आगरा में कोरोना: पांच दिन में दर्ज हुई 48 मरीजों की मौत, बीते 24 घंटे में 49 संक्रमित मिले
आगरा में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थम गई है, लेकिन मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। पिछले पांच दिन 48 मरीजों की मौत कोविड पोर्टल पर दर्ज की गई है।
विस्तार
आगरा में कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद अब संक्रमित मरीजों की मौत के आंकड़े सामने आ रहे हैं। स्थिति चिंताजनक है। क्योंकि एक तरफ नए मरीज घट रहे हैं, जबकि मृतक संख्या थमने का नाम नहीं ले रही। रविवार को 49 नए मरीज मिले हैं। 11 नए समेत पांच दिन में 48 मरीजों की मौत का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज हुआ है।
अप्रैल में आई संक्रमण की दूसरी लहर बड़े पैमाने पर लोगों को निगल गई। उस समय अस्पतालों से लेकर श्मशान तक शवों से पटे रहे। उनमें से कई संक्रमितों की मौत पोर्टल पर अब दर्ज हो रही है। रविवार को 11 मृतकों का ब्योरा सरकारी पोर्टल पर दर्ज होने से अब कुल मृतक संख्या 374 हो गई है। पिछले पांच दिनों में 48 मरीजों की मौत का ब्योरा दर्ज किया है। 24 घंटे में 8109 लोगों की जांच में महज 49 नए मरीज मिले हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 25363 हो गई है। जिनमें 24137 मरीज ठीक हो चुके हैं।
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि अप्रैल में गंभीर स्थिति बनने के कारण उस समय मृत संक्रमितों का ब्योरा दर्ज नहीं हो सका। जिसे अब पोर्टल पर फीड किया जा रहा है। 24 घंटे में 166 मरीज ठीक हुए हैं। जिले में अब तक 8.61 लाख से ज्यादा लोगों की जांच हो चुकी है। जिले में 852 संक्रमित उपचाराधीन हैं। जिनमें 282 मरीज अस्पतालों में और बाकी होम आइसोलेशन में भर्ती हैं।
आगरा कॉलेज के विधि विभागाध्यक्ष की कोरोना से मौत
आगरा कॉलेज के विधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पीयूष त्यागी की कोरोना संक्रमण की वजह से रविवार सुबह छह बजे मौत हो गई। सिनर्जी हॉस्पिटल उनका उपचार चल रहा था। औटा कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. गौरव कौशिक ने बताया कि डॉ. पीयूष त्यागी की अधिक तबीयत खराब होने पर उन्हें प्रभा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
उपचार के बाद वह 11 मई 2021 को वह ठीक होकर के घर आ गए थे। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें दोबारा 18 मई को सिनर्जी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे परिवार में परिवार में पत्नी और दो बेटियां को छोड़ गए हैं।
डॉ पीयूष त्यागी 1990 से लेकर 1996 तक श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय अलीगढ़ में और 1996 से लेकर के अभी तक आगरा कॉलेज आगरा में कार्यरत थे। डॉ. पीयूष त्यागी डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के अधिष्ठाता (डीन) भी रह चुके हैं। इससे पहले आगरा कॉलेज के दो शिक्षकों की पूर्व में कोरोना से मौत हो चुकी है। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पीके सिंह पोरूष और डॉ. हरीश शर्मा की मृत्यु हो चुकी है।