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जिंदगी से हताश चार ने दी जान
Lucknow
Updated Mon, 13 May 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। राजधानी व आसपास इलाकों में जिंदगी से हताश विवाहिता समेत चार लोगों ने खुदकुशी कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। ठाकुरगंज के पीर बुखारा निवासी प्रदीप (30) नगर निगम में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था। नशे की लत के चलते पत्नी प्रार्थना से अक्सर उसकी कहासुनी होती रहती थी। शनिवार रात भी प्रदीप नशे में धुत होकर घर पहुंचा। इसे लेकर दोनों में जमकर झगड़ा हुआ। इसके बाद प्रदीप मकान के तीसरे मंजिल पर बने अपने कमरे में चला गया। कुछ देर पर प्रार्थना ऊपर पहुंची। प्रदीप को फंदे पर लटकते देख उसकी चीख निकल गई। इस दौरान देवर वीरेंद्र भी पहुंच गया। आननफानन में परिवार के लोग प्रदीप को ट्रॉमा सेंटर ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उधर, निगोंहा के शेरपुर लवन निवासी रिंकी की शादी राजापुर निवासी सुरेंद्र मिश्र से हुई थी। शादी के बाद से रिंकी मायके में ही रहकर 11वीं की पढ़ाई कर रही थी। शनिवार को प्रयोगात्मक खराब होने के चलते रिंकी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हादसे के समय घर पर कोई नहीं था। कुछ देर बाद पहुंची मां ने बेसुध पड़ा देख परिवार के लोगों को सूचना दी। गंभीर हालत में उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, मोहनलालगंज के धरमावत खेड़ा गंाव की रहने वाली शांति सिंह की पुत्री आरती सिंह(19) बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी। भाई जयप्रकाश के अनुसार पिछले माह परीक्षा के दौरान अंग्रेजी का पेपर खराब होने से आरती तनाव में थी। शनिवार की रात सबके सोने के बाद आरती ने फांसी लगा ली। रविवार सुबह जब मां जगाने पहुंची तो वह दुपट्टे के सहारे फंदे पर लटकी मिली। उधर, माल के शाहपुर गांव निवासी किसान छोटक्के (35) ने मकान बनवाने के लिए कुछ लोगों से कर्ज लिया था। रविवार सुबह पेड़ बेचकर कर्ज चुकाने की बात को लेकर उसका पत्नी से विवाद हो गया। इससे नाराज छोटक्के ने अपने आम के बाग में फांसी लगाकर जान दे दी। ग्रामीणों ने नजर पड़ने पर परिवार के लोगों को सूचना दी। घरवालों ने बिना पुलिस को सूचना दिए उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
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