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दूसरी सीडी भेजे जाने की सुगबुगाहट से शिक्षा विभाग में खलबली
Updated Wed, 28 Nov 2018 11:17 PM IST
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मैनपुरी। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से संबंधित बीएड डिग्री में हुए फर्जीवाड़े की जड़ें तलाशने के बाद एक बार फिर फर्जी शिक्षकों की जांच होगी। इसके लिए एसआईटी द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग को दूसरी सीडी भेजी जा रही है। सीडी मिलने की सूचना अभी गोपनीय है। इसके बाद भी कुछ लोगों को इसकी भनक लग गई है। सूचना के बाद फर्जी शिक्षकों में खलबली मच गई है।
वर्ष 2004 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएड डिग्री में फर्जीवाड़ा हुआ था। हजारों लोगों को जहां फर्जी मार्कशीट जारी कर दी गई थी। इसकी जांच विशेष जांच दल लखनऊ द्वारा की जा रही है। जांच में फर्जी डिग्रीधारकों को चिह्नित करने के बाद एक सूची जारी की गई थी। जब इस सूची से जिले में तैनात शिक्षकों की सूची का मिलान किया गया तो यहां भी फर्जी शिक्षकों की लंबी लिस्ट सामने आई थी।
अब एसआईटी के एक अधिकारी ने बीएसए कार्यालय में दूसरी सीडी भेजने की जानकारी फोन पर दी है। एसआईटी ने ये सूची एक बार फिर जांच के बाद तैयारी की है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस सीडी में पिछली सीडी की अपेक्षा नये नाम शामिल हो सकते हैं। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग इस पूरे मामले को गोपनीय रखे हुए है। ये सीडी आने के बाद अन्य शिक्षक भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
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पहले जो सीडी एसआईटी ने भेजी थी, उसका जिले में तैनात शिक्षकों की सूची से मिलान किया गया था। इसके बाद जिले में कुल 81 शिक्षक ऐसे सामने आए थे, जिनकी बीएड की डिग्री या तो फर्जी थी या फिर उसमें अंक बढ़वाए गए थे। इन शिक्षकों को बर्खास्तगी के दो नोटिस भी जारी किए गए थे।
तीन माह पहले एसआईटी ने पत्र भेजकर एक शिक्षक का नाम फर्जी डिग्रीधारकों की सूची से हटाने के निर्देश दिए थे। पत्र में कहा गया था कि किसी गड़बड़ी के कारण उनका नाम सूची में दर्ज हो गया है। इसके बाद बीएसए कार्यालय से दोबारा इस पत्र की पुष्टि कराने के लिए एसआईटी को पत्र लिखा गया था। इसका अब तक कोई जवाब नहीं आया है।
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वर्ष 2004 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएड डिग्री में फर्जीवाड़ा हुआ था। हजारों लोगों को जहां फर्जी मार्कशीट जारी कर दी गई थी। इसकी जांच विशेष जांच दल लखनऊ द्वारा की जा रही है। जांच में फर्जी डिग्रीधारकों को चिह्नित करने के बाद एक सूची जारी की गई थी। जब इस सूची से जिले में तैनात शिक्षकों की सूची का मिलान किया गया तो यहां भी फर्जी शिक्षकों की लंबी लिस्ट सामने आई थी।
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अब एसआईटी के एक अधिकारी ने बीएसए कार्यालय में दूसरी सीडी भेजने की जानकारी फोन पर दी है। एसआईटी ने ये सूची एक बार फिर जांच के बाद तैयारी की है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस सीडी में पिछली सीडी की अपेक्षा नये नाम शामिल हो सकते हैं। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग इस पूरे मामले को गोपनीय रखे हुए है। ये सीडी आने के बाद अन्य शिक्षक भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
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पहले जो सीडी एसआईटी ने भेजी थी, उसका जिले में तैनात शिक्षकों की सूची से मिलान किया गया था। इसके बाद जिले में कुल 81 शिक्षक ऐसे सामने आए थे, जिनकी बीएड की डिग्री या तो फर्जी थी या फिर उसमें अंक बढ़वाए गए थे। इन शिक्षकों को बर्खास्तगी के दो नोटिस भी जारी किए गए थे।
तीन माह पहले एसआईटी ने पत्र भेजकर एक शिक्षक का नाम फर्जी डिग्रीधारकों की सूची से हटाने के निर्देश दिए थे। पत्र में कहा गया था कि किसी गड़बड़ी के कारण उनका नाम सूची में दर्ज हो गया है। इसके बाद बीएसए कार्यालय से दोबारा इस पत्र की पुष्टि कराने के लिए एसआईटी को पत्र लिखा गया था। इसका अब तक कोई जवाब नहीं आया है।