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गंगा घाट पर जमी कांवड़ियों की टोलियां
Updated Mon, 12 Feb 2018 11:07 PM IST
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गंगा घाट पर जमा कांवड़ियों का डेरा
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज/सोरों।
पिछले 10 दिनों से चल रहा कांवड़ मेला परवान चढ़ गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में कांवड़िया लहरा गंगा तट पर डटे हुए थे। यह नजारा 48 घंटो से बना हुआ है। कासगंज से लेकर लहरा गंगा घाट तक शिवभक्त कांवड़ियों की टोलियां ही नजर आ रही हैं।
14 फरवरी को शिवालयों में शिवभक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। सोमवार को हजारों कांवड़ियों का हजूम लहरा गंगा घाट पर नजर आया। घाट पर हर तरफ कांवड़िया ही नजर आ रहे थे। उन्होंने गंगा स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया। गंगाजल भरने के बाद श्रद्धालुओं ने कांवड़ की पूजा करते हुए परिक्रमा की। भगवान भोलेनाथ से कांवड़ यात्रा सफल करने की मनौती मांगी। कावडिय़ों ने भोले के जयकारे लगाते हुए कावड़े उठाईं और गंतव्य की ओर चल दिए।
पूरे दिन रुक-रुककर बारिश होती रही, लेकिन कांवड़िये उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। तीर्थनगरी के बाजारों से लेकर कासगंज तक कांवड़ियों की कतार बनी हुई थी। जगह जगह कांवड़िये विश्राम करते नजर आ रहे थे। कांवड़ों की साज सज्जा भी आकर्षण का केंद्र थी। सोरों में लगे कांवड़ मेले के दुकानदारों को बारिश के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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सड़क किनारे काफी संख्या में अस्थायी दुकानें कांवड़ों की साज सज्जा की लगी हई हैं। कांवड़ियों की टोलियों को लेकर ओवरलोड टेंपो कासगंज से लहरा के बीच दौड़ते रहे। वाहनों की छतों पर खाली कांवड़ रखी होती थीं और शिव भक्त वाहनों पर इधर उधर लटके नजर आ रहे थे। लहरा से कासगंज तक जगह जगह भंडारे सजे हुए थे। विहिप के सेवा शिविर में स्वयं विहिप के बृज प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद जाजू पचवाला परिवार व समाजसेवियों के साथ कावड़ सेवा में लगे नजर आए।
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पिछले 10 दिनों से चल रहा कांवड़ मेला परवान चढ़ गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में कांवड़िया लहरा गंगा तट पर डटे हुए थे। यह नजारा 48 घंटो से बना हुआ है। कासगंज से लेकर लहरा गंगा घाट तक शिवभक्त कांवड़ियों की टोलियां ही नजर आ रही हैं।
14 फरवरी को शिवालयों में शिवभक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। सोमवार को हजारों कांवड़ियों का हजूम लहरा गंगा घाट पर नजर आया। घाट पर हर तरफ कांवड़िया ही नजर आ रहे थे। उन्होंने गंगा स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया। गंगाजल भरने के बाद श्रद्धालुओं ने कांवड़ की पूजा करते हुए परिक्रमा की। भगवान भोलेनाथ से कांवड़ यात्रा सफल करने की मनौती मांगी। कावडिय़ों ने भोले के जयकारे लगाते हुए कावड़े उठाईं और गंतव्य की ओर चल दिए।
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पूरे दिन रुक-रुककर बारिश होती रही, लेकिन कांवड़िये उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। तीर्थनगरी के बाजारों से लेकर कासगंज तक कांवड़ियों की कतार बनी हुई थी। जगह जगह कांवड़िये विश्राम करते नजर आ रहे थे। कांवड़ों की साज सज्जा भी आकर्षण का केंद्र थी। सोरों में लगे कांवड़ मेले के दुकानदारों को बारिश के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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सड़क किनारे काफी संख्या में अस्थायी दुकानें कांवड़ों की साज सज्जा की लगी हई हैं। कांवड़ियों की टोलियों को लेकर ओवरलोड टेंपो कासगंज से लहरा के बीच दौड़ते रहे। वाहनों की छतों पर खाली कांवड़ रखी होती थीं और शिव भक्त वाहनों पर इधर उधर लटके नजर आ रहे थे। लहरा से कासगंज तक जगह जगह भंडारे सजे हुए थे। विहिप के सेवा शिविर में स्वयं विहिप के बृज प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद जाजू पचवाला परिवार व समाजसेवियों के साथ कावड़ सेवा में लगे नजर आए।