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छह से अधिक डिबार कालेज बने परीक्षा केंद्र
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:57 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मैनपुरी। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा वर्ष 2018 की बोर्ड परीक्षा के लिए निर्धारित किए गए संभावित परीक्षा केंद्रों में बड़ी अनियमितताएं बरती गई हैं। छह से अधिक डिबार कालेज परीक्षा केंद्र बना दिए गए हैं। इतना ही नहीं दो दर्जन से अधिक ऐसे कालेज बना दिए हैं जिनमें डीआईओएस को स्वयं अपने निरीक्षण के दौरान बड़ी खामियां मिली थीं।
पहली बार माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने ऑनलाइन केंद्रों का निर्धारण किया है। जिसमें बड़ी अनियमितता बरती गईं हैं। जनपद में नकल के लिए बदनाम कालेजों को परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल कर लिया है। छह से अधिक डिबार कालेज भी परीक्षा केंद्र बना दिए गए। इसके अतिरिक्त पूर्व में जिन कालेजों पर बड़ी अनियमितताएं बरती गई थीं उन्हें भी परीक्षा केंद्र की सूची में शामिल कर लिया गया। अब इन कालेजों को सूची से हटाने के लिए जिला परीक्षा समिति के सामने कई समस्याएं खड़ी हो गईं हैं।
परीक्षा के दौरान खड़ी हो सकती है समस्या
मैनपुरी। बोर्ड ने जनपद में जिन सहायता प्राप्त कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाया है। उनमें से दो दर्जन से अधिक कालेज मानक पूरे नहीं करते हैं। परीक्षा के दौरान इन कालेजों पर नकल रोकना आसान नहीं होगा। पूर्व की परीक्षाओं के दौरान यहां बाहरी तत्वों ने बड़े हंगामे किए। सबसे बड़ी कमी सहायता प्राप्त कालेजों में शिक्षकों की कमी है। यहां स्थाई शिक्षकों की कमी के कारण प्राइवेट शिक्षकों पर शिक्षा व्यवस्था निर्भर है। ये प्राइवेट शिक्षक लोकल के होने के कारण नकल रोकने में अधिक रूचि नहीं लेते हैं। दूसरी सबसे बड़ी समस्या यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने की है। अधिकतर कालेजों के पास तो फर्नीचर तक नहीं है।
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मैनपुरी। सहायता प्राप्त जो कालेज परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। उनमें से 12 कालेजों के प्रधानाचार्यों ने डीआईओएस को प्रत्यावेदन देकर आवंटित छात्र संख्या में परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। क्योंकि उनके यहां न तो इतना फर्नीचर है और न ही इतने छात्रों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
आज की बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला
मैनपुरी। संभावित परीक्षा केंद्रों पर जिला समिति को अपनी सहमति देनी है। जिसके लिए गुरुवार की शाम चार बजे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला परीक्षा समिति की बैठक आयोजित होनी है। इस बैठक में महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है।
प्रत्यावेदन आने के बाद केंद्र निर्धारण को लेकर जिला समिति की बैठक आयोजित होनी है। इस बैठक में केंद्रों को लेकर चर्चा की जाएगी। उसके बाद ही अनंतिम सूची जारी होगी। संभावित परीक्षा केंद्रों में से कुछ कालेज हटाए जाएंगे।
जीएस राजपूत डीआईओएस मैनपुरी
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पहली बार माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने ऑनलाइन केंद्रों का निर्धारण किया है। जिसमें बड़ी अनियमितता बरती गईं हैं। जनपद में नकल के लिए बदनाम कालेजों को परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल कर लिया है। छह से अधिक डिबार कालेज भी परीक्षा केंद्र बना दिए गए। इसके अतिरिक्त पूर्व में जिन कालेजों पर बड़ी अनियमितताएं बरती गई थीं उन्हें भी परीक्षा केंद्र की सूची में शामिल कर लिया गया। अब इन कालेजों को सूची से हटाने के लिए जिला परीक्षा समिति के सामने कई समस्याएं खड़ी हो गईं हैं।
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परीक्षा के दौरान खड़ी हो सकती है समस्या
मैनपुरी। बोर्ड ने जनपद में जिन सहायता प्राप्त कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाया है। उनमें से दो दर्जन से अधिक कालेज मानक पूरे नहीं करते हैं। परीक्षा के दौरान इन कालेजों पर नकल रोकना आसान नहीं होगा। पूर्व की परीक्षाओं के दौरान यहां बाहरी तत्वों ने बड़े हंगामे किए। सबसे बड़ी कमी सहायता प्राप्त कालेजों में शिक्षकों की कमी है। यहां स्थाई शिक्षकों की कमी के कारण प्राइवेट शिक्षकों पर शिक्षा व्यवस्था निर्भर है। ये प्राइवेट शिक्षक लोकल के होने के कारण नकल रोकने में अधिक रूचि नहीं लेते हैं। दूसरी सबसे बड़ी समस्या यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने की है। अधिकतर कालेजों के पास तो फर्नीचर तक नहीं है।
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मैनपुरी। सहायता प्राप्त जो कालेज परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। उनमें से 12 कालेजों के प्रधानाचार्यों ने डीआईओएस को प्रत्यावेदन देकर आवंटित छात्र संख्या में परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। क्योंकि उनके यहां न तो इतना फर्नीचर है और न ही इतने छात्रों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
आज की बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला
मैनपुरी। संभावित परीक्षा केंद्रों पर जिला समिति को अपनी सहमति देनी है। जिसके लिए गुरुवार की शाम चार बजे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला परीक्षा समिति की बैठक आयोजित होनी है। इस बैठक में महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है।
प्रत्यावेदन आने के बाद केंद्र निर्धारण को लेकर जिला समिति की बैठक आयोजित होनी है। इस बैठक में केंद्रों को लेकर चर्चा की जाएगी। उसके बाद ही अनंतिम सूची जारी होगी। संभावित परीक्षा केंद्रों में से कुछ कालेज हटाए जाएंगे।
जीएस राजपूत डीआईओएस मैनपुरी