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बेसिक शिक्षा परिषद ने मांगी गणित विज्ञान के शिक्षकों की सूची
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मैनपुरी। बीएड फर्जीवाड़े की जांच के बाद अब गणित-विज्ञान शिक्षक भर्ती को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है। बेसिक शिक्षा परिषद ने इन शिक्षकों के डाटा के साथ ही पटल सहायक को भी तलब किया है। बीएड फर्जीवाड़े की जांच अभी मंजिल तक नहीं पहुंच सकी है। इससे पहले ही अब बेसिक शिक्षा परिषद ने गणित विज्ञान के शिक्षकों का डाटा तलब कर लिया है। इसके लिए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने बीएसए को पत्र भेजकर सात फरवरी तक पूरा डाटा उपलब्ध कराने के लिए कहा था। इसमें संबंधित पटल सहायक को भी परिषद में उपस्थित होने की बात कही गई है।
इस आदेश के बाद पूरे विभाग में खलबली मच गई है। शिक्षकों को इन भर्तियों में भी गड़बड़ी की चिंता सताने लगी है। बताते चलें कि जिले में गणित विज्ञान शिक्षक भर्ती में तीन सैकड़ा से अधिक शिक्षकों को तैनाती मिली है। इन सभी शिक्षकों का डाटा तैयार कर बेसिक शिक्षा परिषद को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद परिषद द्वारा ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि ये डाटा क्यों मांगा गया है, इसकी जानकारी विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों को भी नहीं है, लेकिन शिक्षक जानकारी करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
फर्जी शिक्षकों की भी नहीं हो सकी बर्खास्तगी
बीएड के फर्जी अभिलेखों पर शिक्षक बनने वाले लोगों का चिह्नांकन किया गया था। दोबारा से एसआईटी ने ऐसे शिक्षकों का चिह्नांकन कराने के लिए नई सीडी भेजी थी। इन शिक्षकों को 30 जनवरी तक बर्खास्त किया जाना था, लेकिन अब तक इन शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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इस आदेश के बाद पूरे विभाग में खलबली मच गई है। शिक्षकों को इन भर्तियों में भी गड़बड़ी की चिंता सताने लगी है। बताते चलें कि जिले में गणित विज्ञान शिक्षक भर्ती में तीन सैकड़ा से अधिक शिक्षकों को तैनाती मिली है। इन सभी शिक्षकों का डाटा तैयार कर बेसिक शिक्षा परिषद को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद परिषद द्वारा ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि ये डाटा क्यों मांगा गया है, इसकी जानकारी विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों को भी नहीं है, लेकिन शिक्षक जानकारी करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
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फर्जी शिक्षकों की भी नहीं हो सकी बर्खास्तगी
बीएड के फर्जी अभिलेखों पर शिक्षक बनने वाले लोगों का चिह्नांकन किया गया था। दोबारा से एसआईटी ने ऐसे शिक्षकों का चिह्नांकन कराने के लिए नई सीडी भेजी थी। इन शिक्षकों को 30 जनवरी तक बर्खास्त किया जाना था, लेकिन अब तक इन शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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