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ग्लास उत्पादों को मिलने वाली सहायता राशि में वृद्धि की जाए
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:46 PM IST
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी के ग्लास उत्पादों को मिलने वाली सहायता राशि में वृद्धि के लिए ग्लास मैन्यूफैक्चरर एंड एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु को पत्र भेजा है।
एसोसिएशन अध्यक्ष मुकेश बंसल टोनी ने पत्र में कहा है कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा विदेशी नीति 2015-2020 में निर्यातकों को एमआईईएस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि में दो प्रतिशत की वृद्धि की गई है। फिरोजाबाद से निर्यात होने वाले कांच उत्पाद पर कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। पूर्व में पांच प्रतिशत सहायता राशि इंपोर्ट लाइसेंस के रूप में प्रदान की जाती थी, जो वर्तमान में भी पांच प्रतिशत ही है। जबकि कांच उत्पादों पर इसे बढ़ाकर सात प्रतिशत नहीं किया गया।
एमईआईएस योजना पूर्व में फोकस प्रोडक्ट स्कीम के नाम से जानी जाती थी। हाल ही में इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि में दो प्रतिशत वृद्धि की गई है, परंतु भूलवश इसमें हैंडीक्राफ्ट ग्लास उत्पादों को शामिल नहीं किया गया है। ग्लास हैंडीक्राफ्ट निर्यात पूर्णत: श्रम आधारित है। इसमें कम पूंजी में अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाता है।
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एसोसिएशन अध्यक्ष मुकेश बंसल टोनी ने पत्र में कहा है कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा विदेशी नीति 2015-2020 में निर्यातकों को एमआईईएस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि में दो प्रतिशत की वृद्धि की गई है। फिरोजाबाद से निर्यात होने वाले कांच उत्पाद पर कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। पूर्व में पांच प्रतिशत सहायता राशि इंपोर्ट लाइसेंस के रूप में प्रदान की जाती थी, जो वर्तमान में भी पांच प्रतिशत ही है। जबकि कांच उत्पादों पर इसे बढ़ाकर सात प्रतिशत नहीं किया गया।
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एमईआईएस योजना पूर्व में फोकस प्रोडक्ट स्कीम के नाम से जानी जाती थी। हाल ही में इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि में दो प्रतिशत वृद्धि की गई है, परंतु भूलवश इसमें हैंडीक्राफ्ट ग्लास उत्पादों को शामिल नहीं किया गया है। ग्लास हैंडीक्राफ्ट निर्यात पूर्णत: श्रम आधारित है। इसमें कम पूंजी में अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाता है।
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