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45 मिनट बेहोश पड़ी रही महिला, नहीं पहुंचे रेलवे के डॉक्टर
Updated Tue, 18 Jul 2017 11:52 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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टूंडला (फिरोजाबाद)। उत्तर मध्य रेलवे चिकित्सालय के चिकित्सकों की लापरवाही मंगलवार को एक बार फिर सामने आई। बेहोशी की हालत में महिला रेल यात्री 45 मिनट तक प्लेटफार्म पर पड़ी रही। इस बीच न तो महिला को देखने रेलवे चिकित्सक पहुंचा और न ही मौके पर एंबुलेंस उपलब्ध हुई। बाद में एंबुलेंस से महिला रेल यात्री को रेलवे चिकित्सालय से फिरोजाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सुबह साढ़े दस बजे करीब नीलांचल एक्सप्रेस से नई दिल्ली से कानपुर जा रही महिला रेल यात्री सुनीता (40) कोच नंबर एस-10 की बर्थ नंबर 33 पर अपनी दो बेटियों के साथ यात्रा कर रही थीं। हाथरस के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और बेहोश हो गईं। इसकी जानकारी मुख्य नियंत्रण कक्ष टूंडला को दी गई।
नियंत्रण कक्ष ने एसएस टूंडला को रेलवे चिकित्सालय से चिकित्सक बुलवाने के निर्देश दिए लेकिन मरीज को अटेंड करने चिकित्सक की बजाय सहायक को भेज दिया गया। इस पर महिला को उपचार नहीं हो सका। 45 मिनट बाद एंबुलेंस के पहुंचने पर महिला रेल यात्री को रेलवे चिकित्सालय लाया गया। यहां से महिला को जिला अस्पताल फिरोजाबाद के लिए रेफर कर दिया गया। इस दौरान महिला 45 मिनट तक प्लेटफार्म पर ही पड़ी रही।
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ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है जब मरीज को अटेंड करने के लिए चिकित्सक स्टेशन पर गए ही नहीं हों। कुछ दिन पूर्व ही एक महिला के पेट में तेज दर्द होने पर उसने चिकित्सक की मांग की थी लेकिन उस समय भी रेलवे चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचा था और सहायक को भेज दिया था।
उत्तर मध्य रेलवे चिकित्सालय टूंडला के वरिष्ठ चिकित्सक डा. अविनाश का कहना है कि महिला को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। वह बेहोश हो गई थी जिस पर उसे प्राथमिक उपचार देकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। एंबुलेंस मरीज को लेकर आगरा गई थी।
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सुबह साढ़े दस बजे करीब नीलांचल एक्सप्रेस से नई दिल्ली से कानपुर जा रही महिला रेल यात्री सुनीता (40) कोच नंबर एस-10 की बर्थ नंबर 33 पर अपनी दो बेटियों के साथ यात्रा कर रही थीं। हाथरस के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और बेहोश हो गईं। इसकी जानकारी मुख्य नियंत्रण कक्ष टूंडला को दी गई।
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नियंत्रण कक्ष ने एसएस टूंडला को रेलवे चिकित्सालय से चिकित्सक बुलवाने के निर्देश दिए लेकिन मरीज को अटेंड करने चिकित्सक की बजाय सहायक को भेज दिया गया। इस पर महिला को उपचार नहीं हो सका। 45 मिनट बाद एंबुलेंस के पहुंचने पर महिला रेल यात्री को रेलवे चिकित्सालय लाया गया। यहां से महिला को जिला अस्पताल फिरोजाबाद के लिए रेफर कर दिया गया। इस दौरान महिला 45 मिनट तक प्लेटफार्म पर ही पड़ी रही।
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ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है जब मरीज को अटेंड करने के लिए चिकित्सक स्टेशन पर गए ही नहीं हों। कुछ दिन पूर्व ही एक महिला के पेट में तेज दर्द होने पर उसने चिकित्सक की मांग की थी लेकिन उस समय भी रेलवे चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचा था और सहायक को भेज दिया था।
उत्तर मध्य रेलवे चिकित्सालय टूंडला के वरिष्ठ चिकित्सक डा. अविनाश का कहना है कि महिला को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। वह बेहोश हो गई थी जिस पर उसे प्राथमिक उपचार देकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। एंबुलेंस मरीज को लेकर आगरा गई थी।