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तिहरे हत्याकांड का खुलासा, एक गिरफ्तार
Lucknow
Updated Sat, 13 Apr 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। मड़ियांव के प्रीतिनगर में जनक दुलारी, उसके पति गुड्डू और मासूम बेटे तरुण का कातिल कोई गैर नहीं बल्कि जनक दुलारी का सगा भाई राजेश उर्फ गोकुल था। बहन-बहनोई की चरित्रहीनता से आजिज आकर उसने जघन्य वारदात अंजाम दे डाली। पुलिस ने शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर तिहरे हत्याकांड का खुलासा किया। एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि एसओ मड़ियांव रामबाबू यादव ने तिहरे हत्याकांड में संदेह के घेरे में आए जनक दुलारी के भाई गोकुल को आज हिरासत में लेकर पूछताछ की। सीतापुर के खैराबाद थाने के गांव भवानीपुर निवासी गोकुल ने बहन, बहनोई और भांजे के कत्ल का जुर्म कबूल लिया। उसके कब्जे से गुड्डू का मोबाइल, सिमकार्ड व वारदात को अंजाम देने के दौरान पहने कपड़े बरामद हुए हैं। गोकुल ने खुलासा किया कि बहन-बहनोई की चरित्रहीनता से आजिज आकर उसने उन्हें ठिकाने लगाने का इरादा बनाया था। इसके चलते मंगलवार शाम लखनऊ आया। एक मेडिकल स्टोर से नींद की चार गोलियां खरीदीं और शाम 7:30 बजे अपनी बहन जनक दुलारी उर्फ रामदुलारी उर्फ शीला के घर पहुंचा। गुड्डू शौच के लिए गया था। जनक दुलारी पड़ोस की दुकान से चीनी लाई और अपने भाई के लिए चाय बनाने लगी। इस दौरान गोकुल ने नींद की गोलियां चाय में डाल दी। खुद चाय पीने से इनकार करते हुए खाना परोसने को कहा। जनक दुलारी और गुड्डू ने चाय पीने के बाद खाना खाया। इसके बाद सभी लोग बिस्तर लगाकर लेट गए। गोकुल टीवी पर फिल्म देखते हुए बहन-बहनोई के सोने का इंतजार करता रहा। उन्हें गहरी नींद आने पर गोकुल ने सिलबट्टा उठाया। पहला वार गुड्डू पर किया। इसके बाद जनक दुलारी पर हमला करके उसे मार डाला। गुड्डू को जीवित देख वह दूसरा वार करने के लिए बढ़ा। गंभीर रूप से घायल गुड्डू ने जान बचाने के लिए हाथापाई की। नींद की गोलियों के नशे के चलते गुड्डू मुकाबले या शोर मचाने की स्थिति में नहीं था। गोकुल ने उसके गिराने के बाद सिलबट्टा दुबारा उठाया और मौत के घाट उतार डाला।
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