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पीड़िता को बालिग बताने को क्या-क्या करने लगे बापू?
अमर उजाला, शाहजहांपुर
Updated Sat, 21 Sep 2013 08:17 AM IST
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दुराचार के आरोप में बुरी तरह फंस चुके आसाराम ने लड़की को बालिग ठहराने के लिए अपने साधकों को अब शाहजहांपुर दौड़ाना शुरू कर दिया है।
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इस क्रम में लखनऊ की एक कथित महिला वकील मनीषा श्रीवास्तव ने शुक्रवार को तीन अन्य साधकों के साथ सरस्वती शिशु मंदिर जाकर प्रधानाचार्य से आरटीआई एक्ट के तहत टीसी मांगी।
इसकी भनक लगते ही कोतवाली से दो इंस्पेक्टर, मीडियाकर्मी तथा स्कूल प्रबंधतंत्र से जुड़े लोग स्कूल पहुंच गए।
मामला गरमा-गरमी तक बढ़ा तो एक शख्स ने एक साधक पर हाथ छोड़ दिया। पुलिस ने बीचबचाव करते हुए चारों लोगों को वहां से भगा दिया।
आसाराम पर शहर की जिस नाबालिग लड़की से दुराचार करने का आरोप लगा है, उसको आसाराम के वकील बालिग करार देने की हरसंभव जुगत कर रहे हैं, ताकि आसाराम को जेल से बाहर निकलवाने में आसानी हो सके।
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इसी कड़ी में दो दिन पहले नगर पालिका परिषद में भी श्री योग वेदांत सेवा समिति लखनऊ के लेटरपैड पर प्रार्थना पत्र देकर लड़की की जन्मतिथि चौबीस घंटे के अंदर उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था, लेकिन कर्मचारियों और जन सूचना अधिकारी की सूझबूझ ने आसाराम के अनुयायियों की इस मंशा पर पानी फेर दिया।
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शुक्रवार को खुद को हाईकोर्ट बैंच लखनऊ की वकील बताने वाली मनीषा श्रीवास्तव आसाराम के अनुयायी चंदन वर्मा, अतुल कुमार और रमेश चंद्र के साथ सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य कक्ष में पहुंच गईं और जन सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लड़की की टीसी निकलवाने को दबाव बनाना शुरू कर दिया।
प्रधानाचार्य के इशारे पर स्टाफ के लोगों ने थाना कोतवाली और मीडिया कर्मियों को सूचना दे दी। इस पर सब इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह और सब इंस्पेक्टर संजय कुमार यादव मौके पर पहुंच गए।
इस बीच आसाराम के अनुयायियों और कथित वकील से पुलिस तथा स्कूल के पदाधिकारियों की नोकझोंक भी हुई। प्रधानाचार्य अरविंद कुमार वाजपेयी ने कहा कि वह छात्रा की टीसी किसी अनजान व्यक्ति को नहीं दे सकते। या तो कोर्ट टीसी मांगे अथवा लड़की के अभिभावक मांगें।
श्री वाजपेयी ने पुलिस को बताया कि 18 सितंबर को भी आठ-दस लोगों ने स्कूल में आकर टीसी के लिए धमकाया, एक कर्मचारी को रिश्वत की पेशकश भी की थी।
इधर मौके पर पहुंचे एक-दो लोगों ने एक अनुयायी पर हाथ भी छोड़ दिया। पुलिस ने जैसे-तैसे उन्हें समझाकर मामला शांत कराया और चारों लोगों को वहां से जाने को कहा।
भीड़ बढ़ती देख वकील समेत अन्य तीन लोग अपनी गाड़ी में बैठकर चले गए। मौके पर भाजपा के नगराध्यक्ष अनिल वाजपेयी वाण, स्कूल से जुड़े संत कुमार मिश्र, कमलेश कुमार समेत तमाम लोग मौके पर पहुंच चुके थे।
‘शरद से भी पुलिस को मिलेंगे पुख्ता सबूत’
शुक्रवार को जोधपुर में आसाराम के गुरुकुल के निदेशक शरद कुमार तथा गुरुकुल के संचालक प्रकाश के सरेंडर किए जाने पर पीड़िता के पिता ने कहा कि शरद ही वह व्यक्ति है, जिसने उन्हें खाना और बिटिया को दूध लाकर दिया था और कहा था कि बाबा ने भेजा है। शरद से पूछताछ में पुलिस को काफी सबूत मिल सकते हैं।
पिता ने बताया कि आसाराम के इशारे पर कुछ अनुयायी उनके आवास के इर्द-गिर्द भी चक्कर लगा रहे हैं और उनसे बात करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह फर्जी टीसी निकलवाकर बेटी को बालिग दिखाना चाहते हैं।
यहां से निकलवाई गई टीसी के आधार पर ही उन्होंने गुरुकुल में बेटी को प्रवेश दिलवाया था। फिर गुरुकुल के अभिलेख झूठे कैसे हो सकते हैं। बोले: ईश्वर सब देख रहा है, आसाराम चाहे जितने हथकंडे अपना लें, जीत सत्य की ही होगी। उन्हें ईश्वर पर पूरा भरोसा है।