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जिला अस्पताल में घायल को नहीं मिला स्ट्रेचर
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:25 AM IST
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एटा। सड़क हादसे में घायल हुए मासूम बालक को इमरजेंसी से एक्सरे रूम तक पहुुंचने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला। इस पर परिजन बालक को गोद में उठाकर एक्सरे रूम तक ले गए। वहां से फिर गोद में बालक को इमरजेंसी तक लाया गया। इमरजेंसी में चिकित्सक न मिलने पर परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए।
लाख प्रयास के बाद भी जिला अस्पताल में मरीजों के प्रति लापरवाही बरतने का सिलसिला नहीं थम रहा है। इसमें चाहें अस्पताल में चिकित्सकों का समय से न पहुंचना हो या फिर समय से पहले उठ जाना। इतना ही नहीं चिकित्सकों की मनमानी के चलते मरीजों को समस्याओं का सामना करने के साथ ही उनके परिजन भी परेशानियों से गुजर रहे हैं।
ऐसा ही एक और मामला मंगलवार दोपहर प्रकाश में आया। शहर के वनगांव निवासी बालक कमल पुत्र छोटेलाल बाइक की टक्कर से घायल हो गया था। जिसे परिजनों ने जिला अस्पताल ले गये। यहां परिजनों को बालक को एक्सरे रूम ले जाना था, इसके लिए वह स्ट्रेचर देखते रहे लेकिन उन्हें नहीं मिला। इस पर बालक को परिजन गोद में उठाकर इमरजेंसी से एक्सरे रूम लाए।
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इमरजेंसी पहुंचने के बाद परिजन बालक को हड्डी रोग विशेषज्ञ के कमरे में ले गए। जहां चिकित्सक नदारद थे। इस पर परिजन उपचार के अभाव में बालक को जिला अस्पताल से निजी अस्पताल में ले गए। निजी अस्पताल ले जाते समय घायल बालक के परिजन सरकारी व्यवस्थाओं को कोसते नजर आए।
लाख प्रयास के बाद भी जिला अस्पताल में मरीजों के प्रति लापरवाही बरतने का सिलसिला नहीं थम रहा है। इसमें चाहें अस्पताल में चिकित्सकों का समय से न पहुंचना हो या फिर समय से पहले उठ जाना। इतना ही नहीं चिकित्सकों की मनमानी के चलते मरीजों को समस्याओं का सामना करने के साथ ही उनके परिजन भी परेशानियों से गुजर रहे हैं।
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ऐसा ही एक और मामला मंगलवार दोपहर प्रकाश में आया। शहर के वनगांव निवासी बालक कमल पुत्र छोटेलाल बाइक की टक्कर से घायल हो गया था। जिसे परिजनों ने जिला अस्पताल ले गये। यहां परिजनों को बालक को एक्सरे रूम ले जाना था, इसके लिए वह स्ट्रेचर देखते रहे लेकिन उन्हें नहीं मिला। इस पर बालक को परिजन गोद में उठाकर इमरजेंसी से एक्सरे रूम लाए।
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इमरजेंसी पहुंचने के बाद परिजन बालक को हड्डी रोग विशेषज्ञ के कमरे में ले गए। जहां चिकित्सक नदारद थे। इस पर परिजन उपचार के अभाव में बालक को जिला अस्पताल से निजी अस्पताल में ले गए। निजी अस्पताल ले जाते समय घायल बालक के परिजन सरकारी व्यवस्थाओं को कोसते नजर आए।