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संसद में गूंजी मथुरा की पेयजल समस्या
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:08 PM IST
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मथुरा। सांसद हेमामालिनी ने गुरुवार को संसद में मथुरा की पेयजल समस्या को उठाया। देश में पेयजल संकट पर चर्चा करते हुए सांसद ने मथुरा की स्थिति को भी सदन के समक्ष रखा।
संसद सत्र के दूसरे दिन संसद में बोलते हुए सांसद हेमामालिनी ने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत भंयकर पेयजल संकट से जूझ रहा है। 75 प्रतिशत घरों में पीने का पानी नहीं हैं, देश के करीब 60 करोड़ लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं। वाटर क्वालिटी इंडेक्स में 122 देशों की सूची में भारत 120वें नंबर पर है। 2030 तक पानी की मांग उपलब्ध आपूर्ति से दोगुनी हो जाएगी।
इस दौरान उन्होंने मथुरा में पीने के पानी का समस्या विकराल है। जिले का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा खारे पानी की समस्या से जूझ रहा है। कई इलाकों में तो आज भी लोग अन्य कामों में खारे पानी का उपयोग कर रहे हैं। कहा कि जल संवर्धन और पेयजल संरक्षण के प्रभावी उपाय किए जाने की आवश्यकता है।
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संसद सत्र के दूसरे दिन संसद में बोलते हुए सांसद हेमामालिनी ने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत भंयकर पेयजल संकट से जूझ रहा है। 75 प्रतिशत घरों में पीने का पानी नहीं हैं, देश के करीब 60 करोड़ लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं। वाटर क्वालिटी इंडेक्स में 122 देशों की सूची में भारत 120वें नंबर पर है। 2030 तक पानी की मांग उपलब्ध आपूर्ति से दोगुनी हो जाएगी।
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इस दौरान उन्होंने मथुरा में पीने के पानी का समस्या विकराल है। जिले का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा खारे पानी की समस्या से जूझ रहा है। कई इलाकों में तो आज भी लोग अन्य कामों में खारे पानी का उपयोग कर रहे हैं। कहा कि जल संवर्धन और पेयजल संरक्षण के प्रभावी उपाय किए जाने की आवश्यकता है।
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