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बच्चों का मध्यान्ह भोजन नहीं होना चाहिए बंद
Updated Mon, 23 Jul 2018 11:28 PM IST
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मैनपुरी। जनपद में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना को लेकर राजकीय व सहायता प्राप्त कॉलेजों व स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की बैठक जिला स्काउट गाइड प्रांगण में आयोजित की गई। बैठक में डीआईओएस और बीएसए ने प्रधानाचार्यों से मध्यान्ह भोजन संचालन के संबंध में जानकारी जुटाई। इस दौरान करीब दो दर्जन स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बंद की जानकारी मिली।
मध्यान्ह भोजन योजना को लेकर शासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। राज्य परियोजना निदेशक ने डीआईओएस सर्वेश कुमार और बीएसए विजय प्रताप सिंह से जानकारी मांगी है कि उनके यहां कितने स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बंद चल रहा है। इसका कारण क्या है। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जहां एमडीएम बंद है वहां संचालन किया जाए। बैठक में दो दर्जन स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बंद मिलने की जानकारी मिली। जिसमें प्रधानाध्यापकों व प्रधानाचार्यों ने बताया कि इसके लिए कन्वर्जन कास्ट ही उपलब्ध नहीं है।
बीएसए विजय प्रताप ने कहा कि शीघ्र ही कन्वर्जन कास्ट विद्यालय को उपलब्ध करा दी जाएगी। मध्यान्ह भोजन किसी कीमत पर बंद नहीं होना चाहिए। बैठक में सभी राजकीय तथा सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रबंधक मौजूद रहे। जनपद में 31 सहायता प्राप्त जूनियर स्कूल तथा पांच माध्यमिक स्कूलों के साथ ही आठ राजकीय इंटर कॉलेजों में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन किया जा रहा है।
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मध्यान्ह भोजन योजना को लेकर शासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। राज्य परियोजना निदेशक ने डीआईओएस सर्वेश कुमार और बीएसए विजय प्रताप सिंह से जानकारी मांगी है कि उनके यहां कितने स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बंद चल रहा है। इसका कारण क्या है। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जहां एमडीएम बंद है वहां संचालन किया जाए। बैठक में दो दर्जन स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बंद मिलने की जानकारी मिली। जिसमें प्रधानाध्यापकों व प्रधानाचार्यों ने बताया कि इसके लिए कन्वर्जन कास्ट ही उपलब्ध नहीं है।
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बीएसए विजय प्रताप ने कहा कि शीघ्र ही कन्वर्जन कास्ट विद्यालय को उपलब्ध करा दी जाएगी। मध्यान्ह भोजन किसी कीमत पर बंद नहीं होना चाहिए। बैठक में सभी राजकीय तथा सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रबंधक मौजूद रहे। जनपद में 31 सहायता प्राप्त जूनियर स्कूल तथा पांच माध्यमिक स्कूलों के साथ ही आठ राजकीय इंटर कॉलेजों में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन किया जा रहा है।
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