाप्त हो जाएंगे। शाम 5:25 बजे तक बहनें भाइयों को राखी बांध सकेंगी। बताया कि बृहस्पति जी ने इंद्र के, द्रोपदी ने श्रीकृष्ण के व लक्ष्मी ने राजावलि के रक्षासूत्र बांधा था।
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राहुकाल में राखी बांधने से बचें
रक्षाबंधन के दिन भद्रकाल न होने से पूरा दिन शुभ रहेगा। हालांकि बहनें राहुकाल के समय अपने भाइयों को राखियां बांधने से बचें तो अच्छा है। यह समय शाम 4:30 बजे से छह बजे तक रहेगा। इस समय अवधि के अलावा किसी भी समय राखी बांधी जा सकेगी।
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बहनें करीब 12 घंटे तक भाइयों को राखी बांध सकेंगी। रक्षाबंधन का पर्व 26 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार रविवार होने के कारण वे भाई भी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं जिन्हें छुट्टी न होने के कारण रक्षाबंधन वाले दिन भी दफ्तर जाना पड़ता था। चार साल में यह पहला मौका होगा जब रक्षाबंधन वाले दिन भद्रा नहीं होगा। पर्व इस बार ग्रहण से भी मुक्त होगा।
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ज्योतिषाचार्य कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इस दिन बहनें अपने भाइयों की दीर्घायु की कामना कर उनके टीका कर रक्षासूत्र बांधती हैं। इस वर्ष सुबह 4:22 बजे से भद्रा समाप्त हो जाएंगे। शाम 5:25 बजे तक बहनें भाइयों को राखी बांध सकेंगी। बताया कि बृहस्पति जी ने इंद्र के, द्रोपदी ने श्रीकृष्ण के व लक्ष्मी ने राजावलि के रक्षासूत्र बांधा था।
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राहुकाल में राखी बांधने से बचें
रक्षाबंधन के दिन भद्रकाल न होने से पूरा दिन शुभ रहेगा। हालांकि बहनें राहुकाल के समय अपने भाइयों को राखियां बांधने से बचें तो अच्छा है। यह समय शाम 4:30 बजे से छह बजे तक रहेगा। इस समय अवधि के अलावा किसी भी समय राखी बांधी जा सकेगी।