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कर्जमाफी के दायरे में आए 4,362 और किसान
Updated Thu, 13 Jul 2017 11:00 PM IST
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एटा। योगी सरकार के ऋण माफी योजना में कोआपरेटिव बैंक के 4362 किसान भी शामिल हो गए हैं। शासन ने बुधवार को इन किसानाें की भी सूची जारी कर दी है। अब जिले में कर्जमाफी के दायरे में आए किसानों की संख्या 66066 से बढ़ कर 70,428 हो गई है। खास बात यह है कि शासन ने को-आपरेटिव बैंक द्वारा भेजी गई कर्जदारों की सूची से एनपीए किसानों के नाम शामिल नहीं किए हैं। इन किसानों के लिए सरकार दूसरी योजना लाएगी।
जिला कृषि अधिकारी सर्वेश यादव ने बताया कि कोआपरेटिव बैंक के 25,054 किसानों पर 47.36 करोड़ रुपये फसली ऋण है। इन्हीं कर्जदार किसानों की सूची बैंक ने शासन को भेजी थी, लेकिन सरकार ने ऋण मोचन योजना में कोआपरेटिव बैंक के सिर्फ 4362 किसानों का 13.702 करोड़ रुपये फसली ऋण माफ करने का फैसला कर सूची जारी कर दी है।
शासन ने बैंक के एनपीए किसानों को कर्जमाफी योजना में शामिल नहीं किया है। इससे कर्जमाफी की धनराशि 409.586 करोड़ रुपये पहुंच गई है। सूची जारी होने के बद बैंक अधिकारी आधार कार्ड लिंक किसान, नान आधार लिंक किसान और भूलेख लिंक और नॉन लिंक किसानों की सूची बनाने में जुटे हैं। कृषि विभाग 14 सदस्यीय जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन कराने के बाद कर्जमाफी का पैसा मंगा कर बैकों को भेजेगा। इसके बाद किसानों को ऋणमाफी के प्रमाण पत्र मिलेंगे।
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क्या हैं एनपीए और नॉन एनपीए किसान
कोआपरेटिव बैंक अधिकरियों की माने तो नान एनपीए ऐसे किसानों को कहा जाता है कि जिन्होंने बैंक से कर्ज लेने के बाद दो साल में ऋण चुकाया नहीं हैं। जबकि एनपीए वे किसान हैं जिन्होंने दो साल से अधिक वक्त बीतने के बाद भी बैंक को कर्ज नहीं लौटाया है। प्रदेश सरकार की ऋण मोचन योजना के लिए एनपीए और नॉन एनपीए किसान 31 मार्च 2016 की निर्धारित तारीख से तय किए गए हैं।
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जिला कृषि अधिकारी सर्वेश यादव ने बताया कि कोआपरेटिव बैंक के 25,054 किसानों पर 47.36 करोड़ रुपये फसली ऋण है। इन्हीं कर्जदार किसानों की सूची बैंक ने शासन को भेजी थी, लेकिन सरकार ने ऋण मोचन योजना में कोआपरेटिव बैंक के सिर्फ 4362 किसानों का 13.702 करोड़ रुपये फसली ऋण माफ करने का फैसला कर सूची जारी कर दी है।
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शासन ने बैंक के एनपीए किसानों को कर्जमाफी योजना में शामिल नहीं किया है। इससे कर्जमाफी की धनराशि 409.586 करोड़ रुपये पहुंच गई है। सूची जारी होने के बद बैंक अधिकारी आधार कार्ड लिंक किसान, नान आधार लिंक किसान और भूलेख लिंक और नॉन लिंक किसानों की सूची बनाने में जुटे हैं। कृषि विभाग 14 सदस्यीय जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन कराने के बाद कर्जमाफी का पैसा मंगा कर बैकों को भेजेगा। इसके बाद किसानों को ऋणमाफी के प्रमाण पत्र मिलेंगे।
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क्या हैं एनपीए और नॉन एनपीए किसान
कोआपरेटिव बैंक अधिकरियों की माने तो नान एनपीए ऐसे किसानों को कहा जाता है कि जिन्होंने बैंक से कर्ज लेने के बाद दो साल में ऋण चुकाया नहीं हैं। जबकि एनपीए वे किसान हैं जिन्होंने दो साल से अधिक वक्त बीतने के बाद भी बैंक को कर्ज नहीं लौटाया है। प्रदेश सरकार की ऋण मोचन योजना के लिए एनपीए और नॉन एनपीए किसान 31 मार्च 2016 की निर्धारित तारीख से तय किए गए हैं।