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मुस्लिम नरसंहार के विरोध में उतरे स्थानीय मुस्लिम
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:36 PM IST
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प्रदर्शन करते मुस्लिम समाज के लोग
एटा।
म्यांमार में हो रहे रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार के विरोध में उतरे स्थानीय मुसलमानों ने राष्ट्रपति व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें मुस्लिम समाज पर जुल्म रोकने की मांग की गई।
मंगलवार को जहीर अहमद के नेतृत्व में जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे मुस्लिम समाज ने म्यांमार सरकार पर मुस्लिमों के कत्लेआम का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि म्यांमार सरकार मुस्लिमों को देश से खत्म करना चाहती है। मांग पत्र में भारत सरकार से नरसंहार रोकने के लिए कूटनीतिक दबाव बनाने, पीड़ित रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए देश की सीमाएं खोलने, प्रभावित क्षेत्रों में देश से चिकित्सक, दवाओं एवं खाद्य सामग्री भेजने आदि की मांग शामिल हैं। शामिल मुस्लिमों में अफसर हुसैन, मुजीब अहमद, मो. सगीर, मो.इमरान, बबलू, गुलजार, परवेज फारूखी, रिंकू आदि प्रमुख हैं।
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म्यांमार में हो रहे रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार के विरोध में उतरे स्थानीय मुसलमानों ने राष्ट्रपति व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें मुस्लिम समाज पर जुल्म रोकने की मांग की गई।
मंगलवार को जहीर अहमद के नेतृत्व में जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे मुस्लिम समाज ने म्यांमार सरकार पर मुस्लिमों के कत्लेआम का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि म्यांमार सरकार मुस्लिमों को देश से खत्म करना चाहती है। मांग पत्र में भारत सरकार से नरसंहार रोकने के लिए कूटनीतिक दबाव बनाने, पीड़ित रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए देश की सीमाएं खोलने, प्रभावित क्षेत्रों में देश से चिकित्सक, दवाओं एवं खाद्य सामग्री भेजने आदि की मांग शामिल हैं। शामिल मुस्लिमों में अफसर हुसैन, मुजीब अहमद, मो. सगीर, मो.इमरान, बबलू, गुलजार, परवेज फारूखी, रिंकू आदि प्रमुख हैं।
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