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अनूपशहर ब्रांच में 22 वर्षों से नहीं आया पानी
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कासगंज। क्षेत्र के अनूप शहर ब्रांच की नहरों रजबाहों में पिछले 22 वर्षों से सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंचा है। ग्रामीण अनेक बार चुनाव के मौके पर और फसल के मौके पर रजबाहे में पानी की मांग को लेकर मुद्दा उठाते हैं, पर समस्या का हल नहीं मिलता।
अनूप शहर ब्रांच के जनपद में 13 रजबाहे व माइनर हैं। इनमें आने वाला पानी बीच में हीक रुक जाता है। नरौरा नहर विभाग के द्वारा इसकी सफाई भी नहीं करवाई जाती। रजबाहे और माइनर सूख होने से 50 गांवों में खेती किसानी पर इसका असर पड़ता है। पानी आना बंद हो जाने के बाद से निराश होकर बड़ी संख्या में लोगों ने बागवानी का काम छोड़ दिया और बाग कटवा दिए। इस क्षेत्र के भूड़ का नगला, किनावा, इनायती, ढोलना, इसेपुर, महावर, इटौआ, गोदानगला, छत्ता नगला, भड़सौलीजंगल, जरैड, रहमतपुरमाफी, जखेरा, महेशपुरा, सिरौली, फिरोजपुर आदि गांव रजबाहे और माइनरों से सिंचाई पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब किसान ट्राली व नलकूप के सहारे खेती करने के कारण किसानों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ता है।
अनूप शहर ब्रांच में पिछले 22 वषों से पानी नहीं आया है, जिसका असर खेती कार्य पर पड़ता है। तमाम बागवानों ने अपने बाग तक कटावा दिए। डा. बीडी राना, पूर्व जिला पंचायत सदस्य
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रजबाहों और माइनरों की सफाई तक नहंी होती, जिससे इनमें जगह जगह झाड़ियां उग आती है। पानी के अभाव में फसलों पर भी असर पड़ता है। विपिन शर्मा, क्षेत्र पंचायत सदस्य
अनूप शहर ब्रांच के रजवाहों, माइनरों में पानी पीछे से ही रुक जाता है। जनपद में पानी नहीं आ पाता, जिससे किसानों के समाने समस्या रहती है। हरिओम सींच पर्यवेक्षक अनूप शहर ब्रांच
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अनूप शहर ब्रांच के जनपद में 13 रजबाहे व माइनर हैं। इनमें आने वाला पानी बीच में हीक रुक जाता है। नरौरा नहर विभाग के द्वारा इसकी सफाई भी नहीं करवाई जाती। रजबाहे और माइनर सूख होने से 50 गांवों में खेती किसानी पर इसका असर पड़ता है। पानी आना बंद हो जाने के बाद से निराश होकर बड़ी संख्या में लोगों ने बागवानी का काम छोड़ दिया और बाग कटवा दिए। इस क्षेत्र के भूड़ का नगला, किनावा, इनायती, ढोलना, इसेपुर, महावर, इटौआ, गोदानगला, छत्ता नगला, भड़सौलीजंगल, जरैड, रहमतपुरमाफी, जखेरा, महेशपुरा, सिरौली, फिरोजपुर आदि गांव रजबाहे और माइनरों से सिंचाई पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब किसान ट्राली व नलकूप के सहारे खेती करने के कारण किसानों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ता है।
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अनूप शहर ब्रांच में पिछले 22 वषों से पानी नहीं आया है, जिसका असर खेती कार्य पर पड़ता है। तमाम बागवानों ने अपने बाग तक कटावा दिए। डा. बीडी राना, पूर्व जिला पंचायत सदस्य
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रजबाहों और माइनरों की सफाई तक नहंी होती, जिससे इनमें जगह जगह झाड़ियां उग आती है। पानी के अभाव में फसलों पर भी असर पड़ता है। विपिन शर्मा, क्षेत्र पंचायत सदस्य
अनूप शहर ब्रांच के रजवाहों, माइनरों में पानी पीछे से ही रुक जाता है। जनपद में पानी नहीं आ पाता, जिससे किसानों के समाने समस्या रहती है। हरिओम सींच पर्यवेक्षक अनूप शहर ब्रांच