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यूपी: 14 साल बाद हुआ इस घोटाले का खुलासा
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 14 Jul 2013 12:40 PM IST
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आलमबाग क्षेत्र के एक व्यापारी ने राजधानी नगर सहकारी बैंक लि के अधिकारियों से साठगांठ करके लाखों का गड़बड़ घोटाला कर डाला।
14 साल बाद बैंक प्रबंधन ने जांच कराई। दो तत्कालीन अधिकारियों को निलंबित करने के साथ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पुलिस के मुताबिक, राजधानी नगर सहकारी बैंक लिमिटेड मुख्यालय के उप प्रबंधक/वसूली प्रभारी दिव्य त्रिवेदी ने मेसर्स तरुण इंटरप्राइजेज के पार्टनर विजय कुमार गुप्ता, बैंक की आलमबाग शाखा के तत्कालीन प्रबंधक दिलीप कुमार निगम के अलावा कई और लोगों के खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।
आरोप है कि विजय कुमार गुप्ता ने तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक अमरदीप अवस्थी से मिलकर 26 सितंबर 97 को अपनी फर्म का खाता खोला था।
इसके बाद तत्कालीन प्रबंधक दिलीप कुमार निगम व अन्य अधिकारियों से साठगांठ करके 24 जुलाई 2000 को चार लाख की कैश क्रेडिट लिमिट स्वीकृत कराकर 17.42 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई।
गारंटर विकास कुमार गुप्ता ने जिस भूमि के दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। उसे वह अन्य व्यक्तियों को बेच चुका था। घोटाले की जानकारी पर वर्तमान सचिव जवाहर कपूर ने कार्रवाई के आदेश दिए थे।
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इस पर बैंक प्रबंधन ने दिलीप कुमार निगम व विनोद कुमार दुबे को निलंबित कर दिया और रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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14 साल बाद बैंक प्रबंधन ने जांच कराई। दो तत्कालीन अधिकारियों को निलंबित करने के साथ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पुलिस के मुताबिक, राजधानी नगर सहकारी बैंक लिमिटेड मुख्यालय के उप प्रबंधक/वसूली प्रभारी दिव्य त्रिवेदी ने मेसर्स तरुण इंटरप्राइजेज के पार्टनर विजय कुमार गुप्ता, बैंक की आलमबाग शाखा के तत्कालीन प्रबंधक दिलीप कुमार निगम के अलावा कई और लोगों के खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।
आरोप है कि विजय कुमार गुप्ता ने तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक अमरदीप अवस्थी से मिलकर 26 सितंबर 97 को अपनी फर्म का खाता खोला था।
इसके बाद तत्कालीन प्रबंधक दिलीप कुमार निगम व अन्य अधिकारियों से साठगांठ करके 24 जुलाई 2000 को चार लाख की कैश क्रेडिट लिमिट स्वीकृत कराकर 17.42 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई।
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गारंटर विकास कुमार गुप्ता ने जिस भूमि के दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। उसे वह अन्य व्यक्तियों को बेच चुका था। घोटाले की जानकारी पर वर्तमान सचिव जवाहर कपूर ने कार्रवाई के आदेश दिए थे।
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इस पर बैंक प्रबंधन ने दिलीप कुमार निगम व विनोद कुमार दुबे को निलंबित कर दिया और रिपोर्ट दर्ज कराई है।