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अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य, पुत्र की दीघार्यु की कामना
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:06 AM IST
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टूंडला (फिरोजाबाद)। छठ पूजन के दूसरे दिन महिलाओं ने 36 घंटे का निर्जला व्रत धारणकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर सुख- समृद्धि व परिवारीजनों की दीर्घायु की कामना की। इस मौके पर महिलाओं ने फलों व हरी सब्जियों आदि का दान किया। छठ पूजा पर लोगों ने विशेष उत्साह रहा तथा आतिशबाजी की।
तीन दिन तक चलने वाले छठ पूजा का कार्यक्रम सोमवार की सायंकाल से प्रारंभ हुआ। महिलाओं ने गुड़, चावल की खीर व रोटी खाकर व्रत का शुभारंभ किया। सायंकाल के भोजन में नमक, लहसुन, प्याज का सेवन वर्जित रहा। इस भोजन के करने के साथ ही छठ का निर्जला व्रत प्रारंभ हो गया।
महिलाओं ने मंगलवार को प्रात: जल्दी जागकर भजन-पूजन किया। दिनभर घरों में महिलाओं का समय भजन आदि करने में गुजरा। दोपहर के बाद से महिलाएं विशेष पूजा की तैयारी में लग गयीं। इस पूजन में महिलाओं ने विभिन्न प्रकार के फल व हरी सब्जियां, गन्ने आदि को पूजन में साथ रखा।
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इसमें गन्ना, सिंघाड़ा व मूली का विशेष महत्व रहता है। मंगलवार सांझ ढलने के साथ ही व्रत धारण किये सभी महिलाएं रेलवे क्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिर यज्ञशाला व रेस्टकैंप के ग्रेनशॉप स्थित शिवमंदिर पर पहुंचीं।
जहां उन्होंने कमर तक गहरे तालाब में खड़े होकर गाजेबाजे के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को देवता की दीपक जलाकर आरती की और गाय के दूध व गंगाजल से अर्घ्य देकर उन्हें विदा किया। व्रत का समापन बुधवार को प्रात: उगते हुए सूर्य को अर्घ्य व दान व प्रसाद वितरण के साथ किया जायेगा।
इस के बाद ही महिलाएं जल आदि पीकर व्रत खोलेंगी। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से एजीएम ओईएफ राजीव कुमार, श्याम सुंदर, वीरेन्द्र पांडेय, नवलेश कुमार सिंह, नंदन ठाकुर, एससी तिवारी, शशि कुमार, संजीव कुमार, मुकेश प्रजापति, सोनू, करन प्रजापति, डा. रमेश यादव, गोपाल, मुन्ना ठेकेदार, दीपूचंद्रा, निशाचंद्रा, सीतादेवी, बसामती देवी आदि थे।
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तीन दिन तक चलने वाले छठ पूजा का कार्यक्रम सोमवार की सायंकाल से प्रारंभ हुआ। महिलाओं ने गुड़, चावल की खीर व रोटी खाकर व्रत का शुभारंभ किया। सायंकाल के भोजन में नमक, लहसुन, प्याज का सेवन वर्जित रहा। इस भोजन के करने के साथ ही छठ का निर्जला व्रत प्रारंभ हो गया।
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महिलाओं ने मंगलवार को प्रात: जल्दी जागकर भजन-पूजन किया। दिनभर घरों में महिलाओं का समय भजन आदि करने में गुजरा। दोपहर के बाद से महिलाएं विशेष पूजा की तैयारी में लग गयीं। इस पूजन में महिलाओं ने विभिन्न प्रकार के फल व हरी सब्जियां, गन्ने आदि को पूजन में साथ रखा।
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इसमें गन्ना, सिंघाड़ा व मूली का विशेष महत्व रहता है। मंगलवार सांझ ढलने के साथ ही व्रत धारण किये सभी महिलाएं रेलवे क्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिर यज्ञशाला व रेस्टकैंप के ग्रेनशॉप स्थित शिवमंदिर पर पहुंचीं।
जहां उन्होंने कमर तक गहरे तालाब में खड़े होकर गाजेबाजे के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को देवता की दीपक जलाकर आरती की और गाय के दूध व गंगाजल से अर्घ्य देकर उन्हें विदा किया। व्रत का समापन बुधवार को प्रात: उगते हुए सूर्य को अर्घ्य व दान व प्रसाद वितरण के साथ किया जायेगा।
इस के बाद ही महिलाएं जल आदि पीकर व्रत खोलेंगी। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से एजीएम ओईएफ राजीव कुमार, श्याम सुंदर, वीरेन्द्र पांडेय, नवलेश कुमार सिंह, नंदन ठाकुर, एससी तिवारी, शशि कुमार, संजीव कुमार, मुकेश प्रजापति, सोनू, करन प्रजापति, डा. रमेश यादव, गोपाल, मुन्ना ठेकेदार, दीपूचंद्रा, निशाचंद्रा, सीतादेवी, बसामती देवी आदि थे।