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Agra News: 11 साल के कबीर ने खेली 505 रनों की नाबाद पारी
Sat, 24 Oct 2026 02:42 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 24 Oct 2026 02:42 AM IST
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सुप्रिया अरेला
आगरा। क्रिकेट के मैदान पर बड़ी पारियां खेलने के लिए उम्र मायने नहीं रखती। यहां सिर्फ धैर्य, एकाग्रता और मजबूत तकनीक की जरूरत होती है। इसे आगरा के ग्यारह साल के नन्हे बल्लेबाज सुप्रिया अरेलाने हकीकत में बदल कर दिखाया है। उन्होंने 505 रनों की नाबाद ऐतिहासिक पारी खेलकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
केके शर्मा वत्स स्पोर्ट्स क्रिकेट एकेडमी के मैदान में इन दिनों मां माया देवी स्मृति अंडर-14 चैंपियनशिप खेली जा रही है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन 22 अक्तूबर को कबीर ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से हर किसी को हैरान कर दिया। उन्होंने अपनी इस मैराथन पारी में 505 रन बना डाले और सबसे खास बात यह रही कि इतने बड़े व्यक्तिगत स्कोर पर पहुंचने के बावजूद वह क्रीज पर पूरी मजबूती से डटे रहे।
307 गेंदों पर 90 चौके-छक्के
कबीर ने अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दौरान 307 गेंदों का सामना किया। इस बीच उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाते हुए 80 चौके और 10 छक्के जड़े। उनकी इस अविश्वसनीय पारी की टाइमिंग भी गजब की रही। वह सुबह ठीक सात बजे बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे और शाम को करीब साढ़े चार बजे तक क्रीज पर जमे रहे। बीच में मिलने वाले विश्राम के समय को अगर निकाल दें तो उनकी कुल बल्लेबाजी का समय करीब साढ़े आठ घंटे रहा। इतनी कम उम्र में मैदान पर लगातार इतने लंबे समय तक टिके रहना और एकाग्रता को टूटने न देना, उनकी गजब की शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता को बयां करता है।
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खिलाड़ियों के लिए बने प्रेरणास्रोत
कबीर की इस लाजवाब पारी ने न सिर्फ मैदान पर मौजूद दर्शकों और आयोजकों का दिल जीता बल्कि विपक्षी टीम के खिलाड़ियों को भी दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया। अंडर-14 आयु वर्ग जैसे प्रतिस्पर्धी मंच पर 11 साल के बच्चे का इस तरह जिम्मेदारी और संयम के साथ खेलना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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आगरा में बहुदिवसीय मुकाबले बहुत कम आयोजित होते हैं। ऐसे में एक ही दिन में 500 से अधिक रन बनाना इस प्रदर्शन को और खास बनाता है। कबीर की पारी केवल रनों का आंकड़ा नहीं बल्कि लंबे प्रारूप में बल्लेबाजी के धैर्य और कौशल की मिसाल भी है। अकादमी स्तर पर आगरा में यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, इसे आधिकारिक रिकॉर्ड घोषित करने के लिए आंकड़ों और रिकॉर्ड की पुष्टि अभी होनी है। - नरेंद्र शर्मा, क्रिकेटर व समीक्षक
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307 गेंदों पर 505 रन (जिसमें 90 बाउंड्री यानी 380 रन सिर्फ चौके-छक्कों से आए हों) का स्ट्राइक रेट लगभग 164 का बैठता है। यह इतने लंबे समय तक टिकने के दौरान संभव है। सुबह 7 बजे से शाम 4:30 बजे तक यानी लगभग साढ़े आठ घंटे की प्रभावी बल्लेबाजी की गई यानी हर ओवर में औसतन 5 से 6 गेंदें खेली गईं, बीच में ड्रिंक्स और लंच ब्रेक का समय घटाने के बाद यह गणित सही बैठता है। - केके शर्मा, पूर्व दलीप ट्रॉफी खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक
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केके शर्मा वत्स स्पोर्ट्स क्रिकेट एकेडमी के मैदान में इन दिनों मां माया देवी स्मृति अंडर-14 चैंपियनशिप खेली जा रही है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन 22 अक्तूबर को कबीर ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से हर किसी को हैरान कर दिया। उन्होंने अपनी इस मैराथन पारी में 505 रन बना डाले और सबसे खास बात यह रही कि इतने बड़े व्यक्तिगत स्कोर पर पहुंचने के बावजूद वह क्रीज पर पूरी मजबूती से डटे रहे।
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307 गेंदों पर 90 चौके-छक्के
कबीर ने अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दौरान 307 गेंदों का सामना किया। इस बीच उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाते हुए 80 चौके और 10 छक्के जड़े। उनकी इस अविश्वसनीय पारी की टाइमिंग भी गजब की रही। वह सुबह ठीक सात बजे बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे और शाम को करीब साढ़े चार बजे तक क्रीज पर जमे रहे। बीच में मिलने वाले विश्राम के समय को अगर निकाल दें तो उनकी कुल बल्लेबाजी का समय करीब साढ़े आठ घंटे रहा। इतनी कम उम्र में मैदान पर लगातार इतने लंबे समय तक टिके रहना और एकाग्रता को टूटने न देना, उनकी गजब की शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता को बयां करता है।
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कबीर की इस लाजवाब पारी ने न सिर्फ मैदान पर मौजूद दर्शकों और आयोजकों का दिल जीता बल्कि विपक्षी टीम के खिलाड़ियों को भी दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया। अंडर-14 आयु वर्ग जैसे प्रतिस्पर्धी मंच पर 11 साल के बच्चे का इस तरह जिम्मेदारी और संयम के साथ खेलना चर्चा का विषय बना हुआ है।
आगरा में बहुदिवसीय मुकाबले बहुत कम आयोजित होते हैं। ऐसे में एक ही दिन में 500 से अधिक रन बनाना इस प्रदर्शन को और खास बनाता है। कबीर की पारी केवल रनों का आंकड़ा नहीं बल्कि लंबे प्रारूप में बल्लेबाजी के धैर्य और कौशल की मिसाल भी है। अकादमी स्तर पर आगरा में यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, इसे आधिकारिक रिकॉर्ड घोषित करने के लिए आंकड़ों और रिकॉर्ड की पुष्टि अभी होनी है। - नरेंद्र शर्मा, क्रिकेटर व समीक्षक
307 गेंदों पर 505 रन (जिसमें 90 बाउंड्री यानी 380 रन सिर्फ चौके-छक्कों से आए हों) का स्ट्राइक रेट लगभग 164 का बैठता है। यह इतने लंबे समय तक टिकने के दौरान संभव है। सुबह 7 बजे से शाम 4:30 बजे तक यानी लगभग साढ़े आठ घंटे की प्रभावी बल्लेबाजी की गई यानी हर ओवर में औसतन 5 से 6 गेंदें खेली गईं, बीच में ड्रिंक्स और लंच ब्रेक का समय घटाने के बाद यह गणित सही बैठता है। - केके शर्मा, पूर्व दलीप ट्रॉफी खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक