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जमीनी विवाद में जमकर हुआ पथराव और फायरिंग
Updated Tue, 05 Jun 2018 11:04 PM IST
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फायरिंग
- फोटो : SELF
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जलेसर। कोतवाली शकरोली क्षेत्र के गांव मनीगढ़ी में जमीन की नापतोल के लिये मौके पर पहुंचे तहसीलदार एवं लेखपाल के सामने ही दोनों पक्ष भिड़ गए। दोनों ओर से आधा घंटे तक फायरिंग और पथराव हुआ। इसमें छह लोग घायल हुए है। जलेसर और शकरोली की पुलिस मौके पर पहुंच गई है।
गांव मनीगढी निवासी ठा. नरेंद्र सिंह सिसोदिया द्वारा अपने खेत की नाप कराने के लिये तहसीलदार विजय कुमार छत्रपति, लेखपालों की टीम को लेकर पहुंच थे। प्राथमिक विद्यालय में पहुंचकर तहसीलदार ने दोनों पक्षों को विद्यालय में बुलवा लिया। दोनों पक्षों को बुलाकर तहसीलदार वार्ता कर रहे थे। उसी दौरान दोनो पक्षों में टकराव और गालीगलौज होने लगी। दोनों पक्षों में टकराव में पथराव शुरू हो गया। जब तक स्थिति को नियंत्रित करते। उससे पहले दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। गांव में अफरा तफरी मच गई। दोनों पक्षों से आधा दर्जन महिला पुरुष चुटैल भी हुए है। प्रशासनिक अधिकारी मौके की नजाकत को देखते हुए वहां से खिसक लिए। पथराव और फायरिंग की जानकारी मिलते ही कोतवाली शकरोली एवं जलेसर के प्रभारी मौके पर पहुंच गये। लेकिन दोनों पक्ष भाग गये।
मामले में है चार बीघा जमीन
जलेसर। ग्राम मनीगढ़ी में हुई फायरिंग और पथराव की घटना के पीछे है चार बीघा जमीन है। प्रदेश सरकार के आदेश पर ग्राम पंचायतों की भूमि पर अवैध कब्जे हटाने के अभियान के दौरान ठा. नरेन्द्र सिंह के खेत में सेे प्रशासन नेे चार बीघा भूमि खाली कराई थी। ठा. नरेन्द्र सिंह की चार बीघा भूमि सतीश दिवाकर के खेत में दबी हुई थी। भूमि को निकलवाने के लिये नरेंद्र सिंह का पुत्र तहसीलदार और लेखपालों की टीम लेकर ग्राम पहुंचेे थे। नाप के लिये दोनों पक्षों को राजी करने के लिये एकत्रित किया था। लेकिन नापतोल तो नहीं हुई। दोनों पक्ष आपस मे भिड़ गए।
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गांव मनीगढी निवासी ठा. नरेंद्र सिंह सिसोदिया द्वारा अपने खेत की नाप कराने के लिये तहसीलदार विजय कुमार छत्रपति, लेखपालों की टीम को लेकर पहुंच थे। प्राथमिक विद्यालय में पहुंचकर तहसीलदार ने दोनों पक्षों को विद्यालय में बुलवा लिया। दोनों पक्षों को बुलाकर तहसीलदार वार्ता कर रहे थे। उसी दौरान दोनो पक्षों में टकराव और गालीगलौज होने लगी। दोनों पक्षों में टकराव में पथराव शुरू हो गया। जब तक स्थिति को नियंत्रित करते। उससे पहले दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। गांव में अफरा तफरी मच गई। दोनों पक्षों से आधा दर्जन महिला पुरुष चुटैल भी हुए है। प्रशासनिक अधिकारी मौके की नजाकत को देखते हुए वहां से खिसक लिए। पथराव और फायरिंग की जानकारी मिलते ही कोतवाली शकरोली एवं जलेसर के प्रभारी मौके पर पहुंच गये। लेकिन दोनों पक्ष भाग गये।
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मामले में है चार बीघा जमीन
जलेसर। ग्राम मनीगढ़ी में हुई फायरिंग और पथराव की घटना के पीछे है चार बीघा जमीन है। प्रदेश सरकार के आदेश पर ग्राम पंचायतों की भूमि पर अवैध कब्जे हटाने के अभियान के दौरान ठा. नरेन्द्र सिंह के खेत में सेे प्रशासन नेे चार बीघा भूमि खाली कराई थी। ठा. नरेन्द्र सिंह की चार बीघा भूमि सतीश दिवाकर के खेत में दबी हुई थी। भूमि को निकलवाने के लिये नरेंद्र सिंह का पुत्र तहसीलदार और लेखपालों की टीम लेकर ग्राम पहुंचेे थे। नाप के लिये दोनों पक्षों को राजी करने के लिये एकत्रित किया था। लेकिन नापतोल तो नहीं हुई। दोनों पक्ष आपस मे भिड़ गए।
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