{"_id":"59a5aff34f1c1b43738b4587","slug":"11504030707-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवेदन ऑनलाइन, फिर भी लगानी पड़ रही लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवेदन ऑनलाइन, फिर भी लगानी पड़ रही लाइन
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
online
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद।
ऑनलाइन आवेदन के बाद नियम भले ही मूल निवास प्रमाणपत्र 15 दिन में बनाने के हों, लेकिन हर स्तर पर आमजन को कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है। इन जनसेवा केंद्रों पर अधिक फीस वसूली जाती है। प्रशासन के स्टिंग के बाद भी सुधार नहीं हुआ।
स्कूलों में पढ़ाई हो या सरकारी विभाग में नौकरी के लिए कोई आवेदन करना हो, मूलनिवास प्रमाणपत्र की जरूरत तो हर किसी को होती है। लेकिन शुरूआत तो जनसुविधा केंद्र से ही पैसे वसूली की हो जाती है। यहां पहले तो 20 रुपये की जगह 80 से सौ रुपया तक लिए जाते हैं। प्रशासन के स्टिंग ऑपरेशन के बाद सुधार ही नहीं हो सका। आवेदन करने के बाद लेखपाल की ओर से जांच के लिए घर आने वाला व्यक्ति जांच के नाम पर सीधे पैसे की डिमांड करता है।
ये बोले चक्कर लगाने वाले पीड़ित
जैन नगर निवासी श्रेया यादव ने मूल निवास बनवाने को करीब 20 दिन पूर्व आवेदन किया था। लेकिन अभी तक प्रमाणपत्र ही नहीं बना।
सोनू चौहान को 22 दिन बीत गए लेकिन मूल निवास आवेदन के बावजूद नहीं बना। जनसेवा केंद्र पर पूछने जाते हैं तो जवाब मिलता है अभी नहीं बना।
- नगला करन सिंह निवासी राजकुमार ने कहा मूल निवास को आवेदन किए एक माह बीत गया। लेकिन अभी तक नहीं बन सका। क्योंकि लेखपाल समय से रिपोर्ट नहीं लगाते। अधिकांश केंद्र 20 की जगह 80 से सौ रुपया तक वसूल रहे हैं।
विज्ञापन
- कोटला रोड निवासी मनीष मूल निवास नहीं बनने से आहत है। वह कहते हैं सरकारी व्यवस्था में ऑनलाइन सुविधा से तहसील तक दौड़ना कम हो गया। रिपोर्ट लेखपाल ही लगाएंगे तो उनकी मनमानी हावी रहती है। आवेदन किए करीब 40 दिन बीत गए लेकिन मूल निवास नहीं बना। केशपुरा गिरीश की पुत्री सोनी एवं बेटा विवेक भी मूल निवास बनवाने को डेढ़ माह से भटक रहा है।
निवास प्रमाणपत्र बनवाने की यह है प्रक्रिया
- जनसेवा केंद्र पर आधारकार्ड, फोटो के साथ करें ऑनलाइन आवेदन।
- 20 रुपया आवेदन फीस का आवेदन को ग्राहक सेवाकेंद्र पर देना होगा।
- तीसरे दिन विभागीय पोर्टल पर अपलोड होकर लेखपाल को मिलेगा।
- चौथे दिन कानूनगो से जांच करके अपनी रिपोर्ट दी जाएगी।
- 15 दिन में प्रिंट ग्राहक सेवा केंद्र से मिलेगा।
मूल निवास प्रमाणपत्र बनवाने की सुविधा ऑनलाइन है। हर आवेदन को 15 दिन में निस्तारित करने का प्रयास रहता है। छात्र-छात्राओं के प्रमाणपत्र बनाने की भीड़ के कारण अभी कुछ दिक्कत है। लेकिन शीघ्र ही सुधार हो जाएगा।
- चंद्रभानु सिंह, एसडीएम
विज्ञापन
ऑनलाइन आवेदन के बाद नियम भले ही मूल निवास प्रमाणपत्र 15 दिन में बनाने के हों, लेकिन हर स्तर पर आमजन को कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है। इन जनसेवा केंद्रों पर अधिक फीस वसूली जाती है। प्रशासन के स्टिंग के बाद भी सुधार नहीं हुआ।
स्कूलों में पढ़ाई हो या सरकारी विभाग में नौकरी के लिए कोई आवेदन करना हो, मूलनिवास प्रमाणपत्र की जरूरत तो हर किसी को होती है। लेकिन शुरूआत तो जनसुविधा केंद्र से ही पैसे वसूली की हो जाती है। यहां पहले तो 20 रुपये की जगह 80 से सौ रुपया तक लिए जाते हैं। प्रशासन के स्टिंग ऑपरेशन के बाद सुधार ही नहीं हो सका। आवेदन करने के बाद लेखपाल की ओर से जांच के लिए घर आने वाला व्यक्ति जांच के नाम पर सीधे पैसे की डिमांड करता है।
विज्ञापन
ये बोले चक्कर लगाने वाले पीड़ित
जैन नगर निवासी श्रेया यादव ने मूल निवास बनवाने को करीब 20 दिन पूर्व आवेदन किया था। लेकिन अभी तक प्रमाणपत्र ही नहीं बना।
सोनू चौहान को 22 दिन बीत गए लेकिन मूल निवास आवेदन के बावजूद नहीं बना। जनसेवा केंद्र पर पूछने जाते हैं तो जवाब मिलता है अभी नहीं बना।
- नगला करन सिंह निवासी राजकुमार ने कहा मूल निवास को आवेदन किए एक माह बीत गया। लेकिन अभी तक नहीं बन सका। क्योंकि लेखपाल समय से रिपोर्ट नहीं लगाते। अधिकांश केंद्र 20 की जगह 80 से सौ रुपया तक वसूल रहे हैं।
विज्ञापन
- कोटला रोड निवासी मनीष मूल निवास नहीं बनने से आहत है। वह कहते हैं सरकारी व्यवस्था में ऑनलाइन सुविधा से तहसील तक दौड़ना कम हो गया। रिपोर्ट लेखपाल ही लगाएंगे तो उनकी मनमानी हावी रहती है। आवेदन किए करीब 40 दिन बीत गए लेकिन मूल निवास नहीं बना। केशपुरा गिरीश की पुत्री सोनी एवं बेटा विवेक भी मूल निवास बनवाने को डेढ़ माह से भटक रहा है।
निवास प्रमाणपत्र बनवाने की यह है प्रक्रिया
- जनसेवा केंद्र पर आधारकार्ड, फोटो के साथ करें ऑनलाइन आवेदन।
- 20 रुपया आवेदन फीस का आवेदन को ग्राहक सेवाकेंद्र पर देना होगा।
- तीसरे दिन विभागीय पोर्टल पर अपलोड होकर लेखपाल को मिलेगा।
- चौथे दिन कानूनगो से जांच करके अपनी रिपोर्ट दी जाएगी।
- 15 दिन में प्रिंट ग्राहक सेवा केंद्र से मिलेगा।
मूल निवास प्रमाणपत्र बनवाने की सुविधा ऑनलाइन है। हर आवेदन को 15 दिन में निस्तारित करने का प्रयास रहता है। छात्र-छात्राओं के प्रमाणपत्र बनाने की भीड़ के कारण अभी कुछ दिक्कत है। लेकिन शीघ्र ही सुधार हो जाएगा।
- चंद्रभानु सिंह, एसडीएम