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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   1.6-Crore Cow Shelter Remains Unused Two Years After Construction Waterlogging Blocks Operations

ये तो हद ही हो गई: 1.60 करोड़ की गोशाला में गायें नहीं, उग रही दो फीट घास; दो साल से नहीं खुला दरवाजा

Tue, 08 Sep 2026 10:42 AM IST
Dhirendra Singh देवेश शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
देवेश शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Tue, 08 Sep 2026 10:42 AM IST
सार

अछनेरा के कचौरा मार्ग पर 1.60 करोड़ रुपये से बना 400 गोवंश क्षमता वाला गो संरक्षण केंद्र निर्माण पूरा होने के दो साल बाद भी संचालित नहीं हो सका है। नाले से परिसर की सतह नीची होने के कारण पानी भरा है और घास उग आई है, जबकि सैकड़ों छुट्टा गोवंश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
 

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1.6-Crore Cow Shelter Remains Unused Two Years After Construction Waterlogging Blocks Operations
गोशाला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के अछनेरा में कचौरा मार्ग पर 1.60 करोड़ रुपये की लागत से बनी गोशाला का निर्माण पूरा होने के दो साल बाद भी संचालन शुरू नहीं हो सका है। 400 गोवंशों की क्षमता वाले वृहद गो संरक्षण केंद्र की सतह नाले से नीची होने के कारण परिसर में गंदा पानी भरा रहता है। इसके कारण दो-दो फीट ऊंची घास उगी है। ऐसे में गोशाला का निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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फतेहपुर सीकरी विधायक चौधरी बाबूलाल ने छह नवंबर 2023 को वृहद गो संरक्षण केंद्र का शिलान्यास किया था। उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड (यूपीसीएलडीएफ) ने 15 सितंबर 2024 को निर्माण कार्य पूरा कर लिया था। इसके बाद गोशाला पशुपालन विभाग के सुपुर्द कर दी गई थी लेकिन इसमें आज तक एक भी पशु का संरक्षण नहीं किया गया।

 
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क्षेत्र में सैकड़ों छुट्टा गोवंशीय पशु सड़कों पर भटकने के साथ ही फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसकी शिकायतें लगातार अधिकारियों से भी की जा रही हैं। इसके बाद भी गो संरक्षण केंद्र बेकार पड़ा है। देखभाल नहीं होने से भवन भी जर्जर हो रहा है।

 
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यूपीसीएलडीएफ के अधिशासी अभियंता राजेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद केंद्र को पशुपालन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया था। पशुओं के संरक्षण की जिम्मेदारी पशुपालन विभाग की है।

 

... तो किसानों को मिले राहत
किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने कहा कि गोशाला जल्द से जल्द शुरू की जाए जिससे किसानों को छुट्टा पशुओं के कारण फसल को होने वाले नुकसान से राहत मिले। उन्होंने गोशाला के निर्माण और संचालन में हुई देरी की जांच कराने की भी मांग की।


 

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीके पांडेय ने बताया कि गो संरक्षण केंद्र की क्षमता 400 गोवंशों की है। परिसर में नाले का पानी भरने के कारण उपयोग नहीं हो पा रहा है। मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में भी है। 
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